भारत माला प्रोजेक्ट घोटाला: ED की छापेमारी में लाखों नकद और भारी मात्रा में चांदी बरामद, प्रेस नोट में ईडी ने कहा…
2026-04-29 10:55 AM
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रायपुर। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई इलाकों में भारतमाला प्रोजेक्ट से जुड़े कथित घोटाले को लेकर बड़ी कार्रवाई हुई है। ED ने एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी कर महत्वपूर्ण सबूत जुटाए हैं। यह कार्रवाई एसीबी/ईओडब्ल्यू की एफआईआर के आधार पर शुरू की गई जांच के तहत की गई है।
जानकारी के मुताबिक, ED ने रायपुर, अभनपुर, धमतरी और कुरुद में कुल 8 ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की। इस दौरान जांच एजेंसी को भारी मात्रा में नकदी और कीमती सामान मिला है। अधिकारियों ने करीब 66.9 लाख रुपये नकद और 37 किलो से अधिक चांदी जब्त की है। इसके अलावा कई डिजिटल डिवाइस, दस्तावेज और रिकॉर्ड भी कब्जे में लिए गए हैं, जो जांच में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
यह पूरा मामला भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत जमीन अधिग्रहण में मुआवजा वितरण में कथित गड़बड़ी से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि जमीन रिकॉर्ड में हेरफेर कर कुछ लोगों ने नियमों के विपरीत अधिक मुआवजा प्राप्त किया। जांच में यह भी सामने आया है कि सरकारी नोटिफिकेशन जारी होने के बाद जमीन का ट्रांसफर कर फर्जी तरीके से मुआवजा लेने का खेल किया गया।
इस मामले में तत्कालीन एसडीओ निर्भय साहू समेत कई लोगों की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। जांच एजेंसियों ने इन्हें रडार पर रखा है और उनसे जुड़े वित्तीय लेन-देन तथा संपत्ति के दस्तावेजों की जांच की जा रही है।गौरतलब है कि भारतमाला प्रोजेक्ट केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य देशभर में सड़क नेटवर्क को मजबूत करना है। लेकिन इस परियोजना में मुआवजा वितरण को लेकर सामने आई अनियमितताओं ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार, ED की टीम जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल डिवाइस की फॉरेंसिक जांच कर रही है। इससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस कथित घोटाले में कितने लोग शामिल हैं और कुल कितनी राशि का गड़बड़झाला हुआ है।इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। यदि आरोप साबित होते हैं, तो यह मामला प्रदेश के बड़े आर्थिक घोटालों में शामिल हो सकता है।