छत्तीसगढ़
पूर्व सांसद के बंगले में CAF जवान ने सर्विस रायफल से खुद को मारी गोली
रायपुर। छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले के छुईखदान थाना के उदयपुर में स्थित पूर्व विधायक व पूर्व सांसद स्व. देवव्रत सिंह के बंगले में CAF जवान ने खुद के सर्विस राइयफ से गोली मारकर अपनी जान दे दी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस जांच में जुट गई है।
बता दें, कि पूर्व विधायक देवव्रत सिंह के निधन के बाद उनके संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते प्रशासन ने उदयपुर स्थित उनके निवास को सील कर दिया था और वहां सुरक्षा के लिए CAF के जवानों की तैनाती की गई थी। मृतक जवान भी उसी सुरक्षा ड्यूटी का हिस्सा था। जवान ने अपनी ही सर्विस रायफल से खुद को गोली मारी। साथी जवानों ने उसे खून से लथपथ हालत में पाया और तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृत जवान की पहचान कृपाचंद सोनवानी के रूप में हुई है, जो छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की छठवीं बटालियन में पदस्थ था। वह मूल रूप से भिलाई का निवासी था। घटना सोमवार शाम करीब साढ़े पांच से छह बजे के बीच की बताई जा रही है। इस घटना की पुष्टि पुलिस महानिरीक्षक बालाजीराव सोमावार ने की है।
स्कूल की मान्यता नहीं और एडमिशन के लिए विज्ञापन.... हाईकोर्ट ने दिखाई सख्ती
रायपुर। बिलासपुर हाईकोर्ट ने बिना मान्यता संचालित स्कूलों द्वारा प्रवेश के लिए विज्ञापन जारी करने को लेकर गंभीरता दिखाई। अदालत ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को इस पूरे मामले में व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। साथ ही जिन स्कूलों का नाम विज्ञापन में सामने आया है, उन्हें भी पक्षकार बनाते हुए नोटिस जारी किया गया है। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच में हुई। यह कार्यवाही जनहित याचिका में इंटरवीनर के तौर पर शामिल विकास तिवारी द्वारा उठाए गए मुद्दों के आधार पर की गई।
सुनवाई के दौरान इंटरवीनर ने अदालत को जानकारी दी कि उन्होंने बिना मान्यता वाले स्कूलों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत को 5 फरवरी 2026 को लोक शिक्षण संचालनालय ने दुर्ग, रायपुर और बिलासपुर के जिला शिक्षा अधिकारियों को भेजा था। साथ ही निर्देश दिया गया था कि एक सप्ताह के भीतर इस पर कार्रवाई कर रिपोर्ट दी जाए। हालांकि तय समय बीत जाने के बाद भी इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इस पर अदालत ने नाराजगी जाहिर करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि अगली सुनवाई से पहले कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट पेश की जाए।
सुनवाई के दौरान इंटरवीनर ने अदालत के समक्ष एक पत्रिका में प्रकाशित एडमिशन विज्ञापन भी प्रस्तुत किया। इस विज्ञापन में शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए विभिन्न निजी स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी दी गई थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि जिन स्कूलों का विज्ञापन प्रकाशित हुआ है, उनमें से कुछ स्कूलों के पास आवश्यक शासकीय मान्यता नहीं है। इसके बावजूद वे खुले तौर पर एडमिशन के विज्ञापन देकर छात्रों और अभिभावकों को आकर्षित कर रहे हैं। इसे अदालत के पूर्व आदेशों का उल्लंघन बताया गया।
डिवीजन बेंच ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि बिना मान्यता के स्कूल एडमिशन के लिए विज्ञापन जारी करते हैं तो यह अदालत के वैध आदेशों की अवमानना की श्रेणी में आ सकता है। इसलिए इस मामले में शिक्षा विभाग की भूमिका और कार्रवाई स्पष्ट होना जरूरी है। इसी को देखते हुए अदालत ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर यह बताने के लिए कहा है कि शिकायतों के बाद विभाग ने क्या कार्रवाई की और भविष्य में ऐसी स्थिति रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।
बलरामपुर : बरतीकला में जिला स्तरीय समाधान शिविर का आयोजन 19 मार्च को
बलरामपुर : राज्य शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक सुगमता एवं समयबद्ध रूप से पहुंचाने तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले के विकासखण्डों में समाधान शिविर आयोजित किया जाना है। जिसके अंतर्गत जिला स्तरीय समाधान शिविर प्रत्येक विकासखण्ड में आयोजित किया जाएगा।
विकासखण्ड वाड्रफनगर में 19 मार्च 2026 को ग्राम पंचायत बरतीकला के हाई स्कूल मैदान में शिविर आयोजित होगा। इसके लिए संबंधित अनुविभागीय अधिकारी को नोडल एवं संबंधित जनपद सीईओ को सहायक नोडल अधिकारी बनाया गया है। शिविर में आम नागरिकों की समस्याओं, शिकायतों एवं योजनाओं से संबंधित आवेदनों का पंजीयन कर उनका निराकरण प्राथमिकता से किया जाएगा। कलेक्टर ने सभी जिला अधिकारियों को निर्धारित तिथि में शिविर में उपस्थित होने एवं शिविरों में प्राप्त आवेदनों का यथा संभव शिविर पर ही निराकरण करने के निर्देश भी दिये हैं।
नवरात्रि से पहले घटारानी मंदिर में मची तबाही, भीषण आग में 9 दुकानें खाक
