रायपुर

BREAKING NEWS : साय ने कांग्रेस का थामा हाथ... चुनावी साल में बड़ी जिम्मेदारी के आसार... कांग्रेस को फायदा या फिर नुकसान

रायपुर। छत्तीसगढ़ की सियासत में बीती शाम के बाद आज सुबह एक नया उलटफेर हुआ है। भाजपा के वरिष्ठ आदिवासी नेता नंदकुमार साय ने जहां पार्टी को अलविदा कहते हुए अपना त्याग पत्र प्रदेशाध्यक्ष अरूण साव को सौंप दिया, तो आज उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर हर किसी को चौंका दिया है। 

बीते चार दशकों तक कांग्रेस की खिलाफत के बाद ऐन चुनावी साल में नंदकुमार साय का यह रणनीतिक बदलाव फिलहाल उनके राजनीतिक कैरियर को उठाने के लिए सही साबित हो सकता है, लेकिन जिस माहौल में उन्होंने पार्टी बदली है, उसका फायदा कांग्रेस को मिलेगा या नहीं, इस पर कुछ नहीं कहा जा सकता। 

दो राय नहीं कि आदिवासी समाज में उनकी गहरी पैठ है, और आदिवासी बाहुल्य छत्तीसगढ़ में उनकी छवि अब तक बड़े आदिवासी नेता के तौर पर ही रही है। ऐसे में कांग्रेस को उम्मीद है कि उनके कांग्रेस में आने से पार्टी को बड़ा फायदा मिल सकता है। 

बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. भूपेश बघेल के साथ डॉ साय के रिश्ते हमेशा से अच्छे रहे हैं। राजनीतिक प्रतिद्वंदी होने के बावजूद सीएम डॉ. बघेल ने डॉ. साय को हमेशा सम्मानित किया है और उन्हें लेकर राजनीतिक तंज नहीं कसा है। जबकि जब जब भाजपा ने डॉ. साय को उपेक्षित किया, डॉ. बघेल ने हर बार डॉ. साय के पक्ष में ही बात रखी है।