6 दवा दुकानों की हुई जांच, 3 मेडिकल स्टोर पर की कार्रवाई
2026-08-10 08:25 AM
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सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले में दवाइयों की अवैध बिक्री और विशेष रूप से स्वापक एवं मनः प्रभावी औषधियों के दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने दवा दुकानों की जांच तेज कर दी है। इसी कड़ी में शनिवार को सारंगढ़ ब्लॉक में राजस्व और पुलिस विभाग की मौजूदगी में औषधि निरीक्षक टीम ने छह औषधि प्रतिष्ठानों का संयुक्त निरीक्षण किया। जांच के दौरान दवाओं की खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेज, रजिस्टर और अभिलेखों को बारीकी से खंगाला गया।
यह कार्रवाई खाद्य एवं औषधि प्रशासन के निर्देशानुसार तथा कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के निर्देश और उप संचालक खाद्य एवं औषधि प्रशासन के मार्गदर्शन में की गई। प्रशासन की इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य दवा दुकानों में नियमों का पालन सुनिश्चित करना और प्रतिबंधित या नियंत्रित श्रेणी की दवाओं की बिक्री में होने वाली अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगाना है। औषधि निरीक्षक टीम ने सारंगढ़ ब्लॉक में कुल छह दवा दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान विशेष रूप से स्वापक एवं मनः प्रभावी औषधियों की खरीद और बिक्री से संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई। मेडिकल स्टोर्स में उपलब्ध रजिस्टर, दवाओं की खरीद से संबंधित रिकॉर्ड तथा बिक्री का विवरण भी देखा गया। अधिकारियों ने यह जांचने का प्रयास किया कि संबंधित दवाओं की बिक्री निर्धारित नियमों और आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर की जा रही है या नहीं।
जांच के दौरान छह में से तीन औषधि प्रतिष्ठानों में दवाओं की खरीद-बिक्री से संबंधित अनियमितताएं सामने आईं। अधिकारियों के मुताबिक, इन प्रतिष्ठानों के खिलाफ औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 और नियमावली 1945 के तहत अग्रिम कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। फिलहाल जांच में सामने आए बिंदुओं और दस्तावेजों के आधार पर आगे की वैधानिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। प्रशासन की ओर से मेडिकल स्टोर संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि स्वापक एवं मनः प्रभावी औषधियों की बिक्री चिकित्सक की वैध पर्ची के बिना न की जाए। ऐसी दवाओं की बिक्री और रिकॉर्ड संधारण में किसी भी तरह की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। अधिकारियों ने संचालकों को दवा बिक्री से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज और रजिस्टर व्यवस्थित रखने के निर्देश भी दिए।
जांच के दौरान दवा दुकानों में सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था का भी जायजा लिया गया। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार मेडिकल स्टोर्स में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने को आवश्यक बताया गया है। निरीक्षण के दौरान अधिकांश दवा दुकानों में सीसीटीवी कैमरे संचालित पाए गए। वहीं जिन दुकानों में अभी तक कैमरे नहीं लगाए गए हैं, उनके संचालकों को जल्द से जल्द सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए। प्रशासन का मानना है कि दवा दुकानों में सीसीटीवी व्यवस्था होने से दवाओं की बिक्री पर निगरानी रखने में मदद मिलेगी। खासकर नियंत्रित श्रेणी की दवाओं की खरीद-बिक्री से जुड़े मामलों में रिकॉर्ड और गतिविधियों की निगरानी अधिक प्रभावी तरीके से की जा सकेगी। साथ ही किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर जांच एजेंसियों को भी मदद मिलेगी।
अधिकारियों ने मेडिकल स्टोर संचालकों से अपील की कि वे दवा बिक्री से जुड़े सभी नियमों का गंभीरता से पालन करें। चिकित्सकीय पर्ची के आधार पर ही नियंत्रित दवाओं की बिक्री करें और प्रत्येक आवश्यक लेनदेन का रिकॉर्ड नियमानुसार संधारित करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि दवाओं की अवैध बिक्री या नियमों के उल्लंघन की शिकायत मिलने पर आगे भी इसी तरह जांच और कार्रवाई जारी रहेगी। इस संयुक्त निरीक्षण कार्रवाई में तहसीलदार एनके सिन्हा, औषधि निरीक्षक संतोषी राज, सविता रानी और कौशल साहू तथा पुलिस आरक्षक शकुन्तला जायसवाल शामिल रहीं। राजस्व, पुलिस और खाद्य एवं औषधि प्रशासन के समन्वय से की गई इस कार्रवाई को जिले में दवा दुकानों की निगरानी मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।