रायपुर

भारतमाला मुआवजा घोटाले में ईडी की पहली गिरफ्तारी, कारोबारी जयप्रकाश गांधी गिरफ्तार

रायपुर। बहुचर्चित भारतमाला परियोजना मुआवजा घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पहली गिरफ्तारी की है। ईडी ने अभनपुर के कारोबारी जयप्रकाश गांधी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे दो दिन की रिमांड पर ईडी को सौंप दिया गया।

जानकारी के अनुसार, 27 अप्रैल को ईडी ने जयप्रकाश गांधी के ठिकानों पर छापेमारी की थी। जांच के दौरान एजेंसी को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और संदिग्ध लेनदेन से जुड़े सबूत मिले थे। इन्हीं तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी की गई। सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तारी से एक दिन पहले ईडी ने इस मामले में विशेष अदालत में परिवाद (कंप्लेंट) प्रस्तुत किया था। इसके बाद एजेंसी ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।

ईडी की जांच में सामने आया है कि भारतमाला परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण के दौरान किसानों को मिलने वाले मुआवजे में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गईं। आरोप है कि कुछ किसानों को वास्तविक राशि का केवल एक हिस्सा दिया गया, जबकि शेष रकम फर्जी लेनदेन और साजिश के जरिए हड़प ली गई।

ईडी ने इस मामले में मुख्य आरोपी हरमीत सिंह खनूजा समेत कुल चार लोगों को आरोपी बनाया है। एजेंसी को संदेह है कि मुआवजा वितरण प्रक्रिया में संगठित तरीके से वित्तीय गड़बड़ी की गई और सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ।

जयप्रकाश गांधी की गिरफ्तारी के बाद अब जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना है। ईडी रिमांड के दौरान आरोपी से पूछताछ कर घोटाले में शामिल अन्य लोगों, संदिग्ध संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन की जानकारी जुटाने में लगी है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे तथा नई गिरफ्तारियां हो सकती हैं।