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जनजातीय बहुल क्षेत्रों में रोजगार के नवीन क्षेत्र में कार्य संभावनाओं को तलाशे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के जिन जिलों में पेसा एक्ट लागू है, वहां स्थानीय जनजातीय को रोजगार के नवीन क्षेत्रों से जोड़ा जाए। जनजातीय बहुल पंचायतों द्वारा जनजातीय भाई-बहनों को रोजगार के साधन उपलब्ध करवाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में कार्य की संभावनाओं को तलाशे, उपयुक्त कार्ययोजना बनाकर उन्हें धरातल पर उतारने का कार्य सुनिश्चित करें। इसमें कुटीर एवं ग्राम उद्योग, पशुपालन, मशरूम, लाख, शहद के उत्पादन और विक्रय, रेशम कीट पालन और वस्त्र निर्माण आदि शामिल है। उन्होंने कहा कि जनजातीय बहुल पंचायतों को ग्रामीण परिवहन व्यवस्था का दायित्व दिये जाने की संभावनाओं का अध्ययन कर प्रतिवेदन तैयार करें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में राज्य में पेसा एक्ट के क्रियान्वयन और संचालित गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि जनजातीय समाज के युवाओं को ग्रामीण परिवहन सेवा का दायित्व देने के संबंध में अध्ययन कर प्रतिवेदन तैयार किया जाए। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल एवं पंचायत एवं विकास राज्य मंत्री राधा सिंह के अलावा मुख्य सचिव वीरा राणा, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास मलय कुमार श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव संजय कुमार शुक्ला और संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय वर्ग की बटालियन बनाने के संबंध में भी विचार किया जाए। बैठक में बताया गया कि महाराष्ट्र में पौध-रोपण से जनजातीय वर्ग को रोजगार मूलक कार्यों से जोड़ा गया है। पर्यटन विकास, गौ-शाला संचालन संबंधी कार्यों से भी जनजाति बहुल पंचायतों को संबंद्घ किया जा सकता है। बैठक में विभिन्न जिलों में जनजातीय वर्ग द्वारा आपसी सहमति से विभिन्न प्रकरणों के निवारण की उपलब्धियों की जानकारी दी गई। प्रदेश में पेसा एक्ट में शांति एवं विवाद निवारण समितियां कार्य कर रही हैं। जो सभी के लिये संतोषजनक समाधान पूर्ण कार्रवाई कर रही है। बैठक में यह भी जानकारी दी गई की केंद्र सरकार द्वारा साहूकारी प्रथा पर नियंत्रण की दृष्टि से विजन डाक्यूमेंट तैयार करने के लिए मध्य प्रदेश को नोडल राज्य बनाया गया है। पेसा एक्ट मध्यप्रदेश के 20 जिलों के 88 विकास खंडों में लागू है। इसके क्षेत्र में 5133 ग्राम पंचायतें और 11 हजार 596 ग्राम शामिल हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि जनजातीय वर्ग के शहरों में निवासरत लोगों को जाति प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में आने वाली कठिनाईयों का विभागीय स्तर पर समुचित निराकरण कराया जायें। बैठक में जानकारी दी गई कि नर्मदापुरम और बैतूल जिलों में जनजाति समाज के लोगों को कुटीर उद्योगों से जोड़ने के प्रयास बढ़ाए गए हैं तथा ग्राम सभाओं द्वारा वृहद स्तर पर तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य किया जा रहा है।

 

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