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महाकुंभ मेला 2025: बच्चों की सुरक्षा और विश्व का सबसे बड़ा बाल हितैषी मेला बनाने पर एनसीपीसीआर की चर्चा

नईदिल्ली। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने 25 जुलाई, 2024 को अपने कार्यालय में आगामी महाकुंभ मेला-2025 के लिए बच्चों के अनुकूल उपायों पर चर्चा की गई।  एनसीपीसीआर के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने चर्चा का शुभारंभ किया। बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महाकुंभ मेले के दौरान उठाए जाने वाले प्रमुख कदमों पर प्रस्तुति दी गई। बैठक के दौरान बाल मित्रवत मेला बनाने और बच्चों के किसी भी प्रकार के उल्लंघन के लिए शून्य सहनशीलता सुनिश्चित करने के दिशानिर्देश भी साझा किए गए और उन पर चर्चा की गई।

एनसीपीसीआर के अध्यक्ष कानूनगो ने आगामी महाकुंभ मेले में बच्चों के लिए एक सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने तथा इसे विश्व का सबसे बड़ा बाल हितैषी आयोजन बनाने के लिए प्रयास करने के लिए सभी को प्रेरित किया, जिससे पूरी दुनिया में बाल संरक्षण की दिशा में हमारे द्वारा किए जा रहे प्रयासों का संदेश जाएगा और हम विश्व को बता पाएंगे की भारत अपने बच्चों की चिंता समेकित रूप से करता है।

उन्होंने महाकुंभ मेला 2025 में भाग लेने वाले बच्चों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने की महत्वपूर्ण आवश्यकता पर बल दिया। पिछले आयोजनों से बाल-मित्र पहल की सफलताओं और कमियों पर प्रकाश डालते हुएएनसीपीसीआर के अध्यक्ष ने व्यापक सुरक्षा प्रोटोकॉल के कार्यान्वयन पर चर्चा की। एनसीपीसीआर के अध्यक्ष ने किशोर न्याय अधिनियम, 2015 की धारा 51 के अनुसार उपयुक्त सुविधा घोषित करने और बाल कल्याण समितियों की बैठक सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया और यह भी कहा कि स्टॉल आवंटन के समय दुकानदारों से बाल श्रम न करने का शपथ पत्र लिया जाए।

बैठक में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष, सदस्य तथा सदस्य सचिव समेत संस्कृति मंत्रालयपर्यटन मंत्रालयभारत सरकारराष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरणएनडीआरएफ के वरिष्ठ अधिकारीउत्तर प्रदेश के सरकारी अधिकारियों सहित प्रमुख हितधारकमेला कुंभ प्राधिकरणप्रयागराजउत्तर प्रदेश बाल आयोगपर्यटन विभागराज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणअग्निशमन सेवाएंपुलिसस्वास्थ्यश्रमराहत आयुक्तउत्तर प्रदेशबाल कल्याण समितिप्रयागराजसीड्ब्ल्यूपीओ, स्वंयसेवको तथा  चाइल्ड हेल्पलाइन प्रयागराज के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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