धान की फसल को हाथियों ने रौंदा, कच्चे मकान को भी किया क्षतिग्रस्त
हाथियों के गांव में पहुंचने की सूचना मिलते ही ग्रामीणों और वन अमले ने उन्हें जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास किया। हालांकि हाथी देर रात तक गांव के आसपास डटे रहे और बाद में वापस जंगल की ओर लौट गए। सुबह वन विभाग की टीम ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण शुरू कर नुकसान का आंकलन किया। वन विभाग के अनुसार, इन दिनों रायगढ़ और धरमजयगढ़ वन मंडल में कुल 145 हाथी अलग-अलग दलों में विचरण कर रहे हैं। इनमें धरमजयगढ़ वन मंडल में 99 और रायगढ़ वन मंडल में 46 हाथी हैं। इनमें 46 नर, 71 मादा और 28 शावक शामिल हैं। सबसे अधिक 18 हाथी धरमजयगढ़ के गेरसा, 17 हाथी बाकारूमा रेंज के ससकोबा बीट, 16 हाथी बोरो रेंज के खम्हार उत्तर और 17 हाथी रायगढ़ वन मंडल के बंगुरसिया पश्चिम क्षेत्र में मौजूद हैं।