बोरे—बासी तिहार से पहले डॉ. अमरोहित की 'बासी' का विमोचन... सीएम डॉ. बोले अड़बड़ सुघ्घर हे एखर सुवाद
2023-04-30 02:21 PM
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रायपुर। छत्तीसगढ़ में बोरे—बासी यहां की संस्कृति का अभिन्न अंग है। खासतौर पर गर्मी के मौसम में अधिकांश लोग इसका सेवन करते हैं। स्वाद और सेहत से भरपूर बोरे और बासी को खाने का हर किसी का अपना—अपना तरीका हो सकता है, लेकिन छत्तीसगढ़ की माटी में जन्मे लोग, यहां तक की प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. भूपेश बघेल भी इसे बड़े चाव से खाते हैं।
इसी बासी को लेकर डॉ. गीतेश अमरोहित ने एक किताब तक लिख डाली, जिसका विमोचन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किया है। मुख्यमंत्री डॉ. बघेल को डॉ. गीतेश अमरोहित ने बताया कि बासी छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति का अभिन्न अंग है। पिछले वर्ष पूरे प्रदेश के साथ विदेशों में भी बोरे बासी दिवस पूरे उल्लास के साथ मनाया गया। इस आयोजन से प्रेरित होकर उन्हें बासी पर किताब लिखने का विचार आया।
डॉ. अमरोहित ने इस पुस्तक को लेकर और प्रकाश डालते हुए बताया कि इस किताब में बासी से संबंधित विभिन्न जानकारियां जैसे- बासी बनाने की विधि, बासी के पोषक तत्व, बासी खाने से विभिन्न बीमारियों में होने वाले लाभ, छत्तीसगढ़ के लोक जीवन में बासी का महत्व सहित बासी की अन्य विशेषताओं का संकलन किया गया है। पिछले वर्ष बोरे बासी दिवस पर विदेशों में भी मनाया गया, जिसके विषय में भी जानकारी किताब में दी गयी है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने डॉ गीतेश अमरोहित को किताब के प्रकाशन पर बधाई दी।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री ने 'श्रमिक दिवस' के साथ ही यानी 1 मई को बोरे—बासी तिहार मनाने का संकल्प लेते हुए इस नई परंपरा की शुरुआत की थी, जिसे लेकर उन्होंने इस बार भी अपील की है और प्रदेश के प्रत्येक व्यक्ति से उन्होंने जुड़ने का आग्रह किया है।