दिव्य महाराष्ट्र मंडल

जेएनयू के राष्ट्रीय सम्मेलन में महाराष्ट्र मंडल के जाधव पाटिल दंपती के शोधपत्र चयनित

 0 गणेशा व मंगल गणेशा पाटिल नई दिल्‍ली में प्रस्‍तुत करेंगे छत्रपति शिवाजी महाराज पर शोधपत्र

 
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के आजीवन सभासद गणेशा जाधव पाटिल व उनकी पत्नी मंगल गणेशा जाधव पाटिल के शोधपत्र पं. जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू), नई दिल्ली में होने वाले राष्ट्रीय सम्मेलन ‘द लाइफ एंड लेगेसी ऑफ छत्रपति शिवाजी महाराज’ की प्रस्तुति के लिए चयनित हुए हैं।
बताते चलें कि गणेशा महाराष्ट्र मंडल की नवगठित ‘छत्रपति शिवाजी महाराज कार्यक्रम आयोजन समिति’ के प्रमुख भी हैं। उनका शोधपत्र ‘इक्कीसवीं सदी में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रासंगिकता’ विषय पर है। गणेशा ने बताया कि वे शोध में शिवाजी महाराज के स्वराज्य, सुशासन, राष्ट्रीय सुरक्षा, आत्म निर्भरता, समुद्री रणनीति और उत्तरदायी नेतृत्व जैसे आयामों का अध्ययन करते के लिए उनकी प्रासंगिकता को साल 2026 के समकालीन भारत के संदर्भ में प्रस्तुत करेंगे।
इधर मंगल पाटिल का शोधपत्र ‘छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक: नवयुग का आरंभ’ विषय पर केंद्रित है। इसमें राज्याभिषेक की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, राजनीतिक और सांस्कृतिक महत्व, हिंदवी स्वराज्य की वैधता और राज्य-निर्माण के संदर्भ में उसका विश्लेषण किया गया है। आयोजकों की ओर से दोनों शोधपत्रों के सार को स्‍क्रूटनी कमेटी ने स्वीकार किया और पूर्ण शोधपत्रों की प्रकाशन प्रक्रिया में शामिल करने के लिए आमंत्रित किया गया। साथ ही चयनित शोधपत्रों के लेखकों को सम्मेलन में अपने शोध की प्रस्तुति के लिए भी आमंत्रित किया गया है। राष्ट्रीय सम्मेलन में दोनों शोधकर्ताओं को निर्धारित समय में पीपीटी के माध्यम से अपने शोध के केंद्रीय भाव, प्रमुख प्राथमिक और द्वितीयक स्रोत और निष्कर्ष प्रस्तुत करने होंगे।
महाराष्ट्र मंडल के अध्‍यक्ष अजय मधुकर काले, सचिव चेतन गोविंद दंडवते, वरिष्‍ठ रंगसाधक प्रसन्‍न निमोणकर सहित अनेक पदाधिकारियों व सभासदों ने गणेशा और उनकी पत्‍नी मंगल के छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन, राज्य-दर्शन एवं विरासत पर किए गए शोध और उसकी जेएनयू नई दिल्ली जैसी प्रसिद्ध शैक्षणिक संस्‍था में प्रस्‍तुति को लेकर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। काले ने कहा कि यह वास्‍तव में महाराष्‍ट्र मंडल के लिए गौरवशाली क्षण है और हमें विश्‍वास है कि गणेश व मंगल जेएनयू में महाराष्‍ट्र मंडल का झंडा गड़ाकर आएंगे। जाधव पाटिल दंपती का यह शोध हमारी बड़ी उपलब्धि है।