रायपुर। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की स्थिति काफी मजबूत है। प्रदेश में साल 2018 के चुनाव में कांग्रेस ने 15 सालों के वनवास के बाद जोरदार तरीके से वापसी की थी, जिसे बरकरार रखने के लिए कांग्रेस अपनी पूरी ताकत झोंक रही है। ऐसे में भाजपा के वरिष्ठ आदिवासी नेता का पार्टी से इस्तीफा और कांग्रेस में शामिल होना, कांग्रेस को बड़े राजनीतिक लाभ की तरह नजर आ रहा है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यानी सोमवार को आदिवासी नेता डॉ. नंदकुमार साय के कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करने के बाद एक ट्वीट किया है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि
'जुड़ा हाथ से हाथ, मिला आपका साथ
भरोसे के साथ जारी है, आदिवासी हित की बात
स्वागत एवं अभिनंदन डॉ नंद कुमार साय जी.
#हाथ_से_हाथ_जोड़ो…जारी है..'
बता दें कि रविवार शाम प्रदेश की सियासत में उस वक्त हलचल मच गई, जब वरिष्ठ आदिवासी नेता डॉ. नंद कुमार साय ने अपना इस्तीफा भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अरूण साव को प्रेषित किया। इसके साथ ही मीडिया में इस बात की चर्चा भी शुरु हो गई थी कि अब क्या...? तो इसका जवाब भी कुछ ही देर में सामने आ गया था कि डॉ. साय कांग्रेस में शामिल होने वाले हैं, लेकिन दूसरे ही दिन वे सदस्यता ग्रहण कर लेंगे, इसका अंदाजा नहीं था।
अपने इस्तीफे में उन्होंने भाजपा के स्थानीय शीर्ष नेताओं पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं। अपने त्याग पत्र में ही उन्होंने इस बात का जिक्र किया है कि भाजपा के नेता उनकी छवि धूमिल करने लगातार प्रयास कर रहे है, तो उनके खिलाफ षडयंत्र भी रचा जा रहा है, जिससे वे काफी ज्यादा आहत हो चुके हैं और उन्होंने पार्टी छोड़ने का मन बना लिया है।