देश-विदेश

Amarnath यात्रा सुरक्षा तैयारी तेज, ड्रोन और आपात स्थितियों से निपटने के लिए अलर्ट

जम्मू: अधिकारियों ने मंगलवार को जानकारी दी कि आगामी अमरनाथ यात्रा के दौरान संभावित आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियां व्यापक तैयारी कर रही हैं। इस बार सुरक्षा योजना में उन चुनौतियों को भी शामिल किया गया है, जिनका सामना पहले की यात्राओं में नहीं हुआ था। तैयारी के तहत ड्रोन की घुसपैठ, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में हमले, बंधक बनाए जाने की स्थिति, बड़े पैमाने पर हताहत होने की आशंका और प्राकृतिक आपदाओं जैसी परिस्थितियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां इन सभी संभावित खतरों से निपटने के लिए अलग-अलग स्तर पर अभ्यास और समन्वय कर रही हैं।
 
इस अभ्यास से जुड़े एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य हर प्रकार की आपात स्थिति के लिए पहले से तैयार रहना और सभी सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करना है। अधिकारी के अनुसार, इस बार सुरक्षा व्यवस्था को पहले से अधिक मजबूत और तकनीक आधारित बनाया जा रहा है। दक्षिण कश्मीर हिमालय में स्थित 3,880 मीटर ऊंचे पवित्र गुफा मंदिर की यह वार्षिक तीर्थयात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त को समाप्त होगी। लाखों श्रद्धालु इस दौरान कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच यात्रा करते हैं, जिसके चलते सुरक्षा व्यवस्था को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
 
हाल ही में नई दिल्ली में हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिए थे कि यात्रा के लिए एक “अभेद्य मल्टी-लेयर्ड सिक्योरिटी ग्रिड” तैयार किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने निगरानी और सुरक्षा प्रबंधन में आधुनिक तकनीक के व्यापक उपयोग पर भी जोर दिया। अधिकारियों का कहना है कि इस बार सुरक्षा व्यवस्था में ड्रोन निगरानी, रियल टाइम ट्रैकिंग, संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बलों की तैनाती और आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमों की तैनाती को प्राथमिकता दी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस तरह की बहु-स्तरीय तैयारी से न केवल किसी भी संभावित खतरे को रोका जा सकेगा, बल्कि किसी आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जा सकेगी। 
 

फिलहाल यात्रा शुरू होने से पहले सभी सुरक्षा एजेंसियां संयुक्त अभ्यास और अंतिम समीक्षा में जुटी हुई हैं, ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न हो सके। 

----------