परिजनों ने पितरों का श्राद्ध प्रारंभ किया, अमावस्या तक पितर आएंगे, संतानों को आशीर्वाद देने
2025-09-08 04:09 PM
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रायपुर। आश्विन मास की प्रतिपदा तिथि पर आज से पितृ पक्ष प्रारंभ हो गया है। पितृ पक्ष का वेदपुराणों एवं हिंदू धर्म में महत्वपूर्ण स्थान है। राजधानी सहित आज प्रदेश भर में सुबह से ही हिंदू धर्मावलंबियों ने तालाब एवं नदी में जाकर विधि विधान से पितरों का तर्पण शुरू किया। पितृ पक्ष के अवसर पर परिजनों की मान्यता के अनुसार पितर संतानों को आशीर्वाद देने के लिए 15 दिन धरती पर आते हैं इस दौरान उनकी मनपसंद खाद्य सामाग्रियों का निर्माण कर उसे खिलाया जाता है। आज भोजन निर्माण के पश्चात गाय, कुत्ता कौवा आदि का हिस्सा निकालकर पूर्वजों की स्मृति में श्रद्धापूर्वक पितृपक्ष का पूजन प्रारंभ किया गया है। यह पूजन पितृमोक्ष अमावस्या 21 सितंबर तक चलेगा।
चौबे कालोनी निवासी पंडित विनित शर्मा के अनुसार विधि विधान से पितरों का श्राद्ध नहीं करने पर पितर नाराज होते हैं और पितृ दोष के चलते परिजनों के कामों में बाधा आती है। श्रद्धापूर्वक किये गये श्राद्ध से पितर प्रसन्न होकर अपनी संतानों को अक्षय सुखों की प्राप्ति का आशीर्वाद देते हैं। पितृ तर्पण पूजन विधि के अनुसार कुछ जातक अपने माता पिता की तिथि नवमी तिथि एवं अमावस्या पर श्राद्ध करते हैं किंतु पं. शर्मा के अनुसार पूरे 15 दिनों तक विधि पूर्वक किये गये तर्पण से ही पितर प्रसन्न होकर पृथ्वी से वापस होते हैं।