दिव्य महाराष्ट्र मंडल

महाराष्ट्र मंडल में गौरव अलंकरण और विद्यार्थी सम्मान समारोह 23 अगस्त को

रायपुर। चौबे कालोनी स्थित महाराष्ट्र मंडल में रविवार, 23 अगस्त को सुबह 11 बजे से गौरव अलंकरण और विद्यार्थी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया है। महाराष्ट्र मंडल की उपाध्यक्ष गीता दलाल ने बताया कि महाराष्ट्र मंडल द्वारा डॉ. भालेराव स्मृति सम्मान, विद्यार्थी सम्मान, गौरव अलकंरण, डॉ. अम्बेडकर स्मृति अस्पताल की सर्वोत्कृष्ठ नर्स का सम्मान, महिला उत्थान, समाज सेवा विशिष्ठ कार्य करने वालों का सम्मान किया जाएगा। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, सरगुजा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. राजेन्द्र लाकपाले, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर उपस्थित रहेंगे।  कार्यक्रम की अध्यक्षता मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले करेंगे। 
 
मंडल के सचिव चेतन दंडवते ने बताया कि समाजसेवा और महिला उतथान के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए शोभा मेहता, संस्थागत पुरस्कार की श्रेणी में उत्कृष्ठ संस्था के लिए नोवा वेलफेयर सोसायटी को गौरव अलंकरण पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। वहीं खेल के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ठ प्रदर्शन के लिए वर्तिका क्षीरसागर और आयुष्मान कालेले को सम्मानित किया जाएगा।  डा भालेराव स्मृति सम्मान की कड़ी में  एमडी के लिए डा. सुशांत गांगे, एमबीबीएस के लिए डा. तनिशा श्री, उत्कृष्ठ नर्स के लिए श्रीमती डी अश्लेषम और 10वीं में उत्कृष्ठ प्रदर्शन के लिए ओजस पट्टेवार को सम्मानित किया जाएगा। 
 
नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी
नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी छत्तीसगढ़ के रायपुर में स्थित एक प्रमुख गैर-सरकारी संगठन (NGO) है, जो पिछले दो दशकों से वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और मानव-वन्यजीव द्वंद्व को कम करने के लिए समर्पित रूप से कार्य कर रहा है। यह संस्था रायपुर और आसपास के जिलों में 24 घंटे स्नेक और एनिमल रेस्क्यू हेल्पलाइन संचालित करती है। रिहायशी इलाकों में सांप या अन्य जंगली जानवरों के निकलने पर इनकी टीम उन्हें सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ती है। संस्था ने गरियाबंद जैसे हाथी प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय ग्रामीणों को मिलाकर 'हाथी-मित्र दल' का गठन किया है, जो हाथियों के आने पर सुरक्षा और जागरूकता का काम करते हैं। संस्था ने छत्तीसगढ़ के वन विभाग के साथ मिलकर राज्य में सांपों की प्रजातियों पर पहला व्यापक सर्वे किया था, जिसमें सांपों की 8 नई प्रजातियों का पता लगाया गया था। इसके अलावा यह संस्था किंग कोबरा, चमगादड़ और राज्य पशु 'वन भैंसा' (Wild Buffalo) के संरक्षण और शोध पर भी कार्य कर रही है। संस्था द्वारा स्कूलों, कॉलेजों और आदिवासी समुदायों के बीच जाकर पर्यावरण, बाघ संरक्षण और वन्यजीवों के महत्व पर ईको-कैंप व जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन करता है।