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आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना लागू करने वाला ओडिशा 34वां राज्य बना

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण और ओडिशा के राज्य स्वास्थ्य एजेंसी ने एबी पीएम-जेएवाई योजना के तहत ओडिशा को शामिल करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

एबी पीएम-जेएवाई को ओडिशा में मौजूदा गोपबंधु जन आरोग्य योजना के साथ लागू किया जाएगा। यह प्रत्येक परिवार को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये का कवर प्रदान करेगा, जबकि महिला सदस्यों के लिए अतिरिक्त 5 लाख रुपये का प्रावधान है

ओडिशा के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। एबी पीएम-जेएवाई न केवल दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य कवरेज योजना है, बल्कि अवधारणा के बाद लागू होने वाली सबसे तेज़ योजना भी है। यह योजना पूरी तरह से डिजिटल है और भारत की लगभग 45% आबादी को कवर करती है : जेपी नड्डा

"योजना की शुरुआत से ही, अस्पताल में भर्ती होने वालों की संख्या 8.19 करोड़ दर्ज की गई हैं, इसमें समाज के हाशिए पर रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने पर 1.13 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं"

"दूरस्थ, दूर-दराज और अशांत क्षेत्रों में भी, अस्पताल में भर्ती होने वालों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है"

"एबी पीएम-जेएवाई के तहत 27 विशेषताओं में लगभग 2,000 चिकित्सा प्रक्रियाएं शामिल हैं, जिनमें बाईपास सर्जरी और घुटने के प्रतिस्थापन जैसी प्रमुख सर्जरी शामिल हैं"

हमारे राज्य के लोग, जो पहले लगभग 900 सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज करा रहे थे, अब 29,000 से अधिक सरकारी और निजी सूचीबद्ध अस्पतालों में कैश लेस उपचार प्राप्त कर सकेंगे: मोहन चरण माझी

"यह बहुत महत्तवपूर्ण अवसर है, क्योंकि यह ओडिशा की 86% आबादी की स्वास्थ्य स्थिति को बदल देगा"

नई दिल्ली | केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) द्वारा ओडिशा सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद ओडिशा आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएम-जेएवाई) को लागू करने वाला 34वां राज्य बन गया है। इस समझौते पर आज विज्ञान भवन, नई दिल्ली में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव और एनएचए की मुख्य कार्यकारी अधिकारी एल.एस. चांगसन और ओडिशा सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की आयुक्त-सह-सचिव अश्वथी एस. के बीच हस्ताक्षर किए गए।

हस्ताक्षर समारोह की अध्यक्षता केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने की। इस अवसर पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम, केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव, ओडिशा के उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव तथा ओडिशा सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, संसदीय कार्य तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. मुकेश महालिंग भी उपस्थित थे।

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएम-जेएवाई) को ओडिशा में मौजूदा गोपबंधु जन आरोग्य योजना (जीजेएवाई) के साथ मिलकर लागू किया जाएगा। यह प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये का कवर प्रदान करेगा, साथ ही महिला सदस्यों के लिए अतिरिक्त 5 लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे। लगभग 1.03 करोड़ परिवार इस एकीकृत योजना के अंतर्गत आएंगे, जिसमें 67.8 लाख परिवारों को केंद्र सरकार द्वारा सहायता प्रदान की जाएगी।

सभा को संबोधित करते हुए, श्री जे.पी. नड्डा ने कहा, "आज ओडिशा के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। एबी पीएम-जेएवाई न केवल दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य कवरेज योजना है, बल्कि अवधारणा के बाद से लागू होने वाली सबसे तेज़ योजना भी है"। उन्होंने कहा, "यह योजना पूरी तरह से डिजिटल है और भारत की लगभग 45% आबादी को कवर करती है।" उन्होंने यह भी कहा कि माननीय प्रधान मंत्री ने अक्टूबर 2024 में आयुष्मान वय वंदना कार्ड लॉन्च किया, जिससे 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के लगभग 6 करोड़ लोग लाभान्वित होंगे।

दक्षिण-पूर्व एशिया पर लैंसेट द्वारा हाल ही में किए गए अध्ययन का हवाला देते हुए नड्डा ने बताया कि एबी पीएम-जेएवाई ने कैंसर रोगियों के लिए स्वास्थ्य सेवा तक पहुँच को 33% तक बढ़ा दिया है। उन्होंने कैंसर के शुरुआती निदान में सुधार और विशेष रूप से महिलाओं के बीच स्वास्थ्य प्राप्ति व्यवहार को बढ़ावा देने में इस योजना की भूमिका पर भी प्रकाश डाला।

केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि एबी पीएम-जेएवाई के तहत 27 विशेषज्ञताओं में लगभग 2,000 चिकित्सा प्रक्रियाएं कवर की गई हैं, जिनमें बाईपास सर्जरी और घुटने के प्रतिस्थापन जैसी प्रमुख सर्जरी भी शामिल हैं।

जुएल ओराम ने राज्य के लोगों, विशेषकर जनजातीय, वंचित और प्रवासी आबादी के लिए एबी पीएमजेएवाई के सकारात्मक प्रभाव पर प्रकाश डाला।

कनक वर्धन सिंह देव ने कहा कि, “गोपबंधु जन आरोग्य योजना को एबी पीएम-जेएवाई के साथ एकीकृत करने से, ओडिशा अब स्वास्थ्य असमानताओं को दूर करने, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को प्राथमिकता देने और शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच स्वास्थ्य देखभाल के अंतर को पाटने में सक्षम है।”

डॉ. मुकेश महालिंग ने कहा कि समझौता ज्ञापन ओडिशा के निवासियों और इसके प्रवासी श्रमिकों के लिए देश भर में सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त करेगा।

इस अवसर पर केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव, ओडिशा के मुख्य सचिव मनोज आहूजा तथा केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और ओडिशा सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 

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