शेयर बाजार में उतरने के लिए आईपीओ की तैयारी में जुटी छत्तीसगढ़ पावर ट्रांसमिशन कंपनी
रायपुर। छत्तीसगढ़ पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने शेयर बाजार में उतरने की तैयारी तेज कर दी है। कंपनी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और बाम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में लिस्ट करने की योजना बना रही है। पूंजी जुटाने के लिए कंपनी जल्द ही अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) लेकर आएगी, जिसके बाद यह छत्तीसगढ़ सरकार की पहली ऐसी कंपनी बन जाएगी जिसके शेयर शेयर बाजार में ट्रेड करेंगे। हालांकि, पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी भी पहले से लिस्टेड है, लेकिन उसके शेयर ट्रेड नहीं होते, उसने केवल 2014-16 के दौरान बांड जारी किए थे।
वित्तीय दृष्टिकोण से छत्तीसगढ़ पावर ट्रांसमिशन कंपनी की स्थिति सुदृढ़ और सुरक्षित मानी जाती है। कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, इस बिजनेस में घाटे की संभावना न के बराबर रहती है।कम रिस्क की मुख्य वजहों में सीधी डीलिंग का होना है।
कंपनी केवल स्थापित सरकारी और निजी बिजली उत्पादकों व वितरण कंपनियों से ही डील करती है। कंपनी का कार्य पावर प्लांट से बिजली को वितरण कंपनियों के सबस्टेशन तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रांसमिशन लाइनें उपलब्ध कराना है। इस एकाधिकार और फिक्स्ड माडल के कारण ऐसी कंपनियों के वित्तीय परिणाम हमेशा स्थिर रहते हैं। चूंकि वित्तीय जोखिम न्यूनतम है, इसलिए जब इसका आईपीओ आएगा, तो शेयरधारकों के लिए निवेश का सुरक्षित और आकर्षक विकल्प साबित होगा।
आम जनता में अक्सर यह धारणा होती है कि शेयर बाजार में हिस्सेदारी बेचने से कंपनी का निजीकरण हो जाएगा। लेकिन वास्तविकता इसके विपरीत है। आईपीओ के माध्यम से कंपनी अपनी इक्विटी का एक बहुत छोटा सा अंश ही बाजार में पेश करती है। कंपनी की मेजॉरिटी होल्डिंग और प्रशासनिक नियंत्रण छत्तीसगढ़ सरकार के पास ही सुरक्षित रहेगा।