रायपुर। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से बड़ी खबर सामने आ रही है, यहां चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व की तैयारियों के बीच प्रसिद्ध मंदिर घटारानी में देर रात यहां भीषण आग लग गई। इस भीषण आगजनी में मंदिर परिसर की 8 से 9 दुकानें पूरी तरह जलकर राख हो गई हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन दुकानों में फैंसी सामग्री, प्रसादी, खिलौने और पूजा के बर्तन रखे हुए थे। आगामी नवरात्रि मेले को देखते हुए दुकानदारों ने हाल ही में नया माल भरा था। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, इस अग्निकांड में दुकानदारों को 8 से 10 लाख रुपये से अधिक का आर्थिक नुकसान हुआ है।
आग लगने का कारण अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन स्थानीय दुकानदारों ने आशंका जताई है कि पास के जंगल में लगी आग फैलते हुए मंदिर परिसर तक पहुंच गई और दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया।
घटना की सूचना तत्काल फिंगेश्वर थाना पुलिस को दे दी गई है। पूरी तरह से बर्बाद हो चुके दुकानदारों के सामने अब आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। प्रभावित दुकानदारों ने शासन और प्रशासन से घटना की निष्पक्ष जांच और मुआवजे की मांग की है।
तात्यापारा स्थित हनुमान मंदिर में रामजन्मोत्सव और हनुमान जन्मोत्सव पर हरि कीर्तन 19 मार्च से
रायपुर। तात्यापारा स्थित 11वीं सदी के प्राचीनतम एवं ऐतिहासिक दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर में गुरुवार 19 मार्च से गुरुवार 26 मार्च तक श्रीराम जन्मोत्सव और गुरुवार 2 अप्रैल को श्री हनुमान जन्मोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर 19 मार्च से 25 मार्च तक प्रतिदिन रात 9 बजे पं. शशंका सुहास देशपांडे द्वारा हरि कीर्तन प्रस्तुत किया जाएगा।
मंदिर समिति के अध्यक्ष संदीप राजिमवाले ने बताया कि हिंदू नवर्ष, श्री रामनवमीं और हनुमान जन्मोत्सव का आयोजन मंदिर समिति द्वारा प्रतिवर्ष किया जाता है। इस वर्ष भी आयोजन की तैयारी व्यापक स्तर पर की जा रही है। प्रतिदिन मंदिर समिति द्वारा विशेष आयोजन किया जाएगा। वहीं 19 मार्च से 25 मार्च तक प्रतिदिन रात 9 बजे रात 10.30 बजे तक पं. शशंका सुहास देशपांडे द्वारा हरि कीर्तन प्रस्तुत किया जाएगा। श्री राम जन्मोत्सव 26 मार्च को गुरुवार को सुबह 10 बजे से हरि कीर्तन से प्रारंभ होगा। दोपहर 12 बजे राम जन्म उत्सव मनाया जाएगा।
मंदिर समिति के उपाध्यक्ष दीपक किरवईवाले ने बताया कि 19 से 27 मार्च तक प्रतिदिन विशेष प्रतियोगिता का आयोजन होगा। जिसके तहत 19 मार्च को भजन संध्या के साथ श्रीफल से सजावट होगी। वहीं 20 मार्च को भजन तोरण पैटर्न रंगोली, फूलों की रंगोली सजाई जाएगी। 21 और 22 मार्च को भगवान का आसन और सजावट होगी। सोमवार 23 मार्च को मातृकोत्सव, चैत्रगौर हल्दी कुंकू आयोजित होगा। वहीं 24 मार्च मंगलवार को फूलों की पायघड़ी और सुंदरकांड का पाठ संध्या 6 बजे से होगा। बुधवार 25 मार्च को सिंघाड़ा के नमकीन और शंकरकंद का मीठा व्यंजन भगवान को अर्पित किया जाएगा। वहीं गुरुवार 26 मार्च को श्रीराम जनमोत्सव मनाया जाएगा। 27 मार्च को पारण और महाप्रसाद वितरण दोपहर 12 बजे से किया जाएगा। प्रतियोगिता दोपहर 3 से 4 बजे के बीच आयोजित होगी और भवन प्रतिदिन शाम 4.30 बजे से होगा।
मंदिर समिति के सचिव अनिल गनोदवाले ने बताया कि गुरुवार 2 अप्रैल को हनुमान जन्मोत्सव पर सुबह 5.30 बजे से श्री हरि कीर्तन, हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ और शाम 7 बजे महाआरती की जाएगी। 19 मार्चसे 27 मार्च तक प्रतिदिन अलग-अलग भक्त परिवार द्वारा विशेष नैवेद्य भगवान को अर्पित किया जाएगा। 19 मार्च को विनोद शेष परिवार, 20 मार्च को मालती सुधीर मिश्रा, 21 मार्च को वीणा गनोदवाले परिवार, 22 मार्च को सागर राजिमवाले बंधु, 23 मार्च को प्रशांत बक्षी, 24 मार्च को राहुल खानखोजे, 25 मार्च को भगिनी मंडल डंगनिया और 27 मार्च को महाप्रसाद वितरण होगा।
रायपुर में 18 मार्च को होगी ‘डाक अदालत’, डाक सेवाओं से जुड़ी शिकायतों का होगा समाधान
रायपुर। डाक सेवाओं से संबंधित उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित समाधान के उद्देश्य से कार्यालय मुख्य पोस्टमास्टर जनरल, छत्तीसगढ़ परिमंडल, रायपुर द्वारा परिमंडल स्तर पर “डाक अदालत” का आयोजन किया जा रहा है। यह डाक अदालत 18 मार्च 2026 (बुधवार) को शाम 4 बजे आयोजित होगी, जिसमें डाक सेवाओं से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर सीधे चर्चा कर उनका समाधान किया जाएगा।
इस डाक अदालत में डाक वस्तुओं के वितरण, काउंटर सेवाओं, लघु बचत योजनाओं जैसे आवर्ती जमा (रिकरिंग डिपॉजिट), बचत बैंक खाते, राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र, रजिस्ट्री डाक, मूल्य देय पार्सल (वैल्यू पेएबल पार्सल), एक्सप्रेस पार्सल, स्पीड पोस्ट, मनी ऑर्डर, डाक जीवन बीमा तथा ग्रामीण डाक जीवन बीमा से संबंधित शिकायतों की सुनवाई की जाएगी।
