राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग को रिकवरी का अधिकार नहीं, हाईकोर्ट ने रद्द किया आयोग का आदेश
रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया है कि छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग केवल एक सलाहकार और सिफारिश करने वाली संस्था है, जिसे किसी भी कमर्शियल विवाद में पैसे की रिकवरी का आदेश देने का कानूनी अधिकार प्राप्त नहीं है। जस्टिस एके प्रसाद की सिंगल बेंच ने कमला मोटर्स की रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की।
मामला तब सामने आया जब हार्वेस्टर मशीन के सौदे में देरी होने पर खरीदार ने आयोग में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद आयोग ने कलेक्टर को याचिकाकर्ता से 1,26,500 रुपये वसूलकर शिकायतकर्ता को दिलाने का निर्देश दिया था। याचिकाकर्ता ने इसे चुनौती देते हुए तर्क दिया कि 1995 के अधिनियम के तहत आयोग की शक्तियां केवल सिफारिश करने तक सीमित हैं।
कोर्ट ने याचिकाकर्ता के तर्कों को सही ठहराते हुए कहा कि आयोग को मिली जांच-पड़ताल की कुछ शक्तियां उसे सिविल कोर्ट का दर्जा नहीं देतीं और न ही वह किसी सक्षम अधिकारी की तरह रिकवरी का आदेश जारी कर सकता है। इस व्यवस्था के साथ ही हाईकोर्ट ने आयोग द्वारा जारी आदेश को निरस्त कर दिया है।