नन्ही बच्ची की जान बचाने 15 करोड़ की सहायता, अब एक इंजेक्शन से मिलेगा नया जीवन
2026-04-18 07:20 AM
43
झारखंड। दुर्लभ बीमारी से जूझ रही बच्ची की जिंदगी बचाने के लिए हेमंत सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. बच्ची की जान बचाने के लिए 15 करोड़ का इंजेक्शन चाहिए था, अब सरकार ने इस राशि को मंजूरी दे दी है. बच्ची के मां-बाप ने सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि सब कुछ बेच देते तब भी इलाज संभव नहीं था.
गिरिडीह की रहने वाली यामिका पटेल बेहद दुर्लभ बीमारी- स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी टाइप-1 से जूझ रही है. इसके इलाज के लिए करीब 15 करोड़ रुपये के इंजेक्शन की जरूरत थी. यह बीमारी इतनी दुर्लभ और गंभीर है कि झारखंड में इसका इलाज संभव नहीं था. डॉक्टरों ने बच्ची की जान बचाने के लिए एक विशेष इंजेक्शन की सलाह दी, जिसके एक डोज की कीमत करीब 15 करोड़ रुपये है. आर्थिक रूप से कमजोर परिवार अपनी बच्ची को बचाने के लिए दर-दर भटक रहा था.
जब बच्ची के माता-पिता स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के पास पहुंचे, तो उन्होंने बच्ची की स्थिति को गंभीरता से लिया. उन्होंने भरासो दिलाया कि कहा कि इस बच्ची को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा. उन्होंने इस मामले को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन के सामने रखा. इसके बाद हेमंत कैबिनेट ने 15 करोड़ रुपये की मंजूरी दी. इरफान अंसारी ने कहा कि अब झारखंड में इलाज के अभाव में कोई परिवार अपने बच्चे को नहीं खोएगा. सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है. जब एक डॉक्टर को सेवा का अवसर मिलता है, तो वह केवल इलाज ही नहीं करता, बल्कि व्यवस्था में भी बदलाव लाता है.
सरकार के इस फैसले से यामिका के परिवार के सदस्य भावुक हो गए. उनकी आंखों में आंसू साफ दिखाई दे रहे थे. उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उन्हें इतनी बड़ी मदद मिलेगी और वे अपनी बच्ची को बचा पाएंगे. अगर वे अपनी पूरी संपत्ति भी बेच देते, तब भी इतना महंगा इलाज संभव नहीं था, लेकिन मंत्री की पहल ने उनकी बच्ची को नई जिंदगी की उम्मीद दी.