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UAE में सेलिना जेटली के भाई हिरासत में : दिल्ली हाईकोर्ट ने MEA को दिए अहम निर्देश, मीडिया से बात करने पर लगाई रोक

 हाईकोर्ट ने विदेश मंत्रालय से पूछा है कि क्या अदालत की सीधी बातचीत मेजर (रिटायर्ड) विक्रांत जेटली से कराई जा सकती है। सुनवाई के दौरान अदालत ने विदेश मंत्रालय के वकील को निर्देश दिया कि वह मंत्रालय या संबंधित भारतीय वाणिज्य दूतावास से संपर्क कर यह सुनिश्चित करें कि विक्रांत जेटली की अदालत से बातचीत संभव हो सके। कोर्ट यह जानना चाहती है कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग या किसी अन्य माध्यम से उनसे संपर्क स्थापित किया जा सकता है या नहीं।

अदालत को बताया गया कि विक्रांत जेटली सितंबर 2024 से UAE में हिरासत में हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को बिना अदालत की अनुमति मीडिया से बातचीत न करने का भी निर्देश दिया है। सुनवाई के बाद मंगलवार दोपहर सेलिना जेटली को दिल्ली हाईकोर्ट से बाहर निकलते हुए देखा गया, हालांकि अदालत के निर्देशों का पालन करते हुए उन्होंने इस मामले पर मीडिया से कोई बयान नहीं दिया। हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 12 फरवरी को निर्धारित की है।

इससे पहले, पिछले सप्ताह दिल्ली हाईकोर्ट ने विदेश मंत्रालय को आदेश दिया था कि वह UAE की कानूनी फर्म अल मरी पार्टनर्स को वहां की अदालत में विक्रांत जेटली का प्रतिनिधित्व करने की अनुमति दे। यह फर्म दुबई और अबू धाबी में पूरी तरह नि:शुल्क (प्रो बोनो) आधार पर मामले की पैरवी करेगी। अदालत को बताया गया कि इस फर्म का नाम सेलिना जेटली के वकील राघव कैकर ने सुझाया था, जिनकी सहायता अधिवक्ता माधव अग्रवाल और सुराधीश वत्स ने की। अदालत को यह भी बताया गया कि कानूनी फर्म ने मामले की जानकारी स्वयं जुटाई है और बिना किसी शुल्क के कानूनी सहायता देने के लिए तैयार है।

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