रायपुर

अग्रसेन महाविद्यालय में हुई 'इंटर स्कूल डांस कॉम्पिटिशन'... बच्चों ने मचाई धूम

रायपुर। पुरानी बस्ती स्थित अग्रसेन महाविद्यालय में विद्यार्थियों की छिपी हुई प्रतिभा को निखारने अगसेन जयंती और मंच प्रदान करने के उद्देश्य से एक भव्य अंतरविद्यालयीन (इंटर स्कूल) नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस सांस्कृतिक महाकुंभ में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के पूर्व शिक्षा मंत्री सत्यनारायण शर्मा उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सत्यनारायण शर्मा ने कहा, "शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि कला, संस्कृति और खेलकूद भी युवाओं के सर्वांगीण विकास का मुख्य आधार हैं। आज के इस दौर में बच्चों को अपनी लोक संस्कृति और शास्त्रीय नृत्य से जुड़े देखना अत्यंत सुखद है।"

कार्यक्रम में उपस्थित छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज के केंद्रीय अध्यक्ष अनुराग अग्रवाल ने कहा कि अग्रसेन महाविद्यालय हमेशा से ही छात्रों को न केवल बेहतर शिक्षा, बल्कि उनके भीतर के कलाकार को भी तराशने का शानदार मंच प्रदान करता आया है। निदेशक डॉ. वी. के. अग्रवाल प्रतियोगिता के लिए आये छात्रों को आशीर्वचन दिया और सराहना की कहा है व्यक्ति को अपने जीवन में किसी न किसी कला से जुड़ाव रखना चाहिए और उसकी शुरुवात छात्रजीवन से होती है जो व्यक्ति के उज्वल भविष्य की नींव होती है। प्रशासनिक अधिकारी डॉ. अमित अग्रवाल ने  छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन किया और कहा कि प्रतियोगिता में जीत-हार से बढ़कर भाग लेना और नियमों का अनुशासन सीखना सबसे महत्वपूर्ण है। एकता पंसारी और ऋतिक नपित ने निर्णायक की भूमिका निभाई।

इस कड़ी प्रतियोगिता में निष्पक्ष निर्णय के लिए निर्णायक मंडल (जज) के रूप में विख्यात कोरियोग्राफर एकता पंसारी और ऋतिक नपित उपस्थित रहे। दोनों ही विशेषज्ञों की परखी नजरों ने मंच पर उतरे हर प्रतिभागी की प्रस्तुति का बेहद सूक्ष्मता से आकलन किया। उन्होंने छात्रों द्वारा गानों के चयन (सॉन्ग सिलेक्शन), आपसी तालमेल (कोऑर्डिनेशन), कॉस्ट्यूम, एक्सप्रेशन और स्टेज कवरेज जैसी बारीकियों को ध्यान में रखकर अपना अंतिम और सटीक निर्णय दिया। जजों ने सभी प्रतिभागियों के डांसिंग स्किल की जमकर तारीफ की। इस अंतरविद्यालयीन प्रतियोगिता में राजधानी रायपुर के कई प्रतिष्ठित विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ एकल और समूह नृत्य श्रेणियों में हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के दौरान कड़े नियमों और गरिमा का पूर्ण पालन किया गया।

मंच पर जब विद्यार्थियों ने कृष्ण भक्ति, नवदुर्गा के नौ रूप और महाभारत के प्रसंगों पर आधारित नृत्य प्रस्तुत किए, तो पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इसके साथ ही पहाड़ी लोकगीत, छत्तीसगढ़ की माटी की खुशबू बिखेरता 'छत्तीसगढ़ी नाचा' और शास्त्रीय नृत्य 'कथक' की अत्यंत सुंदर और मनोरम प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ाते हुए विशिष्ट अतिथियों में छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज के केंद्रीय अध्यक्ष अनुराग अग्रवाल, अग्रसेन महाविद्यालय के निदेशक डॉ. वी. के. अग्रवाल, अग्रवाल समाज के वरिष्ठ प्रतिनिधि अजय दानी,  जे के दानी,केंद्रीय कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल,वार्ड पार्षद अम्बर अग्रवाल महाविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. अमित अग्रवाल और प्राचार्य डॉ. यूलेंद्र कुमार राजपूत विशेष रूप से उपस्थित रहे।

आज के  कार्यक्रम के प्रभारी डॉ. शोभा अग्रवाल और अभिनव अग्रवाल रहे। मंच का कुशल और ऊर्जावान संचालन महाविद्यालय के होनहार छात्र-छात्राओं—महक ठाकुर, शशि तरार, तान्या और वेदांत ने मिलकर बखूबी किया, जिसकी सभी अतिथियों ने  सराहना की। कार्यक्रम के समापन पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. यूलेंद्र कुमार राजपूत ने सभी आगंतुक अतिथियों, निर्णायक मंडल, विभिन्न स्कूलों से आए शिक्षकों और प्रतिभागी बच्चों के प्रति आभार प्रदर्शन (धन्यवाद ज्ञापन) किया।

प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे:

एकल नृत्य  प्रथम पुरस्कार: अपूर्वा (शिवम एकेडमी, द्वितीय पुरस्कार: पीयूष धीवर (वीर छत्रपति शिवाजी विद्यालय)

 

समूह नृत्य  प्रथम पुरस्कार: दीक्षा पटेल एंड ग्रुप (छत्रपति शिवाजी स्कूल) द्वितीय पुरस्कार: ऐश्वर्या एंड ग्रुप (अग्रसेन कलाकेंद्र)