छत्तीसगढ़
वाहनों से डीजल चोरी करने वाला गिरोह पकड़ा गया, 2 आरोपी गिरफ्तार, स्कॉर्पियो व 140 लीटर डीजल जब्त
दंतेवाड़ा के दंपती को पद्मश्री... डॉ. रामचंद्र गोडबोले बने 'डॉक्टर भैया', पत्नी सुनीता भी कर रहीं आदिवासियों की सेवा
रायपुर। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में पिछले 35 वर्षों से आदिवासी समाज की सेवा कर रहे डॉ. रामचंद्र गोडबोले और उनकी पत्नी सुनीता गोडबोले को भारत सरकार ने पद्म श्री सम्मान से सम्मानित किया है। यह सम्मान उनके लंबे समय से किए जा रहे स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सेवा कार्यों की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान है।
डॉ. रामचंद्र गोडबोले एक आयुर्वेद चिकित्सक हैं जिन्होंने अपना जीवन आदिवासियों की सेवा में समर्पित कर दिया है। महाराष्ट्र छोड़कर डॉ गोडबोले दंतेवाड़ा जिले के बारसूर को वर्षों पहले अपना आशियाना बना लिया था ।वे बस्तर के अबूझमाड़, बीजापुर , दंतेवाड़ा जैसे दुर्गम इलाकों में मुफ्त चिकित्सा सेवा प्रदान करते हैं। उनकी पत्नी सुनीता गोडबोले भी उनके साथ इस काम में जुड़ी हुई हैं।
डॉ. गोडबोले ने 37 वर्षों से अधिक समय से आदिवासियों के बीच काम कर रहे हैं और उन्हें स्वास्थ्य जागरूकता और कुपोषण के खिलाफ लड़ने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने अपने ट्रस्ट "ट्रस्ट फॉर हेल्थ" के माध्यम से कई लोगों की जिंदगी बदल दी है। इस दंपति को संयुक्त रूप से पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया है। यह सम्मान उन्हें उनके समाज सेवा और चिकित्सा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया गया है।
पुष्पा स्टाइल में सागौन की तस्करी, तांदुला में बहकर आ रही लकड़ी को वन विभाग ने किया जब्त
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में वन विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। वन विभाग ने तांदुला नदी के किनारे से कीमती सागौन के 21 बड़े-बड़े गोले बरामद कर जब्त किए हैं। बताया जा रहा है कि लकड़ी तस्कर फिल्म पुष्पा की तर्ज पर नदी के रास्ते सागौन की लकड़ी को बहाकर ले जाने की तैयारी में थे।
मामला वन क्षेत्र हर्रा-ठेमा का बताया जा रहा है, जहां किसी लकड़ी ठेकेदार द्वारा पहले से सागौन के पेड़ों की अवैध कटाई कर गोले तैयार कर रखे गए थे। इसके बाद तांदुला नदी के सहारे इन्हें बालोद तक पहुंचाने की योजना थी। हालांकि, वन विभाग की सतर्कता से पहले ही लकड़ी को जब्त कर लिया गया और प्रकरण दर्ज किया गया है।
इस कार्रवाई के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। जिले में पहले भी विभागीय अधिकारियों पर पद के दुरुपयोग और अवैध गतिविधियों के आरोप लगते रहे हैं, जिससे इस मामले में मिलीभगत की आशंका से इनकार नहीं किया जा रहा है।
वहीं पूरे मामले पर डीएफओ अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि तांदुला नदी में बहकर आए सागौन के 21 गोले जब्त किए गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए आसपास के सभी बीटों में सघन जांच के आदेश दिए गए हैं। वन विभाग का कहना है कि दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
गणतंत्र के अमृतकाल में साहित्य उत्सव का आयोजन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक: मुख्यमंत्री साय
रायपुर। राजधानी रायपुर के नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन परिसर में रायपुर साहित्य उत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश के मुख्य आतिथ्य और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। समारोह का आयोजन विनोद कुमार शुक्ल मंडप में किया गया, जिसमें उपमुख्यमंत्री अरुण साव, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा की कुलपति डॉ. कुमुद शर्मा तथा सुप्रसिद्ध रंगकर्मी एवं अभिनेता मनोज जोशी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा, वरिष्ठ पत्रकार अनंत विजय तथा छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
उद्घाटन अवसर पर अतिथियों के करकमलों से छत्तीसगढ़ राज्य के 25 वर्ष पूर्ण होने पर आधारित पुस्तिका, एक कॉफी टेबल बुक छत्तीसगढ़ राज्य के साहित्यकार, जे. नंदकुमार द्वारा लिखित पुस्तक नेशनल सेल्फहुड इन साइंस, प्रो. अंशु जोशी की पुस्तक लाल दीवारें, सफेद झूठ तथा राजीव रंजन प्रसाद की पुस्तक तेरा राज नहीं आएगा रे का विमोचन किया गया।
