सावधान... अगर आपसे कोई परिचित वाट्सएप में मांग रहा है पैसे तो रूकिए.... यह हो सकती है साइबर ठगी
रायपुर। सावधान... अगर आपके वाट्सएप में मैसेज कर आपका कोई परिचित पैसे मांगे तो अलर्ट हो जाइए। ऐसे में आप साइबर ठगी के शिकार हो सकता है। ऐसे में आपको फोन काल कर एक बार बात अवश्य करनी चाहिए। यही नहीं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल कर अब साइबर जालसाजी हो रही है। एआई से दोस्त, रिश्तेदार की आवाज बदलकर साइबर जालसाज फोन कर ठगी को अंजाम दे रहे हैं। अगर आपके पास भी कोई सगा संबंधी बनकर फोन कर मदद के नाम पर पैसे मांगे तो सावधान हो जाएं। ऐसे स्थिति में भी जल्दबाजी बिल्कुल न करें।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विस्तार होने के साथ ही साइबर जालसाजों ने लोगों को ठगने का नया तरीका अपनाया है। अब तक सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल, ओटीपी समेत अन्य तरीकों से ठगी हो रही थी, लेकिन अब जालसाज एआई की वॉयस क्लोनिंग टूल की मदद ले रहे हैं। यह टूल आपकी आवाज इतने सलीके से नकल करता है कि अपनी व टूल की आवाज में अंतर नहीं कर पाएंगे। इसके लिए साइबर क्रिमिनल सबसे पहले किसी शख्स को ठगी के लिए चुनते हैं। इसके बाद उसकी सोशल मीडिया प्रोफाइल को देखते हैं और उसकी किसी ऑडियो व वीडियो को अपने पास रख लेते हैं।
इसके बाद एआई की वॉयस क्लोनिंग टूल की मदद से उसकी आवाज क्लोन करते हैं। फिर उनके परिचित को उसकी आवाज में फोन कर बताया जाता है कि उनका एक्सिडेंट हो गया है या कोई भी इमरजेंसी स्थिति बताकर ठगी की जा रही है। तीन से पांच सेकेंड की आवाज से वॉयस क्लोनिंग आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के माध्यम से किसी की भी आवाज की नकल करने के लिए सिर्फ तीन से पांच सेकेंड का वीडियो चाहिए। साइबर क्रिमिनल फेसबुक, इंस्टाग्राम या यूट्यूब पर सर्च कर किसी भी आवाज का सैंपल ले लेते हैं। इसके बाद वायस क्लोन कर उनके परिचित, रिश्तेदारों को फोन किया जाता है। आवाज की क्लोनिंग ऐसी होती है कि पति-पत्नी, पिता पुत्र तक आवाज नहीं पहचान पा रहे हैं।