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भारत और न्यूजीलैंड ने ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते पर किए हस्ताक्षर

नईदिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड ने आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण और नेतृत्व में भारत की वैश्विक आर्थिक साझेदारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार एवं निवेश मंत्री माननीय टॉड मैक्ले ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए।

इस हस्ताक्षर समारोह में दोनों देशों के व्यवसायों और उद्योग जगत के अग्रणी एक साथ आए। इसमें व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने संसद सदस्यों और 30 से अधिक न्यूजीलैंड व्यवसायों के एक बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। मैक्ले ने कहा कि भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर द्विपक्षीय सम्बंधों में एक नया और महत्वपूर्ण अध्याय है। यह साझी महत्वाकांक्षा, गहन जुड़ाव और पारस्परिक रूप से लाभकारी विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर के अवसर पर अपने संदेश में न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने इसे एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया और कहा कि यह समझौता दोनों देशों के लिए व्यापार, निवेश और नवाचार के व्यापक अवसर खोलता है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि इससे बाजार पहुंच का विस्तार होगा, निर्यात वृद्धि को बढ़ावा मिलेगा और कृषि जैसे क्षेत्रों में सहयोग संभव होगा। साथ ही, यह स्थिर, नियम-आधारित व्यापार और घनिष्ठ जन-संबंधों के प्रति साझा प्रतिबद्धता को भी मजबूत करेगा।

इस अवसर पर मैक्ले ने कहा कि यह समझौता वर्तमान पीढ़ी के लिए सबसे बड़ा अवसर है। यह निर्यातकों के लिए नए रास्ते खोलेगा, रोजगार सृजित करेगा और महत्वपूर्ण आर्थिक संभावनाओं को उजागर करेगा। इससे न केवल मौजूदा व्यापारिक सम्बंध मजबूत होंगे बल्कि नई साझेदारियों के विकास में भी तेजी आएगी, इससे दोनों देशों के बीच समग्र आर्थिक सहयोग बढ़ेगा।

न्यूजीलैंड की मजबूत भागीदारी के बारे में उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निर्यातकों, क्षेत्र के अग्रणियों और व्यावसायिक हितधारकों सहित 40 से अधिक प्रतिनिधि भारत आए है। इससे समझौते के महत्व का पता चलता है। इस समझौते से बाजार पहुंच में सुधार, बाधाओं में कमी और स्पष्ट एवं पूर्वानुमानित नियमों की स्थापना के माध्यम से व्यापार और निवेश प्रवाह में वृद्धि होने की उम्मीद है। यह लघु एवं मध्यम उद्यमों सहित सभी आकार के व्यवसायों को सहयोग प्रदान करेगा और व्यापार के लाभों का व्यापक वितरण सुनिश्चित करेगा।

मैक्ले ने द्विपक्षीय सम्बंधों के एक प्रमुख स्तंभ के रूप में जन-जन सम्बंधों की भूमिका पर भी बल दिया। उन्होंने बताया कि न्यूजीलैंड की लगभग 6 प्रतिशत आबादी की जड़ें भारत से जुड़ी हैं। भारतीय प्रवासी व्यापार, शिक्षा, विज्ञान, संस्कृति, खेल और सार्वजनिक जीवन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने प्रथम विश्व युद्ध के दौरान साझा सैन्य इतिहास और खेल जगत के स्थायी जुड़ाव, विशेष रूप से क्रिकेट में, दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक सम्बंधों पर भी प्रकाश डाला, जो द्विपक्षीय भागीदारी को मजबूत करना जारी रखता है।

यह समझौता वैश्विक और क्षेत्रीय परिस्थितियों में हो रहे बदलावों के दौर में हुआ है, जहां विश्वसनीय साझेदारियां और भी महत्वपूर्ण हो गई हैं। न्यूजीलैंड भारत को क्षेत्रीय स्थिरता, आर्थिक मजबूती और साझा समृद्धि को बढ़ावा देने में एक प्रमुख भागीदार मानता है। भारत के तीव्र आर्थिक परिवर्तन को स्वीकार करते हुए, श्री मैक्ले ने वैश्विक आर्थिक गतिविधि में इसकी बढ़ती भूमिका का उल्लेख किया और भारत की विकास यात्रा में साझेदारी करने के लिए न्यूजीलैंड की प्रतिबद्धता को दोहराया।

मैक्ले ने वार्ता में शामिल अधिकारियों के पेशेवर रवैये और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि यह समझौता संतुलित, दूरदर्शी और व्यावहारिक परिणाम दर्शाता है। अब दोनों पक्ष समझौते के प्रभावी कार्यान्वयन और क्रियान्वयन के लिए मिलकर काम करेंगे। अपने संबोधन के समापन में उन्होंने ने दोनों देशों के नेतृत्व को उनकी दूरदर्शिता और प्रतिबद्धता के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि यह समझौता आपसी सम्मान, साझा हितों और आने वाले वर्षों में सम्बंधों को और मजबूत करने की स्पष्ट महत्वाकांक्षा पर आधारित है।

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