उप सभापति हरिवंश ने अपने संबोधन की शुरुआत छत्तीसगढ़ के महान साहित्यकार स्वर्गीय विनोद कुमार शुक्ल को नमन करते हुए की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ी साहित्य की एक समृद्ध और प्राचीन परंपरा रही है तथा इस प्रदेश ने अपनी स्थानीय संस्कृति को सदैव मजबूती से संजोकर रखा है। रायपुर साहित्य उत्सव के आयोजन में अत्यंत रचनात्मक दृष्टिकोण स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। उन्होंने कबीर के काशी से गहरे संबंधों का उल्लेख करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ के कवर्धा से भी उनका विशेष जुड़ाव रहा है। उप सभापति श्री हरिवंश ने कहा कि एक पुस्तक और एक लेखक भी दुनिया को बदलने की शक्ति रखते हैं। उन्होंने राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि साहित्य समाज को दिशा देता है, आशा जगाता है, निराशा से उबारता है और जीवन जीने का साहस प्रदान करता है।
उपसभापति हरिवंश ने कहा कि आज भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और 2047 तक विकसित भारत का संकल्प हमारा राष्ट्रीय लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि भारत आज स्टील, चावल उत्पादन और स्टार्टअप्स के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। देश की आत्मनिर्भरता से दुनिया को नई दिशा मिली है और इस राष्ट्रीय शक्ति के पीछे साहित्य की सशक्त भूमिका रही है।
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ प्रभु श्रीराम का ननिहाल है और इस पावन भूमि पर तीन दिवसीय रायपुर साहित्य उत्सव का शुभारंभ होना हम सभी के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने देशभर से आए साहित्यकारों और साहित्य प्रेमियों का स्वागत करते हुए कहा कि रायपुर साहित्य उत्सव 2026 साहित्य का एक महाकुंभ है, जिसमें प्रदेश और देश के विभिन्न राज्यों से आए 120 से अधिक ख्यातिप्राप्त साहित्यकार सहभागिता कर रहे हैं। आयोजन के दौरान कुल 42 सत्रों में समकालीन सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक विषयों पर गहन विमर्श होगा। यह समय गणतंत्र के अमृतकाल और छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष का है, इसी भाव के अनुरूप इस उत्सव का आयोजन किया गया है।
मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम की तुलना समुद्र मंथन से करते हुए कहा कि जिस प्रकार समुद्र मंथन में विष और अमृत दोनों निकले, उसी प्रकार स्वतंत्रता आंदोलन में हमारे सेनानियों ने विष रूपी कष्ट स्वयं सहकर आने वाली पीढ़ियों को आज़ादी का अमृत प्रदान किया। उन्होंने कहा कि हमारे अनेक स्वतंत्रता सेनानी लेखक, पत्रकार और वकील भी थे। माखनलाल चतुर्वेदी द्वारा बिलासपुर जेल में रचित पुष्प की अभिलाषा जैसी रचनाओं ने देशवासियों को प्रेरित किया। माधवराव सप्रे की कहानी एक टोकरी भर मिट्टी को हिंदी की पहली कहानी माना जाता है।
मुख्यमंत्री ने पंडित लोचन प्रसाद पांडेय, पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी और गजानन माधव मुक्तिबोध जैसे साहित्यकारों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी स्मृतियों को सहेजना हमारी सांस्कृतिक जिम्मेदारी है। राजनांदगांव में त्रिवेणी संग्रहालय का निर्माण इसी भावना का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर साहित्य उत्सव के मंडपों को विनोद कुमार शुक्ल, श्यामलाल चतुर्वेदी, लाला जगदलपुरी और अनिरुद्ध नीरव जैसे महान साहित्यकारों को समर्पित किया गया है, जिन्होंने छत्तीसगढ़ की संस्कृति और साहित्य को नई पहचान दी। उन्होंने कहा कि कविता अन्याय के विरुद्ध प्रतिरोध करना सिखाती है और यही साहित्य की वास्तविक शक्ति है।
मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में आयोजित काव्यपाठ कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि अटल जी कवि हृदय थे और उनकी कविताओं ने करोड़ों लोगों को प्रेरणा दी। “हार नहीं मानूंगा…” जैसी पंक्तियाँ आज भी जनमानस को संबल देती हैं।
मुख्यमंत्री ने इमरजेंसी काल के दौरान साहित्यकारों की भूमिका को रेखांकित करते हुए दुष्यंत कुमार की प्रसिद्ध पंक्तियों का उल्लेख किया और कहा कि आज जब बड़ी संख्या में युवा साहित्यप्रेमी इस उत्सव में शामिल हो रहे हैं, तब यह स्पष्ट होता है कि प्रदेश में साहित्य का वातावरण उजला और सशक्त है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह तीन दिवसीय आयोजन एक मील का पत्थर सिद्ध होगा। इस अवसर पर उन्होंने स्वर्गीय सुरेंद्र दुबे को भी नमन किया।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बसंत पंचमी के पावन अवसर पर आयोजित इस उत्सव को साहित्य का महाकुंभ बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती ने हिंदी साहित्य को अनेक महान पुरोधा दिए हैं। वहीं डॉ. कुमुद शर्मा ने कहा कि अमृतकाल में आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी का संकल्प हमारे उज्ज्वल भविष्य की नींव है। उन्होंने साहित्य को आत्मबोध और सांस्कृतिक चेतना का सशक्त माध्यम बताया तथा भारत को मानवीय संस्कृति की टकसाल कहा।