डाक विभाग ने ग्राहकों से अपील की है कि यदि उन्हें डाक सेवाओं से संबंधित कोई शिकायत हो, तो वे अपने प्रकरण का पूर्ण विवरण सहित आवेदन 16 मार्च 2026 को दोपहर 2 बजे तक कार्यालय मुख्य पोस्टमास्टर जनरल, छत्तीसगढ़ परिमंडल, रायपुर को प्रस्तुत करें। निर्धारित तिथि और समय के बाद प्राप्त होने वाली शिकायतों को इस डाक अदालत में शामिल नहीं किया जाएगा।
डाक अदालत का आयोजन रायपुर जनरल पोस्ट ऑफिस (जनरल पोस्ट ऑफिस) भवन के द्वितीय तल, जय स्तंभ चौक स्थित कार्यालय मुख्य पोस्टमास्टर जनरल, छत्तीसगढ़ परिमंडल, रायपुर में किया जाएगा, जहां डाक सेवाओं से संबंधित मामलों पर प्रत्यक्ष अथवा वर्चुअल माध्यम से चर्चा कर समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ के शासकीय महाविद्यालयों में 700 पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की विशेष पहल पर राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में शिक्षण एवं सहायक सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से उच्च शिक्षा विभाग द्वारा विभिन्न शैक्षणिक पदों पर भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। विभाग द्वारा सहायक प्राध्यापक के 625 पद, ग्रंथपाल के 50 पद तथा क्रीड़ा अधिकारी के 25 पदों सहित कुल 700 पदों पर भर्ती की जाएगी।
उच्च शिक्षा विभाग ने भर्ती प्रक्रिया के तहत राज्य शासन के प्रचलित नियमों के अनुसार आरक्षण रोस्टर और विषयवार रिक्तियों का निर्धारण करते हुए उनका विस्तृत रोस्टर ब्रेक-अप भी तैयार कर लिया है। भर्ती प्रक्रिया को पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग को 24 फरवरी 2026 को विस्तृत जानकारी के साथ पत्र भी भेजा जा चुका है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक के हिन्दी, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, राजनीति शास्त्र, भौतिक शास्त्र, गणित, रसायन शास्त्र, वनस्पति शास्त्र एवं प्राणीशास्त्र के 50-50 पदों, अर्थशास्त्र, इतिहास, भूगोल के 25-25 पदों, कम्प्यूटर एप्लीकेशन के 15, वाणिज्य के 75, विधि के 10 पदों पर भर्ती के साथ ही क्रीड़ा अधिकारी के 25 पद तथा ग्रंथपाल के 50 पदों सहित कुल 700 पदों पर भर्ती की जाएगी।
विभाग द्वारा इन पदों के लिए आवश्यक शैक्षणिक योग्यता, भर्ती नियम, श्रेणीवार पदों की संख्या, परीक्षा हेतु पाठ्यक्रम तथा विज्ञापन प्रारूप भी छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग को प्रेषित कर दिया गया है। आयोग द्वारा आवश्यक प्रशासनिक एवं तकनीकी औपचारिकताओं को पूर्ण करने के पश्चात भर्ती संबंधी विज्ञापन जारी किया जाएगा, जिसके माध्यम से योग्य अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। इन पदों पर नियुक्ति से राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ता मिलेगी तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण सहायता प्राप्त होगी।
यह भी उल्लेखनीय है कि राज्य के महाविद्यालयों में शिक्षण कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए विभाग द्वारा प्रत्येक स्वीकृत पद के विरुद्ध अतिथि प्राध्यापकों की नियुक्ति की व्यवस्था की गई है। यह व्यवस्था सहायक प्राध्यापक एवं प्राध्यापक पदों के साथ-साथ ग्रंथपाल तथा क्रीड़ा अधिकारी के पदों पर भी लागू है, ताकि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की शैक्षणिक बाधा का सामना न करना पड़े। विभाग द्वारा नियुक्त अधिकांश अतिथि शिक्षक पीएच.डी. उपाधिधारी हैं तथा नेट एवं सेट जैसी राष्ट्रीय पात्रता परीक्षाओं से योग्य हैं। ये शिक्षक वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुरूप विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षण प्रदान कर रहे हैं तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के अनुरूप शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को प्रभावी बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
“गौधाम योजना” का शुभारंभ 14 मार्च को... प्रदेश के 29 गौधाम का होगा उद्घाटन
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य में निराश्रित और घुमंतू गौवंश के संरक्षण तथा उनके समुचित व्यवस्थापन के लिए “गौधाम योजना” की शुरुआत की जा रही है। इस योजना का औपचारिक शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 14 मार्च को बिलासपुर जिले के गुरु घासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय प्रेक्षागार में आयोजित कार्यक्रम से करेंगे। योजना के अंतर्गत राज्य के अन्य जिलों में भी 29 गौधामों का शुभारंभ किया जाएगा। इस अवसर पर कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री रामविचार नेताम, छत्तीसगढ़ गौसेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहेंगे।
