भारी बारिश का कहर: चैतुरगढ़ माता मंदिर का रैम्प क्षतिग्रस्त, वाहनों की आवाजाही बंद
मौजूदा स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने किसी भी तरह के वाहन के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। श्रद्धालु अब केवल पैदल ही मंदिर तक पहुंच सकते हैं, लेकिन फिसलन और क्षतिग्रस्त रास्ते के कारण बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह सफर जोखिम भरा हो गया है।चैतुरगढ़ मां महिषासुर मर्दिनी मंदिर कोरबा जिले का प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल है, जहां विशेष रूप से नवरात्रि और मानसून के दौरान हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में रैम्प के क्षतिग्रस्त होने से न सिर्फ श्रद्धालुओं को परेशानी होगी, बल्कि स्थानीय पर्यटन और व्यापार पर भी इसका असर पड़ने की आशंका है।