आयोजन के पश्चात अतिथियों एवं साहित्यकारों ने विभिन्न सत्रों में सहभागिता करते हुए समकालीन साहित्य, संस्कृति, लोकतंत्र और समाज से जुड़े विषयों पर विचार साझा किए। कार्यक्रम के दौरान साहित्य प्रेमियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही और विशेष रूप से युवा वर्ग की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। रायपुर साहित्य उत्सव 2026 का यह शुभारंभ साहित्यिक संवाद, विचारों के आदान-प्रदान और सांस्कृतिक चेतना के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रहा है।
राजधानी रायपुर के पहले पुलिस कमिश्नर बने संजीव शुक्ला... पांच उपायुक्तों की भी नियुक्ति
रायपुरर। राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू होने के बाद राजधानी रायपुर के पहले कमिश्नर की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ सरकार ने संजीव शुक्ला को दी है। वर्तमान में बिलासपुर के आईजी संजीव कुमार शुक्ला रायपुर के पहले कमिश्नर होंगे। इसके साथ पांच पुलिस उपायुक्तों की नियुक्ति भी की गई है।
आपको बता दें कि सरकार में हाल ही में छत्तीसगढ़ में कमिश्नर पुलिस प्रणाली लागू की है। इस नियुक्ति के अलावा अन्य अधिकारियों की भी नियुक्ति की गई है। संजीव कुमार शुक्ला रायपुर में पुलिस कप्तान की जिम्मेदारी पहले संभाल चुके है। इसके साथ नक्सल प्रभावित राजनांदगांव जिले की जिम्मेदारी भी इन्हें सौंपी गई थी। सरकार ने 2007 बैच के आईपीएस रामगोपाल गर्ग को बिलासपुर रेंज का आईजी, अभिषेक शांडिल्य को दुर्ग रेंज का आईजी नियुक्त किया है। इसके साथ अब तक पुलिस मुख्यालय में कानून व्यवस्था देख रहे बालाजी सोमावर को राजनांदगांव का आईजी नियुक्त किया गया है।
सरकार ने कमिश्नरी प्रणाली के तहत रायपुर नगरीय क्षेत्र में पुलिस उपायुक्तों की नियुक्ति भी की गई। 2020 बैच के आईपीएस उमेश कुमार गुप्ता को पुलिस उपायुक्त मध्य, 2020 के संदीप पटेल को पुलिस उपायुक्त पश्चिम और 2020 के ही मयंतक गुर्जर को पुलिस उपायुक्त उत्तर की जिम्मेदारी सौंपी है। इसके अलावा विकास कुमार को पुलिस उपायुक्त ट्रैफिक और प्रोटोकाल, आईपीएस राजनाला स्मृतिक को क्राइम और साइबर के पद पर नियुक्त किया है।
लाइन परिचारकों के मानदेय में बड़ा इजाफा, अब पेट्रोल भत्ता भी मिलेगा
रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने संविदा पर कार्यरत लाइन परिचारकों के हित में दो बड़े फैसले लिये गए हैं, जिसमें पहला उनके मानदेय में लगभग 33 प्रतिशत की वृद्धि करने का निर्णय है। साथ ही कंपनी ने उनके नियुक्ति आदेश में उल्लेखित 10 वर्ष की संविदा सेवा के पश्चात् सेवासमाप्ति से राहत दी है।
माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सहानुभूतिपूर्वक पहल और मार्गदर्शन में यह फैसला लिया गया। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के अध्यक्ष सुबोध कुमार सिंह एवं डिस्ट्रीब्यूशन व जनरेशन कंपनी के अध्यक्ष डॉ. रोहित यादव ने इस पर त्वरित निर्णय हेतु प्रेरित किया। ट्रांसमिशन कंपनी के कार्यालय मुख्य अभियंता (मानव संसाधन) ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया हैं। जिसके अनुसार लाइन परिचारक (संविदा) का मूलवेतन 15600 रुपए होगा। इसमें पांच प्रतिशत मैदानी भत्ता प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही अनुभव के आधार पर विशेष भत्ता प्रतिमाह प्रदान किया जाएगा, जो तीन वर्ष से सात वर्ष तक के अनुभव के आधार पर चार स्लैब में होगा।
इसके पूर्व अब तक लाइन परिचारकों को 14,645 रुपए प्रतिमाह का फिक्स मानदेय दिया जा रहा था, यह अब 19,366 रुपए प्रतिमाह तक कर दिया गया है। इस तरह उनके मासिक मानदेय में 4,721 रुपएकी सीधी बढ़ोतरी हुई है, जो लगभग 33 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है। साथ ही उनकी नियुक्ति के समय जारी आदेश में उल्लेखित सेवा समाप्ति की बाध्यता को भी समाप्त कर दिया गया है, जिसमें उनकी नियुक्ति 10 वर्ष करने का उल्लेख किया गया था। अब कंपनी आवश्यकतानुसार एवं कार्य मूल्यांकन में योग्य पाए जाने पर संविदा सेवा अवधि को एक-एक वर्ष के स्लैब में विस्तारित किया जा सकेगा। अनुभव की गणना प्रथम नियुक्ति आदेश के ज्वाइनिंग दिनांक से की जाएगी।
दोनों फैसले का लाभ ट्रांसमिशन कंपनी और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के संविदा लाइन परिचारकों को समान रुप से मिलेगा। यह नई मानदेय व्यवस्था 1 फरवरी 2026 से लागू होगी। इसमें कर्मचारी भविष्य निधि एवं कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम के प्रावधानों का लाभ देने के लिए अंशदान भी लिया जाएगा तथा नियुक्ता का अंशदान भी नियमानुसार देय होगा।
नई व्यवस्था के तहत लाइन परिचारकों के मानदेय ढांचे को अधिक व्यवस्थित किया गया है। इसमें 15,600 रुपए मूल मानदेय निर्धारित किया गया है, जिस पर 5 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जाएगा। इसके अलावा अनुभव के आधार पर विशेष भत्ता भी जोड़ा गया है, जिससे वरिष्ठ और अनुभवी कर्मचारियों को अतिरिक्त लाभ मिलेगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि लाइन परिचारकों को पहली बार 800 रुपए प्रतिमाह पेट्रोल भत्ता दिया जाएगा। फील्ड में कार्य करने वाले कर्मचारियों को रोज़ाना अलग-अलग स्थानों पर जाना पड़ता है, ऐसे में पेट्रोल भत्ता मिलने से उन्हें आवागमन खर्च में सीधी राहत मिलेगी। इस फैसले पर का विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने स्वागत किया है और कहा है कि यह निर्णय उनके कार्य की जिम्मेदारी और कठिन परिस्थितियों को देखते हुए लिया गया एक सकारात्मक कदम है, जिससे उनका मनोबल बढ़ेगा और कार्यक्षमता में भी सुधार होगा।
चिकित्सा शिक्षा के गिरते स्तर पर चिंता: छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी ने की NMC को भंग करने की मांग
रायपुर। देश में चिकित्सा शिक्षा की गिरती गुणवत्ता और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) की कार्यप्रणाली को लेकर विवाद गहरा गया है। छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर NMC को तत्काल भंग करने की मांग की है। सोसाइटी के संयोजक डॉ. कुलदीप सोलंकी ने NEET PG के कट-ऑफ को घटाकर माइनस 40’करने के निर्णय को चिकित्सा जगत के लिए एक ‘काला अध्याय’ बताया है।
राष्ट्रपति को भेजी गई याचिका में डॉ. सोलंकी ने कहा कि NMC का गठन चिकित्सा शिक्षा के मानकों को ऊपर उठाने के लिए किया गया था, लेकिन इसके विपरीत आयोग ने ‘योग्यता’ (Merit) का उपहास उड़ाया है। पत्र में तर्क दिया गया है कि कट-ऑफ को शून्य से भी नीचे (-40) ले जाना न केवल पेशेवर गरिमा को ठेस पहुँचाता है, बल्कि भविष्य में कम योग्य विशेषज्ञों के माध्यम से आम नागरिकों के जीवन को खतरे में डालता है।
राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की अपील (प्रमुख बिंदु):
धारा 55 का उपयोग: केंद्र सरकार NMC अधिनियम, 2019 की धारा 55 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग कर आयोग को तुरंत भंग करे।
निजी हितों को बढ़ावा: आरोप लगाया गया है कि आयोग गुणवत्तापूर्ण डॉक्टर तैयार करने के बजाय निजी संस्थानों की सीटें भरने को प्राथमिकता दे रहा है।
बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की नियुक्ति: जब तक नया आयोग गठित न हो, तब तक प्रख्यात शिक्षाविदों और ईमानदार स्वास्थ्य पेशेवरों के ‘बोर्ड ऑफ गवर्नर्स’ को कमान सौंपी जाए।
प्रतिभा पलायन (Brain Drain): गलत नीतियों के कारण देश के प्रतिभाशाली छात्र विदेशों का रुख कर रहे हैं, जिससे देश को भारी नुकसान हो रहा है।
विशेषज्ञ (Specialist) का खिताब केवल पंजीकरण से नहीं, बल्कि कड़ी मेहनत और योग्यता से मिलना चाहिए।
मौजूदा नीतियां चिकित्सा पेशे की पवित्रता को नष्ट कर रही हैं।”
— डॉ. कुलदीप सोलंकी, संयोजक, छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी
सिस्टम की विफलता पर उठाए सवाल
सोसाइटी ने पत्र में स्पष्ट किया है कि NMC बुनियादी ढांचे में सुधार और फैकल्टी की कमी जैसे बुनियादी मुद्दों को सुलझाने में पूरी तरह विफल रहा है। चिकित्सा जगत में इस मांग के बाद अब केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार है।
कांकेर में भीषण सड़क हादसा : दो ट्रकों की आमने सामने से टक्कर में तीन लोगों की मौत
रायपुर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में गुरुवार तड़के दो ट्रकों की टक्कर में तीन लोगों की मौत हो गई। हादसा चारामा थाना क्षेत्र के ग्राम रतेसरा के पास नेशनल हाईवे-30 पर गुरुवार की सुबह करीब तीन बजे हुआ। तेज रफ्तार ट्रकों की आमने-सामने टक्कर हो गई, जिससे ट्रक सवार कुल तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों ट्रक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
मिली जानकारी के अनुसार हादसे का कारण कोहरे को माना जा रहा है। हादसे के कारण नेशनल हाईवे-30 पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई और सड़क के दोनों ओर लंबा जाम लग गया था, जिसे 4 घंटे बाद पुलिस ने हटाया है। तीन मृतकों में दोनों ट्रक के ड्राइवर और एक हेल्पर शामिल है। हादसे में होरी लाल साहू (35 साल) बलौदाबाजार (ड्राइवर), अजय साहू (36 साल) निवासी बलौदाबाजार (हेल्पर) व इंद्रजीत सिंह (45 साल) (ड्राइवर) की मौत हो गई। पुलिस की ओर से जेसीबी एवं अन्य भारी मशीनों की मदद से क्षतिग्रस्त ट्रकों को सड़क से हटाने का कार्य किया गया।
राष्ट्रीय पटल पर चमका छत्तीसगढ़... 'मॉडल यूथ ग्राम सभा' में ईएमआरएस कोसमबुड़ा को प्रथम स्थान
रायपुर। छत्तीसगढ़ के लिए बड़े गौरव के क्षण में, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (EMRS), कोसमबुड़ा ने अपनी तरह की पहली ‘मॉडल यूथ ग्राम सभा’ (MYGS) प्रतियोगिता में राष्ट्रीय विजेता बनकर उभरने का गौरव प्राप्त किया है। पंचायती राज मंत्रालय आगामी 28 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में छत्तीसगढ़ की इस विजेता टीम को औपचारिक रूप से सम्मानित करेगा।
छत्तीसगढ़ की जनजातीय शिक्षा प्रणाली की बड़ी जीत देश भर के 800 से अधिक स्कूलों के प्रतिभागियों को पीछे छोड़ते हुए, ईएमआरएस कोसमबुड़ा के छात्रों ने ग्रामीण शासन की असाधारण समझ का प्रदर्शन किया। 30 अक्टूबर 2025 को जनजातीय कार्य मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय के सहयोग से शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य युवाओं को मॉक ग्राम सभा सत्रों के माध्यम से जमीनी समस्याओं के समाधान के लिए प्रेरित करना था। छत्तीसगढ़ का शीर्ष स्थान यह दर्शाता है कि राज्य ने अपनी जनजातीय आवासीय स्कूल प्रणाली के भीतर लोकतांत्रिक मूल्यों को कितनी मजबूती से आत्मसात किया है।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए ईएमआरएस कोसमबुड़ा के प्राचार्य, डॉ. कमलाकांत यादव ने कहा:"मॉडल यूथ ग्राम सभा (MYGS) पहल में हमारे विद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान मिलना हर्ष का विषय है। यह सफलता हमारे विद्यार्थियों के कड़े परिश्रम और ग्रामीण विकास से जुड़ी समस्याओं के प्रति उनकी गहरी समझ को दर्शाती है। पंचायती राज मंत्रालय और केंद्र सरकार की यह दूरदर्शी पहल छात्रों को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और सहभागी शासन से जोड़ने का एक प्रभावी मंच है। इस आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को जमीनी स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया को करीब से समझने का अवसर मिला है। हम आगामी 28 जनवरी को नई दिल्ली में होने वाले सम्मान समारोह में सहभागिता को लेकर उत्साहित हैं।"
युवा सहभागिता के लिए दूरदर्शी पहल ‘मॉडल यूथ ग्राम सभा’ को 30 अक्टूबर 2025 को लॉन्च किया गया था। इस कार्यक्रम ने तीन महीने से भी कम समय में भारत के 800 से अधिक स्कूलों तक पहुँच बनाकर युवाओं में सहभागी शासन की संस्कृति को बढ़ावा दिया है। देश भर से शॉर्टलिस्ट की गई शीर्ष 6 टीमों में ईएमआरएस कोसमबुड़ा ने ग्राम सभा के संचालन में अनुशासन और स्थानीय समस्याओं के व्यावहारिक समाधान के लिए नए मानक स्थापित किए हैं। 28 जनवरी को होने वाला सम्मान समारोह लोकतंत्र के इन युवा राजदूतों की उपलब्धि का उत्सव मनाएगा, जो भविष्य के जिम्मेदार नागरिक तैयार करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है।
रियल इस्पात संयंत्र जबरदस्त ब्लास्ट, 6 मजदूरों की जिंदा जलकर मौत, मची चीख-पुकार
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के भाटापारा क्षेत्र से बड़ी खबर सामने आ रही है। भाटापारा के ग्राम बकुलाही स्थित रियल इस्पात स्टील प्लांट में डीएससी कोल कीलन में अचानक हुए जबरदस्त ब्लास्ट से प्लेटफॉर्म पर काम कर रहे 6 मजदूरों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ब्लास्ट इतना तेज था कि आसपास काम कर रहे मजदूरों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। धमाके के साथ गर्म कोयले और आग के गुबार ने पूरे प्लेटफॉर्म को अपनी चपेट में ले लिया। कई मजदूर बुरी तरह झुलस गए, जिनकी चीख-पुकार से पूरा प्लांट गूंज उठा।
हादसे के तुरंत बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी और भगदड़ मच गई। झुलसे और घायल मजदूरों को आनन-फानन में भाटापारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CSC) और आसपास के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राहत टीम मौके पर पहुंची है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हादसे के कारणों की जांच जारी है। मृत मजदूरों की पहचान की जा रही है।
सभी अधिकारी और कर्मचारी बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य रूप से दर्ज करेः डॉ. गौरव सिंह
रायपुर। रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने समय-सीमा की महत्वपूर्ण बैठक लेते हुए विभिन्न विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में विशेष रूप से बायोमेट्रिक अटेंडेंस, आधार कार्ड, डीईएएफपीपी (DEAF) एवं निष्क्रिय (Inoperative) खातों, जनदर्शन कॉल सेंटर से प्राप्त आवेदनों पर चर्चा की गई।
कलेक्टर ने निर्देशित करते हुए कहा कि 1 जनवरी से सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है। फील्ड पर जाने से पहले तथा फील्ड कार्य से लौटने के बाद भी सभी उपस्थिति अनिवार्य रूप से दर्ज करें। उन्होंने कहा कि सीआर को पूर्णतः कंप्यूटरीकृत एवं डिजिटल स्वरूप में तैयार किया जाएगा, जिसमें विभागवार लक्ष्य निर्धारण एवं प्रगति के आधार पर मूल्यांकन किया जा रहा है।
कलेक्टर ने विभिन्न विभागों से प्राप्त पत्रों पर तत्काल कार्यवाही कर शीघ्र जवाब भेजने के निर्देश दिए। साथ ही 18 वर्ष से कम आयु के सभी बच्चों का आधार कार्ड अनिवार्य रूप से बनवाने हेतु विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।
जनदर्शन के संबंध में उन्होंने निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री तथा कलेक्टर जनदर्शन में प्राप्त सभी शिकायतों का त्वरित एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही कॉल सेंटर एवं अन्य लंबित शिकायतों का भी समय-सीमा के भीतर निराकरण करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा कलेक्टर डॉ. सिंह ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे DEAF एवं Inoperative बैंक खातों के निराकरण की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करें। बैठक में जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन और डीएफओ लोकनाथ पटेल सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
ऑटो एक्सपो–2026: वाहन खरीदी पर आरटीओ टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट
रायपुर। छत्तीसगढ़ में परिवहन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार रायपुर ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन द्वारा 20 जनवरी 2026 से 05 फरवरी 2026 तक श्री राम बिजनेस पार्क, एमजीएम हॉस्पिटल के सामने, विधानसभा रोड, सड्डू रायपुर में ऑटो एक्सपो–2026 का आयोजन किया जा रहा है। उक्त ऑटो एक्सपो में विक्रय होने वाले वाहनों पर परिवहन विभाग द्वारा एकमुश्त 50 प्रतिशत जीवनकाल कर (आरटीओ टैक्स) में छूट प्रदान की जा रही है, जिससे प्रदेश के आम नागरिकों को बड़ा आर्थिक लाभ मिलेगा।
ऑटो एक्सपो–2026 का आयोजन 20 जनवरी 2026 से 05 फरवरी 2026 तक श्री राम बिजनेस पार्क, रायपुर में किया जा रहा है। इस अवधि में वाहन क्रय करने वाले ग्राहकों को आरटीओ टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट का प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा। यह प्रदेश का पहला ऑटो एक्सपो है, जिसमें पूरे छत्तीसगढ़ के आम नागरिकों को लाभ मिलेगा। वाहन खरीदने के लिए आमजन को रायपुर आने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि वे अपने शहर अथवा गांव के निकटतम प्रतिभागी/पंजीकृत डीलरों के माध्यम से इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
ऑटो एक्सपो–2026 के अंतर्गत सभी नागरिकों को अपने गृह जिले में ही वाहन पंजीयन कराने की सुविधा उपलब्ध होगी। अर्थात, क्रय किए गए वाहन पर अपने गृह जिले के परिवहन कार्यालय का पंजीयन चिन्ह (आरटीओ कोड) प्राप्त किया जा सकेगा। दूरस्थ क्षेत्रों के डीलर्स भी इस ऑटो एक्सपो में भाग ले रहे हैं, जिससे छोटे व्यावसायिक विक्रेताओं को रोजगार के उपयुक्त अवसर प्राप्त होंगे और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
रायपुर ऑटो एक्सपो में छत्तीसगढ़ की जनता को एक ही स्थान पर सभी प्रकार के वाहन मॉडल एवं नवीनतम तकनीक से युक्त नए मॉडलों को देखने, परखने और चुनने का अवसर मिलेगा। इससे आमजन नवीनतम ऑटोमोबाइल तकनीकों से भी अवगत हो सकेंगे।
रायपुर ऑटो एक्सपो–2026 में देश के विभिन्न फाइनेंसर एवं बैंक न्यूनतम दरों पर वाहन ऋण उपलब्ध करा रहे हैं, वहीं इंश्योरेंस कंपनियां न्यूनतम दरों पर वाहन बीमा की सुविधा प्रदान कर रही हैं। इससे वाहन क्रय करने वाले नागरिकों को अतिरिक्त आर्थिक लाभ प्राप्त होगा।
