पावरग्रिड की चित्रकला प्रतियोगिताः रायगढ़ के आयुष और भिलाई के वत्सल राष्ट्रीय स्पर्धा में चयनित
रायपुर। पावरग्रिड पॅश्चिम क्षेत्र-1 के कुम्हारी उपकेंद्र द्वारा 27 नवम्बर को छतीसगढ के स्कूली बच्चों के लिए ऊर्जा संरक्षण विषय पर एक चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता के तीसरे और आखिरी चरण में राज्य के विभिन्न स्कूलों से ए-वर्ग में कक्षा 5 से कक्षा-7 तक के 50 तथा बी-वर्ग में कक्षा-8 से कक्षा-10 तक के 50 बच्चे यानि कुल 100 बच्चे इसमें शामिल हुए। इस प्रतियोगिता के प्रथम चरण में करीब एक लाख बीस हजार स्कूली बच्चों ने हिस्सा लिया था।
ए-वर्ग में सेण्ट टेरेसा कॉन्वेट स्कूल, रायगढ के आयुष साहू को प्रथम, विजय अंग्रेजी मीडियम स्कूल, चिरमिरी के हिमांशु दास को द्वितीय और अम्बूजा विद्यापीठ, रवण की यशिका बागवानी को तृतीय पुरस्कार प्रात हुआ। इसी प्रकार बी-वर्ग में डीपीएस, भिलाई के वत्सल सोनवानी को प्रथम, अम्बूजा विद्यापीठ, रावन की सोम्या देवांगन को द्वितीय और संस्कार पब्लिक स्कूल, रायगढ़ की पावनी सिंघल को तृतीय पुरस्कार प्रात हुआ। इसके अलावा दोनों वर्गों में अन्य दस बच्चों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता के दोनों वर्गों में प्रथम पुरस्कार से सम्मानित बच्चे 11 दिसम्बर को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय स्तर के प्रतियोगिता में छत्तीसगढ राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे।
इस आयोजन में रजनीश तिवारी, मुख्य महाप्रबंधक, पावरग्रिड, पश्चिम क्षेत्र-1, नागपुर (मुख्य अतिथि), आरके शुक्ला, प्रबंधक निदेशक, सीएसपीटीसीएल, रायपुर, रविंद्र कुमार, सहायक आयुक्त, केवीएस, आरओ, रायपुर, आरएल ठाकुर, संयुक्त निदेशक, दुर्ग, लोक शिक्षण निदेशालय, छतीसगढ, आरके दास, वरि. महाप्रबंधक, पावरग्रिड, रायपुर, एचपी पाल, महाप्रबंधक (मानव संसाधन), पावरग्रिड नागपुर, तथा छत्तीसगढ राज्य के बिभिन्न जिलों से आए बच्चों के उनके माता- पिता सहित पावरग्रिड परिवार के सदस्यगण उपस्थित थे।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि रजनीश तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि देश में ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार, विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत ऊर्जा दक्षता ब्यूरो/Bureau of Energy Efficiency द्वारा ऊर्जा संरक्षण अभियान के तहत प्रत्येक वर्ष देशभर में चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित किया जाता है। उन्होंने बताया कि देश का विकास प्राकृतिक संसाधनों तथा ऊर्जा की उप्लब्धता पर निर्भर करता है। अत: सभी नागरिकों का यह कर्त्तव्य है कि ऊर्जा के किसी भी रूप चाहे वो बिजली, पानी या ईंधन को अपनी आवश्यकता के अनुरूप ही प्रयोग करें तभी इस प्रकार के आयोजनों को सफलता मिलेगी । श्री तिवारी ने कहा कि जितनी ऊर्जा हम बचाएंगे उतनी ऊर्जा हम देश के लिए उत्पन्न करेंगे । उन्होंने कहा कि बच्चे हमारे देश के भविष्य निर्माता हैं इनकी पवित्र कल्पनाओं को रंगों से भरकर ऊंची उडान भरने दीजिए। यही बच्चे आगे चलकर हमारे देश को विकसीत राष्ट्र बनाएंगे, यह हमारी शुभकामनाएं हैं।
इस राज्यस्तरीय प्रतियोगिता का निर्णय, राज किशोर दास, पावरग्रिड, डॉ. विकास चंद्र, सहायक प्राध्यापक, इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ, सुश्री राधिका, पाठक इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ, करमन खट्टर, उप संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़, निहार रंजन साहू, परियोजना समन्वयक- क्रेडा, रायपुर और पिंकी सिंग, टीजीटी (कला शिक्षा) केंद्रिय विद्यालय, बीएमवाई भिलाई द्वारा किया गया।