उल्लखेनीय है कि गौधाम योजना के तहत राज्य के प्रत्येक विकासखंड में 10 गौधाम स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अनुसार पूरे राज्य में कुल 1460 गौधाम स्थापित किए जाएंगे, जहां गौवंश के लिए शेड, फेंसिंग, पेयजल, बिजली जैसी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि योजना के अंतर्गत वर्तमान में शासन द्वारा 36 गौधामों की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इनमें से 29 गौधामों का पंजीयन छत्तीसगढ़ राज्य गौसेवा आयोग में हो चुका है। इन गौधामों का औपचारिक शुभारंभ 14 मार्च 2026 को बिलासपुर जिले के तखतपुर विकासखंड के ग्राम लाखासार से मुख्यमंत्री द्वारा किया जाएगा।इस अवसर पर 10 अन्य जिलों में स्थित 28 गौधामों का शुभारंभ वर्चुअल माध्यम से किया जाएगा। गौधाम योजना का मुख्य उद्देश्य निराश्रित, घुमंतू और जप्त किए गए गौवंश पशुओं का संरक्षण और संवर्धन सुनिश्चित करना है।
योजना के तहत उन शासकीय स्थलों का पंजीयन किया जाएगा जहां पहले से पशुधन संरक्षण के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना उपलब्ध है। इन स्थलों का पंजीयन छत्तीसगढ़ राज्य गौसेवा आयोग के माध्यम से किया जाएगा। गौधामों का संचालन पंजीकृत गौशाला समितियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, एनजीओ, ट्रस्ट, फार्मर प्रोड्यूसर कंपनियों और सहकारी समितियों द्वारा किया जाएगा।
राज्य सरकार द्वारा गौधामों के संचालन के लिए विभिन्न मदों में वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसके तहत गौवंश के पोषण आहार के लिए पहले वर्ष 10 रुपये प्रतिदिन प्रति पशु, दूसरे वर्ष 20 रुपये, तीसरे वर्ष 30 रुपये और चौथे वर्ष से 35 रुपये प्रतिदिन की सहायता दी जाएगी।
इसके अतिरिक्त अधोसंरचना निर्माण एवं मरम्मत के लिए प्रति वर्ष 5 लाख रुपये का प्रावधान रखा गया है। साथ ही चरवाहों को 10,916 रुपये तथा गौसेवकों को 13,126 रुपये प्रति माह मानदेय प्रदान किया जाएगा।
गौधामों में चारा विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रति एकड़ 47 हजार रुपये प्रतिवर्ष की सहायता प्रदान की जाएगी। अधिकतम 5 एकड़ भूमि तक 2.35 लाख रुपये वार्षिक सहायता का प्रावधान किया गया है। प्रत्येक गौधाम में लगभग 200 गौवंश को रखने की व्यवस्था निर्धारित की गई है। इस योजना से सड़कों और गांवों में घूमने वाले निराश्रित पशुओं की समस्या में कमी आएगी तथा गौवंश संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
ग्रीन इकोनॉमी के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री
रायपुर। छत्तीसगढ़ देश की अर्थव्यवस्था का पावर हब है और अब ग्रीन इकोनॉमी के क्षेत्र में अपनी भूमिका लगातार मजबूत कर रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय स्थित ऑडिटोरियम में आयोजित दूसरे छत्तीसगढ़ हरित शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कहीं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ हरित सम्मेलन की उपयोगिता इसलिए और बढ़ जाती है क्योंकि इसके माध्यम से पॉलिसी मेकिंग से जुड़े लोग, उद्योग जगत, शैक्षणिक संस्थान, शोधकर्ता और पर्यावरणविद एक मंच पर आकर महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु संकट लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में यह आवश्यक है कि हम पर्यावरण संरक्षण के उपायों पर केवल चिंतन ही न करें, बल्कि उन्हें व्यवहार में भी उतारें।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार हमेशा से विरासत के साथ विकास की पक्षधर रही है। पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली हमारी हजारों वर्षों पुरानी परंपरा रही है और उसकी रक्षा के लिए सरकार नीतिगत स्तर पर लगातार ठोस कदम उठा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश में स्टील उत्पादन का एक बड़ा केंद्र है और इस क्षेत्र में कार्बन फुटप्रिंट कम करने के लिए ग्रीन स्टील जैसे नवाचारों को अपनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि भारतीय वन सर्वेक्षण रिपोर्ट 2023 के अनुसार संयुक्त वन एवं वृक्ष आवरण वृद्धि के मामले में छत्तीसगढ़ ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राज्य सरकार की नीतियों के साथ-साथ प्रदेशवासियों की जागरूकता और पर्यावरण के प्रति उनकी जिम्मेदारी का परिणाम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सोलर रूफटॉप योजना के माध्यम से उपभोक्ताओं को ऊर्जादाता बनाया जा रहा है और बायो-एथेनॉल जैसे क्षेत्रों में भी निवेश की व्यापक संभावनाएं उभर रही हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा “एक पेड़ मां के नाम” जैसे अभियान चलाकर लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की संस्कृति में धरती को मां का दर्जा दिया गया है, इसलिए संसाधनों का उपयोग करते समय पर्यावरण और धरती के स्वास्थ्य का ध्यान रखना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने सभी विभागों में ई-ऑफिस व्यवस्था लागू की है, जिससे समय और संसाधनों की बचत होने के साथ-साथ कागज के उपयोग में भी कमी आई है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जनजातीय बहुल राज्य है और लगभग 44 प्रतिशत क्षेत्र वनों से आच्छादित है। श्री साय ने बताया कि वनांचल में वृक्षों को सरना (देवता) के रूप में पूजा जाता है और सरना को राजस्व रिकॉर्ड में भी देवस्थल के रूप में दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रकृति से जुड़ाव और उसके संरक्षण का भाव जनजातीय समाज से सहज ही सीखा जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की नई औद्योगिक नीति में हरित पहल पर विशेष जोर दिया गया है और इस दिशा में कार्य करने वाले उद्योगों को विशेष रियायतें भी दी जा रही हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ ग्रीन समिट के मंच से प्रदेशवासियों से पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आने तथा इसकी शुरुआत स्वयं से करने का आह्वान किया।
गरियाबंद में घरेलू गैस सिलेंडरों के दुरुपयोग पर छापेमारी, 19 सिलेंडर जब्त
रायपुर। गरियाबंद जिले में घरेलू गैस सिलेंडरों के दुरुपयोग के विरुद्ध खाद्य विभाग द्वारा कड़ी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में गुरुवार को खाद्य विभाग की टीम ने जिले के विभिन्न होटल एवं रेस्टोरेंट में छापामार कार्रवाई करते हुए घरेलू गैस सिलेंडरों के दुरुपयोग के मामले में चार प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए कुल 19 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए हैं। इनमें 11 भरे हुए तथा 8 खाली सिलेंडर शामिल हैं।
जिला खाद्य अधिकारी अरविंद दुबे ने बताया कि कलेक्टर द्वारा जिले के सभी गैस वितरकों को तेल कंपनियों के निर्देशानुसार घरेलू गैस सिलेंडरों की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी के तहत घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग की शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई।
खाद्य विभाग की टीम द्वारा ऑथेंटिक फूड एशियन रेस्टोरेंट से 2 भरे हुए एवं 4 खाली गैस सिलेंडर, शिव फैमिली रेस्टोरेंट से 3 भरे हुए एवं 2 खाली गैस सिलेंडर, अमन फैमिली रेस्टोरेंट से 3 भरे हुए गैस सिलेंडर तथा होटल हार्माेनी एंड जायका रेस्टोरेंट से 3 भरे हुए एवं 2 खाली गैस सिलेंडर जब्त किए गए। खाद्य विभाग का कहना है कि घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग करना नियमानुसार प्रतिबंधित है। इस प्रकार के मामलों में आवश्यक वस्तु अधिनियम एवं संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। विभाग द्वारा जिले में इस प्रकार की जांच और कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
बारात से लौट रही दूल्हे की स्कॉर्पियो ट्रेलर से टकराई, मची चीख पुकार
रायपुर। दुर्ग से शादी की रस्में पूरी कर दूल्हा-दुल्हन को लेकर लौट रही एक स्कॉर्पियो लोखंडी बाईपास के पास अनियंत्रित होकर ट्रेलर में जा घुसी। यह हादसा इतना भीषण था कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार दूल्हा-दुल्हन सहित अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
जानकारी के अनुसार, दूल्हा सत्येंद्र साहू (23 वर्ष), पिता रतन राम साहू और दुल्हन मनीषा दुर्ग से विदाई कराकर अपने गृह ग्राम नेवसा (बेलतरा) लौट रहे थे। इसी दौरान लोखंडी बाईपास पर उनकी गाड़ी दुर्घटना का शिकार हो गई। हादसे में दुल्हन मनीषा और गाड़ी में सवार एक अन्य लड़की (बच्ची) को गंभीर चोटें आई हैं। वाहन चालक पप्पू धीवर, निवासी नेवसा भी इस टक्कर में बुरी तरह घायल हुआ है।
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तत्काल बिलासपुर के सिम्स (SIMS) अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है। खुशियों भरे माहौल में अचानक हुई इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया है और पुलिस मामले की जाँच कर रही है।
छत्तीसगढ़ के प्रमुख शैक्षणिक संस्थान भारत के सेमीकंडक्टर मिशन में दे रहे सक्रिय योगदान
रायपुर। भारत सरकार की पहल के तहत, इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) के Chips-to-Startups (C2S) कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षण, अप-स्किलिंग और कार्यबल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से प्रतिभा विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत ने सेमीकंडक्टर डिजाइन में 85,000 इंजीनियरों को प्रशिक्षित करने के 10 वर्षों के लक्ष्य की दिशा में मात्र 4 वर्षों में ही उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है।
उन्होंने बताया कि देश के 315 शैक्षणिक संस्थानों में विश्व के अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन ऑटोमेशन (EDA) टूल्स Cadence, Synopsys, Siemens, Renesas, Ansys और AMD के सहयोग से उपलब्ध कराए गए हैं। यह विश्व का सबसे बड़ा ओपन एक्सेस EDA कार्यक्रम है, जिसके अंतर्गत अब तक चिप डिजाइन प्रशिक्षण के लिए EDA टूल्स के उपयोग के 1.85 करोड़ घंटे दर्ज किए जा चुके हैं।
मंत्री ने कहा कि आज असम से गुजरात और कश्मीर से कन्याकुमारी तक देशभर के शैक्षणिक संस्थानों के छात्र सेमीकंडक्टर डिजाइन में सक्रिय भागीदारी कर रहे हैं। Semicon 2.0 के तहत इस कार्यक्रम का विस्तार करते हुए 315 शैक्षणिक संस्थानों की संख्या को बढ़ाकर 500 शैक्षणिक संस्थानों तक किया जाएगा, जिससे देशभर में प्रतिभाशाली इंजीनियरों का एक मजबूत आधार तैयार होगा।
उन्होंने कहा कि वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग के 2 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने के साथ लगभग 20 लाख मानव संसाधन की आवश्यकता होगी, जो भारत के युवाओं के लिए रोजगार के अभूतपूर्व अवसर प्रदान करेगा।
छत्तीसगढ़ के कई प्रमुख शैक्षणिक संस्थान भारत के सेमीकंडक्टर मिशन में सक्रिय योगदान दे रहे हैं। इन संस्थानों में छात्रों को सेमीकंडक्टर डिजाइन, परीक्षण और वैलिडेशन में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इसमें राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई, छत्तीसगढ़ प्रमुख संस्थान हैं।
इन संस्थानों में उपलब्ध अत्याधुनिक EDA उपकरणों और प्रशिक्षण सुविधाओं की सहायता से छात्र वास्तविक सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त कर रहे हैं। इन चिप्स का निर्माण और परीक्षण Semiconductor Laboratory (SCL) Mohali में किया जा रहा है, जिससे छात्रों को डिजाइन से लेकर निर्माण और सत्यापन तक की संपूर्ण प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हो रहा है। जिससे भारत के सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत प्रतिभा आधार प्राप्त हो रहा है।
छत्तीसगढ़ के संस्थानों की सक्रिय भागीदारी से राज्य के छात्रों को वैश्विक स्तर की तकनीकी विशेषज्ञता प्राप्त होगी और यह भारत के सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देगा। यह पहल भारत को सेमीकंडक्टर डिजाइन और नवाचार के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भारत सरकार का लक्ष्य देशभर के 500 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों को इस मिशन से जोड़कर भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर डिजाइन और विनिर्माण हब के रूप में स्थापित करना है।
भिलाई इस्पात संयंत्र की सख्त कार्रवाई: सेक्टर-7 और नेवई में अवैध कब्जों पर चला बुलडोजर, हजारों वर्गफीट भूमि मुक्त
रायपुर। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड के अधीन संचालित भिलाई इस्पात संयंत्र (Bhilai Steel Plant) के इन्फोर्समेंट विभाग ने संयंत्र की भूमि पर अवैध कब्जों के विरुद्ध सघन अभियान चलाते हुए दो दिनों में विभिन्न क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। यह कार्रवाई 7 और 9 मार्च 2026 को की गई, जिसमें हजारों वर्गफीट भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
प्रवर्तन विभाग द्वारा 7 मार्च को सेक्टर-7 क्षेत्र में अवैध रूप से निर्मित गैरेजों और शेडों को हटाया गया। इन संरचनाओं का उपयोग टेंट, फल एवं केटरिंग व्यवसाय से संबंधित सामग्रियाँ रखकर भूमि पर अवैध कब्जा करने के लिए किया जा रहा था। कार्रवाई से पूर्व संबंधित कब्जाधारियों को सूचना देकर स्थल खाली करने के लिए सचेत किया गया था। इसके बाद प्रवर्तन दल ने अवैध संरचनाओं को हटाते हुए लगभग 2000 वर्गफीट भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया।
इसी क्रम में 9 मार्च को नेवई के पांडेपारा क्षेत्र में भी अवैध निर्माण के विरुद्ध कार्रवाई की गई। यहां ईंटों से बनाए जा रहे तीन अवैध मकानों के ढांचे को ध्वस्त किया गया तथा दो स्थानों पर निर्मित बाउंड्री वाल को भी हटाया गया। जांच में इस क्षेत्र में लगभग 20,000 वर्गफीट भूमि पर सुनियोजित तरीके से अवैध प्लॉटिंग किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
प्रशासन ने संबंधित कब्जाधारियों को शेष अवैध निर्माण स्वयं हटाने के लिए आगाह किया है। चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय में निर्माण नहीं हटाए जाने पर नियमानुसार आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान के दौरान नेवई थाना पुलिस बल का भी पूरा सहयोग प्राप्त हुआ।
यह कार्रवाई मुख्य महाप्रबंधक (नगर प्रशासन एवं कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व) श्री उत्पल दत्ता के मार्गदर्शन तथा सहायक महाप्रबंधक (प्रवर्तन) श्री रेमी थॉमस के नेतृत्व में संपन्न हुई। अभियान में उप प्रबंधक (प्रवर्तन) एवं हिंदी समन्वय अधिकारी श्री मुकुंद दास मानिकपुरी, संपदा निरीक्षक श्री राममूर्ति, श्री रमाकांत यादव, श्री भगवान, श्री बलराम शुक्ला, श्री अजय मिश्रा, श्री कुद्बुद्दीन कुरैशी सहित पुरुष एवं महिला सुरक्षा कर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भिलाई इस्पात संयंत्र प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संयंत्र की भूमि पर अवैध कब्जों और गैरकानूनी गतिविधियों के विरुद्ध इस प्रकार की कार्रवाई भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगी। साथ ही आमजन से अपील की गई है कि वे संयंत्र की भूमि पर कब्जा कराने का दावा करने वाले तथाकथित बिचौलियों के झांसे में न आएँ, अन्यथा उन्हें आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
आईएएस प्रशिक्षुओं ने आईसीएआर–नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोटिक स्ट्रेस मैनेजमेंट का किया भ्रमण
रायपुर। वर्ष 2024 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के प्रशिक्षु अधिकारियों ने कृषि में जैविक तनाव प्रबंधन से संबंधित वैज्ञानिक अनुसंधान और संस्थागत कार्यप्रणाली को समझने के उद्देश्य से ICAR–National Institute of Biotic Stress Management (आईसीएआर–नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोटिक स्ट्रेस मैनेजमेंट), रायपुर का शैक्षणिक भ्रमण किया।
भ्रमण के दौरान संस्थान के निदेशक Dr. P. K. Rai ने प्रशिक्षु अधिकारियों से संवाद करते हुए संस्थान के विज़न, मिशन, दायित्वों तथा कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फसलों को प्रभावित करने वाले जैविक तनावों पर अनुसंधान करना वर्तमान कृषि व्यवस्था की प्रमुख चुनौतियों में से एक है और इस दिशा में संस्थान महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
डॉ. राय ने संस्थान में चल रहे तथा भविष्य में प्रस्तावित अनुसंधान कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि कीट, रोग तथा अन्य जैविक कारकों से होने वाले फसल नुकसान को कम करने के लिए टिकाऊ और वैज्ञानिक समाधान विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान अनुसंधान, शिक्षा और विस्तार गतिविधियों के माध्यम से किसानों को सहयोग प्रदान करते हुए कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने में सक्रिय योगदान दे रहा है।
संस्थान के संयुक्त निदेशक Dr. Pankaj Sharma ने प्रशिक्षु अधिकारियों को संस्थान में उपलब्ध अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधाओं के बारे में अवगत कराया। इनमें केमिकल इकोलॉजी प्रयोगशाला, टिशू कल्चर प्रयोगशाला, एनालिटिकल प्रयोगशाला, ओपन टॉप चैंबर सुविधा, जीनोम एडिटिंग प्रयोगशाला, मॉलिक्यूलर बायोलॉजी प्रयोगशाला, ग्लासहाउस तथा प्लांट ग्रोथ चैंबर्स शामिल हैं।
आईएएस प्रशिक्षुओं ने विभिन्न प्रयोगशालाओं का भ्रमण कर वैज्ञानिकों से संवाद भी किया और संस्थान में हो रहे अत्याधुनिक अनुसंधान कार्यों में गहरी रुचि दिखाई। उन्होंने संस्थान की उन्नत वैज्ञानिक सुविधाओं और अनुसंधान गतिविधियों की सराहना की।
यह शैक्षणिक भ्रमण भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों के लिए उपयोगी अनुभव सिद्ध हुआ, जिससे उन्हें उभरती कृषि चुनौतियों से निपटने तथा टिकाऊ फसल उत्पादन को बढ़ावा देने में वैज्ञानिक संस्थानों की भूमिका को समझने का अवसर मिला। कार्यक्रम का समन्वय डॉ. पंकज शर्मा, संयुक्त निदेशक द्वारा किया गया।
एचपीवी वैक्सीन का एक टीका बेटियों को बचाएगा सर्वाइकल कैंसर से : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में माताओं-बहनों के स्वास्थ्य की चिंता करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सर्वाइकल कैंसर बेटियों की जिंदगी में सबसे कठिन समय होता है। मध्यप्रदेश में बड़े पैमाने पर एचवीपी टीकाकरण अभियान की शुरुआत की गई है। इसमें 14 वर्ष से अधिक आयु की बेटियों को 4 हजार रुपये मूल्य का यह टीका नि:शुल्क लगाया जा रहा है। वैक्सीन का एक टीका गर्भाशय एवं ग्रीवा कैंसर के प्रति भविष्य में बेटियों को जीवनभर की सुरक्षा की गारंटी देगा और उन्हें गंभीर रोग से बचाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को जबलपुर के नेताजी सुभाषचंद्र बोस कल्चरल एंड इंर्फोमेशन सेंटर में महिलाओं के लिए आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर और एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आहवान किया कि बहनें और बेटियां सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए टीकाकरण का लाभ लेकर टीका अवश्य लगवा लें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टीका लगवा चुकी बेटियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए। साथ ही जबलपुर में 37 करोड़ रूपये से अधिक के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन भी किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार लाड़ली बहनों से लेकर लाड़ली लक्ष्मी बेटियों तक निरंतर जनकल्याणकारी कार्यों को आगे बढ़ा रही है। लाड़ली बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए राज्य सरकार योजना की राशि को निरंतर बढ़ा रही है। प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख से अधिक लाड़ली बहनों को अब 1500 रुपए की राशि हर माह उनके बैंक खातों में अंतरित की जा रही है। राज्य सरकार ने बहनों को रोजगारपरक उद्योगों में काम करने पर 5 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि अलग से देने का निर्णय लिया है। प्रदेश में लैंगिग असमानता को खत्म करने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं। स्थानीय निकायों के चुनाव में 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। लोकसभा और विधानसभा में भी महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा। बेटियां सेना से लेकर हर क्षेत्र में आगे बढ़कर बेहतर भविष्य का निर्माण कर रही हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्होंने 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अशोकनगर जिले में करीला धाम पहुंचकर