पुरी रथयात्रा में भारी भीड़ से बिगड़े हालात, दम घुटने से श्रद्धालु की मौत; 120 से अधिक अस्पताल में भर्ती
2026-07-17 02:40 PM
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पुरी विश्वप्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान ओडिशा के पुरी में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब भारी भीड़ के बीच भगदड़ जैसे हालात बन गए। दम घुटने और भीड़ के दबाव के कारण एक श्रद्धालु की मौत हो गई, जबकि 120 से अधिक श्रद्धालुओं को अस्वस्थ होने के बाद अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा। घटना के बाद प्रशासन ने तत्काल राहत और बचाव अभियान चलाकर हालात को नियंत्रित किया।
पहांडी रस्म के दौरान बढ़ा भीड़ का दबाव
गुरुवार सुबह से ही श्री जगन्नाथ मंदिर परिसर और ग्रैंड रोड (बड़ा डांड) पर लाखों श्रद्धालु जुटने लगे थे। भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की पारंपरिक पहांडी रस्म शुरू होते ही दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ तेजी से आगे बढ़ने लगी। इसी दौरान अचानक भीड़ का दबाव बढ़ गया और धक्का-मुक्की जैसे हालात पैदा हो गए। अफरा-तफरी के बीच कई श्रद्धालुओं का दम घुटने लगा और वे बेहोश होकर गिर पड़े। इस घटना में एक श्रद्धालु की जान चली गई।
गर्मी और उमस ने बढ़ाई मुश्किलें
भारी भीड़ के साथ भीषण गर्मी और उमस ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अस्पताल पहुंचाए गए अधिकांश श्रद्धालु दम घुटने, डीहाइड्रेशन और भीड़ के दबाव के कारण अस्वस्थ हुए। प्रभावित लोगों को पुरी जिला मुख्यालय अस्पताल और अन्य चिकित्सा केंद्रों में भर्ती कराया गया। कई श्रद्धालुओं को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि गंभीर रूप से प्रभावित लोगों का इलाज डॉक्टरों की निगरानी में जारी है।
तत्काल शुरू हुआ राहत और बचाव अभियान
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, आपदा प्रबंधन दल और चिकित्सा टीमें मौके पर पहुंच गईं। प्रशासन ने पहले से तैयार आपातकालीन निकासी मार्गों का उपयोग करते हुए प्रभावित श्रद्धालुओं को सुरक्षित भीड़ से बाहर निकाला और एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते बचाव अभियान शुरू किए जाने से स्थिति को और अधिक गंभीर होने से रोका जा सका।
सुरक्षा व्यवस्था और सख्त, अतिरिक्त बल तैनात
हादसे के बाद पुरी प्रशासन ने रथयात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल, ओडीआरएएफ, एनडीआरएफ, अग्निशमन विभाग और चिकित्सा टीमों की तैनाती बढ़ा दी गई है। लाउडस्पीकर के माध्यम से श्रद्धालुओं से निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करने, भीड़भाड़ वाले स्थानों पर धैर्य बनाए रखने और सुरक्षाकर्मियों के निर्देशों का पालन करने की लगातार अपील की जा रही है।
श्रद्धा के महासागर में सुरक्षा बनी सबसे बड़ी चुनौती
पुरी की जगन्नाथ रथयात्रा हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनती है, लेकिन इस बार भारी भीड़, गर्मी और उमस के बीच बने भगदड़ जैसे हालात ने सुरक्षा प्रबंधन की चुनौती को भी सामने ला दिया। प्रशासन ने स्थिति पर नियंत्रण का दावा करते हुए सुरक्षा इंतजाम और मजबूत कर दिए हैं, ताकि रथयात्रा के शेष कार्यक्रम श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सकें।