कार्यशालाः लिंग आधारित हिंसा एवं बाल विवाह मुक्त भारत पर वक्ताओं ने रखें विचार
2024-12-10 05:39 PM
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रायपुर। यूजीसी नई दिल्ली के निर्देश पर पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर की महिला अध्य्यन शाला द्वारा लिंग आधारित हिंसा उन्मूलन एवं बाल विवाह मुक्त भारत पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन 10 दिसंबर को किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता क्रिस्टीना एस.लाल, संयुक्त, संचालक, महिला एवं बाल विकास छत्तीसगढ़ शासन थी। वक्ता के रुप में डॉ. अशोक त्रिपाठी,उपाध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद पहुंचे थे।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि योगिता रावत, सहायक महाप्रबंधक, हीरा ग्रुप गोदावरी पावर इस्पात लिमिटेड, सिलतरा, रायपुर, प्रो.रीता वेणुगोपाल, संचालक, प्रो.प्रियम्वदा श्रीवास्तव, एसोसिएड डायरेक्टर, महिला अध्ययन केन्द्र पं.रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय एवं प्राध्यापकगण तथा विश्वविद्यालय के विभिन्न अध्ययनशालाओं के छात्र/छात्राएं उपस्थित थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना एवं दीप प्रज्जवलन से की गई तत्पश्चात् प्रो.रीता वेणुगोपाल ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों का स्वागत् उद्बोधन कर कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए मुख्य वक्ता क्रिस्टीना एस.लाल को वक्तव्य के लिए आमंत्रित किया। क्रिस्टीना ने अपने वक्तव्य में महिलाओं पर होने वाले यौन उत्पीड़न के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए कार्यस्थल पर कैसे सावधान रहे एवं बाल विवाह से संबंधित छत्तीसगढ़ में चल रहे नवा बिहान योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।
इसी अनुक्रम में वक्ता के रूप में आमंत्रित डॉ. अशोक त्रिपाठी ने बाल विवाह से संबंध में सतर्कता एवं इसे रोकने के लिए शासन की विभिन्न योजनाओं के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि बच्चों की शारीरिक एवं मानसिक विकास नहीं होने से बच्चों पर बाल विवाह का विपरित प्रभाव पड़ता है। उन्होंने बाल विवाह के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि विवाह की सही आयु 21 वर्ष करने चाहिए। ताकि लड़की विवाह के लिए शारीरिक एवं मानसिक रूप से पूर्ण तैयार रहे। वर्तमान में सभी लड़कीयों को आत्म सुरक्षा सेल्फ डिफेन्स भी सीखने चाहिए ताकि विपरित समय आने पर अपनी रक्षा स्वयं कर सके।
कार्यक्रम अगले चरण में विशिष्ट अतिथि योगिता रावत ने बाल विवाह से संबंधित जानकारी देते हुए कहा कि बाल विवाह अपराध है एवं इसके विपरीत प्रभाव भी देखे गये है। इस संबंध में समाज में जागरूकता लाने के संबंध में जानकारी प्रदान करते हुए चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1089 द्वारा बच्चों की सुरक्षा के संबंध में जानकारी प्रदान किये।
कार्यक्रम के अंत में प्रो.प्रियम्वदा श्रीवास्तव, एसोसिएड डायरेक्टर महिला अध्ययन केन्द्र,पं.रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय,रायपुर द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित समस्त अतिथियों एवं प्राध्यापकों,विद्यार्थियों को धन्यवादन ज्ञापित करते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया।