सफेद कोट के पीछे काला सच’: कानपुर किडनी कांड में मास्टरमाइंड शिवम अग्रवाल के खुलासों ने हिलाई व्यवस्था
2026-04-09 04:57 PM
154
कानपुर| कानपुर में सामने आए अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट ने स्वास्थ्य व्यवस्था की साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस काले कारोबार के मास्टरमाइंड शिवम अग्रवाल ने पुलिस पूछताछ में जो राज खोले हैं, वे चौंकाने वाले ही नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की परतें उधेड़ने वाले हैं। जेल में हुई पांच घंटे की मैराथन पूछताछ में सामने आई जानकारी ने यह साफ कर दिया है कि यह सिर्फ एक व्यक्ति का खेल नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा है।
पांच घंटे की पूछताछ, 50 सवाल और कई चौंकाने वाले जवाब
मंगलवार को पुलिस ने जेल में बंद शिवम अग्रवाल से लगातार पांच घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान करीब 50 सवालों के जरिए किडनी कारोबार के हर पहलू को खंगालने की कोशिश की गई। पूछताछ में अस्पतालों की भूमिका, डॉक्टरों की संलिप्तता और पूरे नेटवर्क की संरचना को लेकर कई अहम खुलासे हुए। शिवम ने खुद स्वीकार किया कि उसने छह से अधिक किडनी ट्रांसप्लांट कराए हैं, लेकिन पुलिस को मिले संकेत इससे कहीं बड़े खेल की ओर इशारा करते हैं।
40 से ज्यादा ट्रांसप्लांट, 16 डॉक्टरों के नाम उजागर
शिवम अग्रवाल के बयान ने जांच को नया मोड़ दे दिया है। उसके मुताबिक कानपुर में 40 से अधिक अवैध किडनी ट्रांसप्लांट किए गए। इस पूरे रैकेट में 16 डॉक्टरों के नाम सामने आए हैं, जबकि 10 से ज्यादा नर्सिंग होम और अस्पतालों की भूमिका भी संदिग्ध बताई गई है। प्रिया अस्पताल और अहूजा अस्पताल जैसे नाम भी जांच के घेरे में आ गए हैं, जहां अवैध ट्रांसप्लांट कराए जाने की बात सामने आई है।
यूपी से बाहर तक फैला नेटवर्क, गरीबों को बनाया जाता था शिकार
इस कांड का सबसे भयावह पहलू इसका विस्तार है। यह रैकेट केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार उत्तराखंड और दिल्ली तक जुड़े हुए थे। शिवम ने खुलासा किया कि अलग-अलग राज्यों से गरीब युवाओं और जरूरतमंद मरीजों को लालच देकर इस जाल में फंसाया जाता था। किडनी डोनर को जहां महज 8 से 10 लाख रुपये दिए जाते थे, वहीं रिसीवर से 60 लाख से लेकर एक करोड़ रुपये तक वसूले जाते थे।
मार्च में छापेमारी से खुला राज, कई गिरफ्तारियां
इस पूरे मामले का पर्दाफाश मार्च के अंत में हुआ, जब कानपुर पुलिस ने कल्यानपुर और रावतपुर इलाके के कई निजी अस्पतालों पर छापा मारा। इस कार्रवाई में अहूजा हॉस्पिटल, प्रिया हॉस्पिटल और मेड-लाइफ हॉस्पिटल से पांच डॉक्टरों समेत शिवम अग्रवाल को गिरफ्तार किया गया। जांच के दौरान कई वीडियो और चैट भी सामने आए, जिन्होंने इस अवैध कारोबार की पुष्टि कर दी।