माता जानकी और उनके पुत्र लव-कुश का आशीर्वाद प्राप्त किया और सभी प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर में 10.51 करोड़ लागत से आधुनिक जनपद भवन का भूमि-पूजन और 27.16 करोड़ लागत से नवनिर्मित गीता भवन सहित 3 अन्य विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इनमें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 21 स्वास्थ्य एवं उप स्वास्थ्य केंद्र और सोलर ट्रैफिक सिस्टम शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संस्कार धानी जबलपुर की छटा देश में सबसे अलग है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों को आगामी नवरात्रि पर्व एवं गुड़ी पड़वा की मंगलकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एचपीवी टीकाकरण पूर्ण कर चुकी बालिकाओं जिया सेन और अंशी विश्वकर्मा को प्रतीकात्मक रूप से प्रमाण पत्र प्रदान किए। उन्होंने नेत्रहीन कन्या विद्यालय जबलपुर की बालिकाओं से भेंट कर उनका सम्मान भी किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लखपति दीदी आरती चौधरी और सीता गोंड को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए।
विधानसभा में गूंजा बस्तर में धान खरीदी का मुद्दा.... 44 हजार 612 किसानों ने नहीं बेचा धान
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में बस्तर संभाग में धान खरीदी का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया गया। विधायक लखेश्वर बघेल ने सरकार से धान खरीदी प्रक्रिया को लेकर कई सवाल पूछे और व्यवस्था में गड़बड़ी का आरोप लगाया। सरकार की ओर से खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने सदन में विस्तृत जानकारी दी।
प्रश्नकाल के दौरान विधायक लखेश्वर बघेल ने पूछा कि बस्तर संभाग में धान खरीदी की शुरुआत कब की गई थी और कितने किसानों का धान नहीं खरीदा गया। इसके जवाब में मंत्री दयालदास बघेल ने बताया कि बस्तर संभाग में धान खरीदी की प्रक्रिया 15 नवंबर से शुरू की गई थी और 31 जनवरी को इसका समापन कर दिया गया।
मंत्री ने सदन को जानकारी देते हुए कहा कि इस दौरान बड़ी संख्या में किसानों ने अपना धान बेचा, लेकिन करीब 44 हजार 612 किसानों का धान खरीदी नहीं हो पाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन किसानों ने धान खरीदी केंद्रों में अपना धान ही नहीं लाया, इसलिए उनकी खरीदी नहीं हो सकी।
मंत्री के जवाब पर विधायक लखेश्वर बघेल ने असंतोष जताते हुए कहा कि सरकार किसानों को 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदने की बात करती है, लेकिन व्यवहार में किसानों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि धान खरीदी प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हो रही है।
दिल्ली में चमकी बस्तर की प्रतिभा: मलखंभ से देश को किया प्रेरित
रायपुर। दिल्ली में आयोजित फिट इंडिया कार्निवाल 2026 में छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल से आए युवा और बच्चों की टीम ने अपनी अद्भुत मलखंभ प्रस्तुति से पूरे कार्यक्रम को रोमांच और प्रेरणा से भर दिया। लगभग 15 फीट की ऊंचाई पर साहस, संतुलन और अनुशासन के साथ किया गया उनका प्रदर्शन देखकर उपस्थित सभी लोग अचंभित रह गए। जब इन बच्चों ने ऊंचाई पर निर्भीकता के साथ अपनी कला का प्रदर्शन किया, तो पूरा सभागार तालियों की गूंज से भर उठा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू ने जब इन प्रतिभाशाली युवा और बच्चों की कला देखी, तो वे भी उनकी प्रतिभा और आत्मविश्वास को देखकर गौरवान्वित और अचंभित हो उठे। उन्होंने कहा कि यह केवल एक खेल नहीं, बल्कि मेहनत, अनुशासन, साहस और आत्मविश्वास का जीवंत उदाहरण है।
कार्यक्रम के उपरांत तोखन साहू ने पूरे स्नेह और गर्व के साथ बस्तर की इस प्रतिभाशाली टीम को अपने दिल्ली स्थित निवास पर आमंत्रित किया। अपने निवास पर उन्होंने सभी युवा और बच्चों का आत्मीय अभिनंदन और सम्मान किया, उनके साथ सादगी और अपनत्व के साथ बैठकर नाश्ता किया और उनसे संवाद कर उनका उत्साह बढ़ाया।
इस अवसर पर तोखन साहू ने कहा कि “जब बस्तर के गांवों से निकलकर हमारे बच्चे और युवा 15 फीट की ऊंचाई पर निर्भीक होकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं, तब यह केवल एक प्रस्तुति नहीं होती, यह भारत की नई ऊर्जा और नए आत्मविश्वास की पहचान बन जाती है। आप सभी ने छत्तीसगढ़ ही नहीं, पूरे देश का मान बढ़ाया है।” उन्होंने आगे कहा कि भारत का भविष्य गांवों, अंचलों और छोटे-छोटे सपने देखने वाले बच्चों की मेहनत से ही उज्ज्वल होगा। बस्तर के इन युवा और बच्चों ने यह साबित कर दिया है कि यदि संकल्प मजबूत हो, तो कोई भी ऊंचाई असंभव नहीं होती।
केन्द्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने के इस आत्मीय सम्मान और स्नेहपूर्ण आमंत्रण ने बस्तर से आए युवा और बच्चों के मन में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास भर दिया। यह क्षण उनके लिए केवल सम्मान का अवसर नहीं, बल्कि प्रेरणा, गर्व और भविष्य में और ऊंचाइयों को छूने का संकल्प बन गया।