मुख्यमंत्री ने महाराजा प्रवीरचंद भंजदेव और गणेश शंकर विद्यार्थी की पुण्यतिथि पर किया नमन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर के महान जननायक और अंतिम काकतीय राजा महाराजा प्रवीरचंद भंजदेव की पुण्यतिथि (25 मार्च) के अवसर पर उन्हें और निर्भीक पत्रकार, प्रबुद्ध लेखक और महान स्वतंत्रता सेनानी श्री गणेश शंकर विद्यार्थी की पुण्यतिथि (25 मार्च) पर उन्हें नमन किया है। उन्होंने कहा कि आज दो महान व्यक्तितयों की पुण्यतिथि है। महाराजा भंजदेव न केवल बस्तर के गौरव थे, बल्कि जनजातीय अस्मिता, आत्मसम्मान और अधिकारों की आवाज़ भी थे। वहीं गणेश शंकर विद्यार्थी न केवल पत्रकारिता के एक उज्ज्वल प्रतीक थे, बल्कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के ऐसे योद्धा थे, जिन्होंने अपनी लेखनी से जनचेतना की क्रांति को जन्म दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराजा प्रवीरचंद भंजदेव ने बस्तर की जल, जंगल और ज़मीन के साथ-साथ जनजातीय समाज के हक और सम्मान के लिए अपना जीवन न्यौछावर कर दिया। साय ने कहा कि उनका ग्रामीणों से गहरा आत्मीय संबंध था। वे आदिवासी समाज की आवाज़, संघर्ष और स्वाभिमान का प्रतीक थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराजा प्रवीरचंद भंजदेव का जीवन, विचार और बलिदान आज भी हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि उनका जीवन हम सभी को परंपरा और मूल्यों की रक्षा करते हुए जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए सतत कार्य करने की प्रेरणा देता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गणेश शंकर विद्यार्थी ने ‘प्रताप’ जैसे समाचार पत्र के माध्यम से देश के पीड़ित किसानों, श्रमिकों और आम जन की आवाज़ को राष्ट्रीय मंच प्रदान किया। उन्होंने निडर पत्रकारिता के माध्यम से ब्रिटिश शासन की नींव हिला दी और स्वतंत्रता संग्राम को वैचारिक बल प्रदान किया। श्री साय ने कहा कि विद्यार्थी जी के जीवन से हम सभी को समाजसेवा और राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा लेनी चाहिए।