दो बूँद ज़िंदगी की पिलाकर मध्य प्रदेश में पल्स पोलियो अभियान का डिप्टी सीएम ने किया शुभारंभ
भोपाल। जिला शीघ्र हस्तक्षेप इकाई में पोलियो ड्राप पिलाकर मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि हमारा मध्यप्रदेश वर्ष 2008 से आज तक पोलियो मुक्त बना हुआ है। उन्होंने प्रदेश के समस्त नागरिकों, अभिभावकों से अपील की है कि अपने नौनिहालों की सुरक्षा में कोई चूक न होने दें। प्रदेश में शुरू हो रहे राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान में 0 से 5 वर्ष आयु के बच्चों को नज़दीकी पोलियो बूथ में जाकर दो बूँद ज़िंदगी की अवश्य दिलायें और देश और प्रदेश को पोलियो मुक्त बनाए रखने में अपना योगदान दें।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 जून से प्रदेश में दस्तक अभियान शुरु किया जा रहा हैं। इस अभियान में घर-घर जाकर स्वास्थ्य विभाग का अमला घर-घर जाकर दस्तक देगा। अभियान में बच्चों की वैक्सीनेशन के साथ-साथ अन्य जाँच भी की जाएगी और आवश्यकतानुसार उपचार के व्यवस्था की जाएगी। उप मुख्यमंत्री ने स्वस्थ और सशक्त भारत के निर्माण में सभी नागरिक सहयोग दें। उपचार की व्यवस्था के लिए पर्याप्त अधोसंरचना और मैनपॉवर की व्यवस्था शासन द्वारा की जा रही है। उन्होंने कहा कि उपचार की व्यवस्था के संपूर्ण स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के लिए दिनचर्या में योग व्यायाम और उचित आहार को शामिल करें। उप मुख्यमंत्री ने शिक्षारत चिकित्सकों से अपील की है कि ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था दुरुस्त करने में आगे आयें।
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि यह गौरव का विषय है कि हम पोलियो से मुक्त हैं। इस अवस्था को बनाये रखने के लिए सतत सजग और सचेत रहने की ज़रूरत है। स्वास्थ्य विभाग का अमला सतत कार्य कर रहा है इस अभियान में सभी नागरिकों के सहयोग की ज़रूरत है। कार्यक्रम में राज्य मंत्री श्री पटेल, विधायक श्री भगवानदास सबनानी ने नौनिहालों को पोलियो ड्रॉप पिलाई।
प्रदेश में पोलियो सुरक्षा चक्र बनाये रखने के लिए 23 जून से 25 जून तक प्रदेशव्यापी अभियान चलाया जा रहा है। प्रदेश में लगभग 1 करोड़ 11 लाख 0-5 वर्ष के बच्चों को लक्षित किया गया है। प्रथम दिवस (पोलियो रविवार) 54 हजार 742 बूथ, 1237 ट्रांजिट बूथ, 6130 हाई रिस्क एरिया एवं माईग्रटरी बूथ बनाये गये हैं। जिनमें 55,958 वैक्सीनेटर्स द्वारा पोलियो की खुराक पिलाई जायेगी। जिसकी मॉनिटरिंग 7,366 सुपरवाईजरों द्वारा सुनिश्चित की जावेगी। अभियान के दूसरे एवं तीसरे दिन 27,271 टीमों द्वारा 1 करोड़ 28 लाख घरों का भ्रमण कर, बच्चों को पोलियो की खुराक दी जावेगी।