रायपुर

डॉ. रमन सिंह द्वारा छत्तीसगढ़ की जैन विरासत का उल्लेख समाज के लिए गौरवपूर्ण क्षणः जैन इंटरनेशनल फोरम

रायपुर। ऐतिहासिक आचार्य पदारोहण महोत्सव के अंतर्गत आयोजित विशाल सामाजिक एवं धार्मिक गरिमा से संपन्न कार्यक्रम में जैन आचार्य, उपाध्याय, साधु-साध्वी भगवंतों की पावन उपस्थिति के साथ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्रीगण, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, अनेक प्रदेश मंत्री, सांसद, विधायक एवं जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। ऐसे पवित्र, ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व के मंच से पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष माननीय डॉ. रमन सिंह ने सिरपुर, आरंग, मल्हार सहित छत्तीसगढ़ की प्राचीन जैन विरासत एवं पुरातात्विक धरोहरों का हजारों समाजबंधुओं के समक्ष सम्मानपूर्वक उल्लेख किया जाना जैन समाज के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण एवं ऐतिहासिक क्षण है।

जैन इंटरनेशनल फोरम के महासचिव और यूनेस्को वोलंटीएर प्रवीण प्रकाशचंद जैन ने बताया कि डॉ. रमन सिंह जी का यह उद्बोधन केवल जैन समाज का सम्मान नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की बहुआयामी सभ्यतागत विरासत का अभिनंदन है। सिरपुर, आरंग और मल्हार जैसे स्थलों में जैन धर्म की प्राचीन, शांतिपूर्ण और गौरवशाली उपस्थिति रही है। इन धरोहरों को इस ऐतिहासिक अवसर पर, इतने बड़े सार्वजनिक एवं राष्ट्रीय महत्व के मंच से प्रतिध्वनित किया जाना आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों, संस्कृति और पुरातात्विक विरासत से जोड़ने वाला प्रेरणादायी प्रयास है। डा सिंह के प्रति आभार इसलिए भी जरुरी है की उन्होंने उपस्तिथि युवाओं और समाजजनों का अवहां किया की इन स्थलों के संरक्षण, शोध, दस्तावेजीकरण, जन-जागरण और पर्यटन-परिपथ से जोड़ने की दिशा में समाज, शासन, पुरातत्व विशेषज्ञों, युवाओं और जनप्रतिनिधियों को मिलकर कार्य करना चाहिए। जैन इंटरनेशनल फोरम की ओर से कार्यक्रम में CA विकास जैन, चंद्रकांत लुंकड, हर्ष बैद, उत्तम संख्लेचा, अमित बरडिया, ने भी उपथित अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।