रायपुर

पारिवारिक हकत्याग की रजिस्ट्री में नेत्र प्रभा जोशी को मिली 81,648 रुपये की आर्थिक राहत

 रायपुर  : छत्तीसगढ़ में पारिवारिक संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों के पंजीयन को सरल और किफायती बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए गए सुधारों से नागरिकों को बड़ी आर्थिक राहत मिल रही है। बस्तर जिले के जगदलपुर निवासी  नेत्र प्रभा जोशी के लिए पारिवारिक हकत्याग की रजिस्ट्री में शुल्क संबंधी रियायत महत्वपूर्ण सहारा बनी। संयुक्त परिवार के सदस्यों के बीच हकत्यागनामा के पंजीयन शुल्क को संपत्ति के बाजार मूल्य के 0.8 प्रतिशत से घटाकर मात्र 500 रुपये किए जाने से उन्हें 81 हजार 648 रुपये की प्रत्यक्ष आर्थिक बचत हुई। इस राहत से पारिवारिक संपत्ति से संबंधित दस्तावेज का पंजीयन कम खर्च में पूरा हुआ और परिवार पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ भी कम हुआ।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी की पहल और मार्गदर्शन में पंजीयन विभाग द्वारा नागरिकों की सुविधा के लिए लगातार सुधार किए जा रहे हैं। इन सुधारों में पंजीयन प्रक्रिया का सरलीकरण, शुल्क में रियायत, डिजिटल सेवाओं का विस्तार और स्मार्ट पंजीयन कार्यालयों का विकास प्रमुख हैं। इन व्यवस्थाओं का लाभ आम नागरिकों तक किस प्रकार पहुंच रहा है, यह जानने के लिए विभाग द्वारा सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत हितग्राहियों से सीधे संवाद कर उनके अनुभव और सुझाव संकलित किए जा रहे हैं।

सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत अपना अनुभव साझा करते हुए नेत्र प्रभा जोशी ने बताया कि पारिवारिक हकत्याग से संबंधित रिलीज डीड का पंजीयन कराने के दौरान उन्हें शासन द्वारा निर्धारित रियायती पंजीयन शुल्क का लाभ मिला। इस व्यवस्था के कारण उनके 81,648 रुपये बच गए। संपत्ति संबंधी दस्तावेज के पंजीयन में इतनी बड़ी राशि की बचत उनके परिवार के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक राहत साबित हुई।

जोशी ने बताया कि पंजीयन शुल्क में कमी आने से पारिवारिक संपत्ति से जुड़े आवश्यक दस्तावेजों का पंजीयन कराना पहले की तुलना में अधिक किफायती हुआ है। इससे परिवार को अतिरिक्त आर्थिक व्यय से राहत मिली है। उन्होंने इस सुविधा को आम नागरिकों के लिए उपयोगी बताते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वित्त एवं पंजीयन मंत्री  ओ.पी. चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया।