रायपुर। हिदायतुल्लाह नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (HNLU), रायपुर में आयोजित 3rd जस्टिस हिदायतुल्लाह इंटरनेशनल मूट कोर्ट प्रतियोगिता (Justice Hidayatullah International Moot Court Competition – HIMCC) 2026 का खिताब इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ, निरमा यूनिवर्सिटी, गांधीनगर ने अपने नाम कर लिया। विजेता टीम को चैंपियनशिप ट्रॉफी के साथ ₹2,00,000 की नकद पुरस्कार राशि प्रदान की गई। वहीं नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, ओडिशा को रनर-अप घोषित किया गया, जिसे ₹1,50,000 की पुरस्कार राशि दी गई।
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट व्यक्तिगत और टीम प्रदर्शन के लिए भी प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। सर्वश्रेष्ठ वक्ता (Best Speaker) का पुरस्कार सिया गणात्रा, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, ओडिशा को मिला। सर्वश्रेष्ठ मेमोरियल (Best Memorial) का सम्मान नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज़ यूनिवर्सिटी, गांधीनगर को प्रदान किया गया, जबकि सर्वश्रेष्ठ शोधकर्ता (Best Researcher) का पुरस्कार कनिष्क गुप्ता, कर्णावती यूनिवर्सिटी को मिला। ये सभी पुरस्कार समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान विशिष्ट अतिथियों द्वारा प्रदान किए गए।
इस वर्ष की मूट समस्या ऊर्जा कानून और जलवायु शासन से जुड़े समकालीन मुद्दों पर आधारित थी, जिसमें ऊर्जा संक्रमण, सतत विकास और विनियामक शासन से संबंधित जटिल कानूनी प्रश्नों को शामिल किया गया। इस मूट समस्या का प्रारूप प्रो. आर. मुरलीधरन (Manu Associates) तथा हिदायतुल्लाह नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के विज़िटिंग फैकल्टी द्वारा तैयार किया गया था।
हिदायतुल्लाह नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, रायपुर ने 13 से 15 मार्च 2026 के बीच इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया। प्रतियोगिता में भारत सहित विदेशों के प्रतिष्ठित विधि संस्थानों के छात्रों ने भाग लिया और तीन दिनों तक गहन कानूनी बहस, शोध और न्यायालयीय अनुकरण (Courtroom Simulation) के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता के मेमोरियल राउंड के लिए कुल 46 पंजीकरण प्राप्त हुए, जिनमें से 32 टीमों को मौखिक दौर (Oral Rounds) के लिए चयनित किया गया। इन टीमों में कुल 95 प्रतिभागी शामिल थे, जो भारत के 16 राज्यों, 2 केंद्रशासित प्रदेशों और 2 विदेशी देशों का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। प्रतियोगिता का मूल्यांकन 57 न्यायाधीशों के प्रतिष्ठित पैनल द्वारा किया गया, जिन्हें 20 संकाय स्वयंसेवकों और लगभग 390 छात्र स्वयंसेवकों का सहयोग प्राप्त हुआ।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि आर. वेंकटरमणि, भारत के महान्यायवादी (Attorney General for India) ने अपने संबोधन में विधि शिक्षा में मूटिंग के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि ऐसी प्रतियोगिताओं का महत्व केवल परिणाम में नहीं, बल्कि उस प्रक्रिया में निहित है जो छात्रों की शोध क्षमता, विश्लेषणात्मक सोच, वकालत कौशल और आत्मविश्वास को सुदृढ़ बनाती है।
सभा को संबोधित करते हुए हिदायतुल्लाह नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. वी. सी. विवेकानंदन ने कहा कि यह प्रतियोगिता धीरे-धीरे एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मूटिंग मंच के रूप में स्थापित हो रही है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष प्रतियोगिता में 46 पंजीकरणों में से 32 टीमों के 95 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनका मूल्यांकन 57 न्यायाधीशों द्वारा किया गया तथा प्रतियोगिता की कुल पुरस्कार राशि ₹5.5 लाख रही।
समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में प्रो. रणबीर सिंह, प्रो-चांसलर, IILM यूनिवर्सिटी; पी. वी. एस. गिरिधर, वरिष्ठ अधिवक्ता, मद्रास उच्च न्यायालय; प्रो. आर. मुरलीधरन, विज़िटिंग प्रोफेसर, HNLU; प्रो. उदय शंकर, प्रोफेसर, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर; तथा प्रो. योगेंद्र कुमार श्रीवास्तव, डीन (पीजी), हिदायतुल्लाह नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इससे पूर्व डॉ. दीपक कुमार श्रीवास्तव, रजिस्ट्रार (प्रभारी), हिदायतुल्लाह नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी ने अतिथियों का स्वागत किया। डॉ. अमितेश देशमुख ने प्रतियोगिता की प्रमुख झलकियाँ प्रस्तुत करते हुए प्रतिभागी टीमों के समर्पण और उत्साह की सराहना की। कार्यक्रम का समापन डॉ. मयंक श्रीवास्तव, ऑर्गेनाइजिंग को-सेक्रेटरी, HIMCC द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
प्रतियोगिता का सफल आयोजन डॉ. अनिंद्य तिवारी, मूट कोर्ट समिति के संयोजक, तथा विश्वविद्यालय के छात्र स्वयंसेवकों के नेतृत्व में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नेपाल से आई प्रतिभागी टीम को विशेष सम्मान प्रदान किया गया। साथ ही हिदायतुल्लाह नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की उस टीम को भी बधाई दी गई जिसने फिलिप सी. जेसप इंटरनेशनल लॉ मूट कोर्ट प्रतियोगिता के इंडिया राउंड्स में विजेता बनकर वॉशिंगटन डी.सी. में आयोजित अंतरराष्ट्रीय राउंड्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने का गौरव प्राप्त किया है।
एक और सफल संस्करण के साथ जस्टिस हिदायतुल्लाह इंटरनेशनल मूट कोर्ट प्रतियोगिता ने वकालत कौशल, कानूनी शोध और शैक्षणिक उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने की हिदायतुल्लाह नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की परंपरा को और सुदृढ़ किया है तथा विधि छात्रों को समकालीन वैश्विक कानूनी चुनौतियों से जुड़ने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया है।