ऑटो एक्सपो–2026 में आरटीओ टैक्स में 50 प्रतिशत छूट के साथ-साथ फाइनेंस कंपनियों, बैंकों, इंश्योरेंस कंपनियों एवं विभिन्न डीलरों के बीच प्रतिस्पर्धा के कारण न्यूनतम दरों पर वाहन उपलब्ध होंगे, जिससे आमजन को व्यापक आर्थिक राहत मिलेगी। रायपुर के इस ऑटो एक्सपो में रायपुर जिले के 95 डीलर्स तथा अन्य जिलों के 171 डीलर्स, कुल 266 डीलर्स भाग ले रहे हैं, जिससे प्रदेशभर के नागरिकों को विविध विकल्प उपलब्ध होंगे।
उल्लेखनीय है कि विगत वर्ष 2025 के ऑटो एक्सपो में कुल 29,348 वाहनों की बिक्री हुई थी, जिसके माध्यम से आम जनता को लगभग 120 करोड़ रुपये की आरटीओ टैक्स में छूट प्रदान की गई थी, जिससे नागरिकों को उल्लेखनीय आर्थिक सहायता प्राप्त हुई थी। इस प्रकार, ऑटो एक्सपो–2026 प्रदेश के नागरिकों के लिए किफायती दरों पर वाहन क्रय करने, स्थानीय स्तर पर पंजीयन सुविधा प्राप्त करने तथा व्यापक आर्थिक लाभ उठाने का एक महत्वपूर्ण अवसर सिद्ध हो रहा है।
नक्सल विरोधी अभियान: नारायणपुर के जंगल से 82 बीजीएल सेल बरामद
रायपुर। छत्तीसगढ़ के दक्षिण बस्तर के नारायणपुर जिले के नक्सल प्रभावित और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के तहत लगातार नक्सल विरोधी अभियान जारी है। इसी कड़ी में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की 53वीं वाहिनी और डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड की संयुक्त टीम ने आदिंगपार- कुमेरादी क्षेत्र के जंगल से 82 बीजीएल सेल बरामद किया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार टीम को गोपनीय सूचना मिली कि आदिंगपार-कुमेरादी क्षेत्र के जंगलों में नक्सली तत्वों ने संदिग्ध सामग्री छिपा रखी है। सूचना के आधार पर इलाके में सघन सर्च और एरिया डॉमिनेशन अभियान चलाया गया। इस दौरान आदिंगपार और कुमेरादी के जंगल क्षेत्र में एक संदिग्ध पॉलीथीन दिखाई दी। मौके पर रुककर जब गहन तलाशी ली गई तो नक्सली गतिविधियों में उपयोग की जाने वाली 82 बीजीएल सेल बरामद हुईं। बरामद सभी सामग्री को मौके पर जब्त किया गया। सर्च अभियान के दौरान क्षेत्र में पूरी सतर्कता, घेराबंदी और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी।
नारायणपुर एसपी राबिंनसन गुडिया ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि नारायणपुर पुलिस, आईटीबीपी और डीआरजी की यह संयुक्त कार्रवाई इस बात का स्पष्ट संकेत है, कि अबूझमाड़ क्षेत्र में नक्सलियों के लिए जमीन लगातार सिकुड़ रही है। सुरक्षाबलों की सतत निगरानी और सघन सर्च अभियानों से नक्सली नेटवर्क को कमजोर किया जा रहा है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस तरह की प्रभावी कार्रवाइयां आगे भी लगातार जारी रहेगी।
माओवादियों के प्रेशर IED की चपेट में आया ग्रामीण, इलाज के दौरान मौत
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के उसूर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कस्तुरीपाड में माओवादियों द्वारा लगाए गए प्रेशर IED की चपेट में आने से एक निर्दोष ग्रामीण की मौत हो गई। घटना 18 जनवरी 2026 की है।जानकारी के अनुसार ग्राम कस्तुरीपाड निवासी 20 वर्षीय आयता कुहरामी जंगल क्षेत्र की ओर गया हुआ था।
इसी दौरान पूर्व से लगाए गए प्रेशर IED में विस्फोट हो गया, जिससे उसके दोनों पैरों में गंभीर क्षति पहुंची। घायल अवस्था में उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा बलों द्वारा सघन सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा है, साथ ही IED की खोज और निष्क्रियकरण की कार्रवाई भी लगातार जारी है।
सुरक्षा बलों ने आम नागरिकों से अपील की है कि जंगल और दुर्गम क्षेत्रों में आवागमन के दौरान विशेष सतर्कता बरतें तथा किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की जानकारी तत्काल नजदीकी पुलिस थाना या सुरक्षा कैंप को दें।
छत्तीसगढ़ में एक बार फिर रातें हुई ठंडी, तीन दिनों में 1 से 2 डिग्री तक गिर सकता है पारा
रायपुर। छत्तीसगढ़ में अगले 24 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद अगले तीन दिनों तक तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। इसके बाद तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर और मध्य भारत के ऊपर सक्रिय तीन प्रमुख मौसमी सिस्टम के कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। पिछले 24 घंटों के दौरान रायपुर और दुर्ग संभाग के कुछ इलाकों में शीतलहर की स्थिति दर्ज की गई है। बीते 24 घंटों में प्रदेश का अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस जांजगीर में रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज हुआ।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दक्षिण पाकिस्तान के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन, ऊपरी और मध्य क्षोभमंडल में सक्रिय ट्रफ तथा उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम के प्रभाव से उत्तर भारत की ठंडी हवाएं मध्य भारत होते हुए छत्तीसगढ़ तक पहुंच रही हैं। इसी कारण रात के तापमान में गिरावट देखी जा रही है।
