छत्तीसगढ़

धमतरी में थाना परिसर के पास भीषण आग, जब्त वाहन और मैदान की सूखी घास जली

धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में उस समय हड़कंप मच गया जब कोतवाली थाना क्षेत्र के अर्जुनी थाना के पास जब्त किए गए वाहनों में अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि पास के लगभग 5 एकड़ क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें आत्मानंद स्कूल और अजाक थाना तक पहुंचने से क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, यह घटना उस स्थान पर हुई जहां विभिन्न मामलों में जब्त किए गए पुराने और कंडम वाहन लंबे समय से खड़े थे। इसी क्षेत्र के पास एक बड़ा मैदान भी है, जिसमें सूखी घास काफी मात्रा में फैली हुई थी। प्रारंभिक आशंका जताई जा रही है कि पहले सूखी घास में आग लगी, जो हवा और गर्मी के कारण तेजी से फैलती हुई जब्त वाहनों तक पहुंच गई।

आग लगते ही आसपास के क्षेत्र में धुआं और लपटें उठने लगीं, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। थाना स्टाफ ने तुरंत इसकी सूचना दमकल विभाग को दी। सूचना मिलने के बाद दमकल की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का कार्य शुरू किया गया। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। इस अग्निकांड में लगभग चार कारें और एक ऑटो पूरी तरह जलकर राख हो गए। जब्त वाहन लंबे समय से खुले मैदान में पड़े होने के कारण आग तेजी से फैलने का खतरा और बढ़ गया था। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि पास स्थित आत्मानंद स्कूल और अजाक थाना परिसर तक पहुंच गई, जिससे स्थिति गंभीर हो गई थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि जिस मैदान में आग लगी, वहां सूखी घास की मात्रा काफी अधिक थी। पहले से ही आग लगने का खतरा बना हुआ था।

लोगों का कहना है कि यदि समय पर दमकल की टीम मौके पर नहीं पहुंचती, तो आग और विकराल रूप ले सकती थी और आसपास की सरकारी इमारतों, खासकर स्कूल को बड़ा नुकसान हो सकता था। दमकल विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने काफी प्रयासों के बाद आग को नियंत्रित किया और उसे फैलने से रोका। आग बुझाने के दौरान क्षेत्र को पूरी तरह से खाली कराया गया ताकि किसी प्रकार की जनहानि न हो। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर यह माना जा रहा है कि सूखी घास में किसी कारणवश आग लगी, लेकिन वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। इस घटना ने एक बार फिर थानों में लंबे समय से पड़े कंडम वाहनों और खुले मैदानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि ऐसे क्षेत्रों में नियमित सफाई और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।