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पेंशन सखियां ग्रामीण भारत के घर-घर तक सेवानिवृत्ति सुरक्षा पहुंचाएंगी

नईदिल्ली। ग्रामीण परिवारों में पेंशन जागरूकता और सेवानिवृत्ति सुरक्षा पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, ग्रामीण विकास विभाग और पेंशन निधि नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने संपूर्ण ग्रामीण भारत में 'पेंशन सखियों' के सामुदायिक-आधारित संपर्क तंत्र के निर्माण और समर्थन हेतु आज एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस समझौता ज्ञापन पर ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त सचिव अमित शुक्ल और पेंशन निधि नियामक एवं विकास प्राधिकरण की कार्यकारी निदेशक सुमीत कौर कपूर ने ग्रामीण विकास विभाग सचिव श्री रोहित कंसल की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए।

इस साझेदारी का उद्देश्य दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डे-एनआरएलएम) के अंतर्गत निर्मित व्यापक सामुदायिक संस्थागत नेटवर्क का लाभ उठाना है, जिसमें इसकी बैंकिंग संवाददाता सखियां और अन्य प्रशिक्षित सामुदायिक संसाधन व्यक्ति शामिल हैं, ताकि पेंशन जागरूकता, वित्तीय साक्षरता, नामांकन और नामांकन के बाद सहायता को ग्रामीण परिवारों के करीब लाया जा सके।

इस पहल का उद्देश्य महिला नेतृत्व वाले स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की संस्थागत संरचना की शक्ति का उपयोग करके पेंशन कवरेज में एक मूलभूत चुनौती का समाधान निकालते हुए उन परिवारों तक पहुंचना जिनकी औपचारिक वित्तीय सलाह और सेवानिवृत्ति योजना सेवाओं तक सीमित पहुंच हो सकती है। इस साझेदारी के अंतर्गत, पेंशन सखियां विश्वसनीय सामुदायिक स्तर के सूत्रधार के रूप में कार्य करेंगी, विशेष रूप से एसएचजी सदस्यों, ग्रामीण महिलाओं, लखपति दीदियों और अन्य ग्रामीण प्रतिभागियों तक पहुंचेंगी। वे परिवारों को पेंशन और सेवानिवृत्ति योजना संबंधी जानकारी प्रदान करेंगी, नामांकन में सहायता करेंगी और पेंशन संबंधी सेवाओं को समझने में सहायता प्रदान करेंगी।

इस अवसर पर अपने संबोधन में ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री रोहित कंसल ने कहा कि स्वयं सहायता समूह अभियान में भाग लेने वाले ग्रामीण परिवारों की बचत के विशिष्ट तरीके, आजीविका चक्र और जोखिम प्रोफाइल होते हैं, और इसलिए सामाजिक सुरक्षा को सतत समृद्धि के मिशन के व्यापक उद्देश्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनना चाहिए।

उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सामाजिक सुरक्षा केवल असुरक्षा से बचाव ही नहीं है अपितु यह परिवारों को निरंतर आर्थिक उन्नति प्राप्त करने के लिए आत्मविश्वास और सुदृढ़ता प्रदान करने से भी जुड़ी है। श्री कंसल ने कहा कि पेंशन के प्रति जागरूकता और वित्तीय साक्षरता ईमानदारी, पारदर्शिता और विश्वास पर आधारित होनी चाहिए । उन्होंने कहा कि ग्रामीण नागरिकों को स्पष्ट और पारदर्शी जानकारी मिलना महत्वपूर्ण है ताकि वे अपनी दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा के बारे में सोच-समझकर निर्णय ले सकें।

 

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