जब महिला शिक्षित होती है तो कई पीढ़ियाँ शिक्षित और संस्कारवान बनती हैः मंगुभाई पटेल
नईदिल्ली। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि राष्ट्र निर्माण की दिशा में बालिका शिक्षा पहला क़दम है। बेटियां परिवार और समाज की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि पुरुष जब शिक्षित होता है तो केवल एक व्यक्ति शिक्षित होता है पर जब महिला शिक्षित होती है तो कई पीढ़ियों को शिक्षित और संस्कारवान बनाती है। पटेल सीहोर के कन्या शिक्षा परिसर में आयोजित वार्षिकोत्सव समारोह को संबोधित कर रहे थे।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि समाज और देश तभी समृद्ध और सशक्त होगा जब बेटियां स्वस्थ, शिक्षित और स्वावलंबी होगी। शिक्षित महिला माँ, बहन, दादी और पत्नी सभी भूमिकाओं का बेहतर तरीक़े से निर्वहन करती है। उन्होंने कहा कि महिलाएँ आज व्यापार, शिक्षा, राजनीति, खेल, कला, प्रतिरक्षा सभी क्षेत्रों में कामयाबी का परचम लहरा रही है। सेना में फाईटर प्लेन उड़ा रही हैं। चंद्रयान जैसी परियोजनाओं में सशक्त भूमिका निभा रही हैं।
राज्यपाल ने कहा कि कन्या शिक्षा परिसर की बालिकाओं के सर्वांगीण विकास की झलक को देखकर, मैं भावविभोर हूँ। इसके लिए मैं सूर्या फ़ाउंडेशन और स्कूल प्रबंधन को हृदय की गहराइयों से बधाई और शुभकामनाएं देता हूँ। उन्होंने बालिकाओं द्वारा प्रस्तुत आत्मरक्षा शैली कराटे और मार्शल आर्ट, देशभक्ति और लोक कला पर आधारित सांस्कृतिक नृत्य कार्यक्रम और योगा प्रदर्शन प्रस्तुतियों की सराहना की।
राज्यपाल ने कहा कि पंचायत से लेकर गणतंत्र के सर्वोच्च पद पर महिलाएँ विराजमान हैं। वर्तमान में मध्यप्रदेश की मुख्य सचिव भी महिला अधिकारी है। उन्होंने सभी बेटियों से कहा कि सफल महिलाओं से प्रेरणा लेकर भावी जीवन की दिशा तय करें। पटेल ने कहा कि शिक्षा बदलाव का सशक्त साधन है। बेटियां अपनी शिक्षा की ताक़त से अपने समुदाय और समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है। अपने समुदाय और परिवार की महिलाओं और बेटियों को स्वयं के उदाहरण से शिक्षा और सशक्तिकरण का महत्व बताना चाहिए। पटेल ने बालिकाओं से अपील की कि वे पिछड़े, वंचित क्षेत्रों के उत्थान, आत्म-निर्भरता, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और स्वावलंबन के कार्यक्रमों और प्रयासों में ज़रूर सहभागिता करें।