सूअर के लिए बिछाया था जाल… फंदे में फंसा तेंदुआ, शिकारी गिरफ्तार
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर वन वृत्त के जंगलों में जंगली सूअर को पकड़ने के लिए लगाया गया तार का फंदा एक तेंदुए के लिए जानलेवा साबित हो सकता था…हालांकि वन विभाग और कानन पेंडारी की रेस्क्यू टीम की तत्परता से तेंदुए की जान बचा ली गई…और इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया गया है।
पाली रेंज के लाफा जंगल में एक ग्रामीण ने जंगली सूअर का शिकार करने के लिए तार का फंदा लगाया था। लेकिन किस्मत ने करवट ली और उस फंदे में एक तेंदुआ फंस गया। फंदे में फंसा तेंदुआ बुरी तरह छटपटा रहा था। जिसकी सूचना मिलते ही इलाके में दहशत फैल गई। वन विभाग की टीम और कानन पेंडारी जू के वन्य प्राणी चिकित्सक डॉ. पी.के. चंदन मौके पर पहुंचे। तेंदुआ को सामान्य स्थिति में निकालना संभव नहीं था।
ऐसे में पीसीसीएफ वन्य प्राणी से अनुमति लेकर सोमवार रात करीब एक बजे ट्रैंक्यूलाइज़र गन से उसे बेहोश किया गया। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने तेंदुए को सुरक्षित फंदे से बाहर निकाला। फंदे की वजह से उसके पेट और पिछले हिस्से में चोट आई थी। घायल तेंदुए को तत्काल रेस्क्यू वाहन से कानन पेंडारी लाया गया। जहां उसका उपचार किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कटघोरा वनमंडल ने अचानकमार टाइगर रिजर्व के डॉग स्क्वॉड की मदद ली। डॉग स्क्वॉड की डाग ‘नीतू’ जांच करते हुए नगोई भाठा निवासी विजय कुमार गोंड तक पहुंच गई। तलाशी के दौरान शिकार में इस्तेमाल किए गए तार और फंदे बरामद हुए। आरोपी ने सूअर के शिकार की बात कबूल की।
वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम की धारा 09, 51 और 52 के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे 14 दिन के न्यायिक रिमांड पर उप जेल कटघोरा भेज दिया गया है। इलाज के बाद जब तेंदुए की हालत में सुधार हुआ तो मंगलवार शाम उसे उसी जंगल क्षेत्र में दोबारा छोड़ दिया गया।