आने वाले दिनों में खासकर उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में रात की ठंड बढ़ने की संभावना है। रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर जैसे मैदानी इलाकों में सुबह के समय हल्की धुंध या कोहरा दिखाई दे सकता है। वहीं उत्तरी छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर शीतलहर जैसी स्थिति बन सकती है।
दिन के तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा और धूप खिली रहेगी, लेकिन सुबह और रात का मौसम ठंडा बना रहेगा। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन मौसमी सिस्टम का असर केवल ठंडी हवाओं तक सीमित है, इसलिए प्रदेश में बारिश की कोई संभावना नहीं है। कुल मिलाकर उत्तर भारत की ठंड का असर छत्तीसगढ़ में महसूस किया जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में रात की ठंड और बढ़ सकती है।
भीषण सड़क हादसा, स्कॉर्पियो-ट्रेलर की टक्कर में 6 लोग गंभीर रूप से घायल
रायपुर। बलौदाबाजार जिले से एक बड़ी सड़क दुर्घटना की खबर सामने आई है। टोडोपार क्षेत्र में तेज रफ्तार स्कॉर्पियो और ट्रेलर के बीच आमने-सामने की भीषण भिड़ंत हो गई। हादसा इतना भयानक था कि स्कॉर्पियो के परखच्चे उड़ गए, वहीं टक्कर के बाद ट्रेलर सड़क किनारे पलट गया।
इस दुर्घटना में स्कॉर्पियो सवार ड्राइवर समेत कुल 6 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद ड्राइवर वाहन के अंदर ही फंस गया था, जिसे स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाला गया। सभी घायलों को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
मिली जानकारी के अनुसार, स्कॉर्पियो में सवार सभी लोग कसडोल से रायपुर सत्संग में शामिल होने के लिए जा रहे थे। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह भीषण सड़क हादसा कैसे हुआ।
राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा सुधार.... एनएचएआई ने ब्लैकस्पॉट्स दुरुस्त किए, 200 करोड़ की परियोजनाएं प्रक्रिया में
रायपुर। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया—एनएचएआई) द्वारा चिन्हांकित ब्लैकस्पॉट्स पर सुधार कार्य किए जा रहे हैं। इसके साथ ही, अंडरपास और सर्विस रोड निर्माण से संबंधित परियोजनाओं के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और निर्माण से जुड़ी औपचारिकताएं प्रगति पर हैं।
एनएचएआई द्वारा सड़क सुरक्षा उपायों के तहत विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग खंडों पर रंबल स्ट्रिप्स, क्रैश बैरियर्स, सोलर ब्लिंकर, हाई-मास्ट लाइट्स तथा मानक साइन बोर्ड्स लगाए गए हैं। ये कार्य दुर्घटना संभावित स्थलों और व्यस्त मार्गों पर किए गए हैं।
यातायात प्रवाह को व्यवस्थित करने और राष्ट्रीय राजमार्ग पार करने वाले स्थानीय आवागमन को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से अंडरपास और सर्विस रोड निर्माण की योजना बनाई गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग–53 के दुर्ग से महाराष्ट्र/छत्तीसगढ़ सीमा खंड पर सुंदरा, पेंड्री, चिचोला, महाराजपुर और सोमनी गांवों में लगभग 90 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से अंडरपास एवं सर्विस रोड निर्माण के लिए टेंडर जारी किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, रसमड़ा में लगभग 30 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से अंडरपास निर्माण की प्रक्रिया चल रही है।
इसी प्रकार, राष्ट्रीय राजमार्ग–30 के रायपुर–सिमगा खंड पर सांकरा और सिलतरा में 80 करोड़ रुपये से अधिक की अनुमानित लागत से अंडरपास निर्माण तथा चरोदा में लगभग साढ़े छह करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बायपास क्रॉसिंग निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है।
इस प्रकार, प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों पर कुल लगभग 206.85 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से अंडरपास और सर्विस रोड से संबंधित परियोजनाएं विभिन्न चरणों में हैं। एनएचएआई द्वारा इन संरचनात्मक कार्यों के माध्यम से राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात व्यवस्था और सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।