रायपुर

छत्तीसगढ़ में मता कौशल्या के साथ मनाया तीजा... पर्व के बाद दी बिदाई

रायपुर। छत्तीसगढ़ में तीजा के पर्व पर बेटियों के मायके आने की परंपरा है। ऐसे में छत्तीसगढ़ संस्कृति को संजोकर माता कौशल्या संग तीजा त्योहार समिति ने माता को अपने मायके चंदखुरी लाए।  तीजा पर्व के बाद माता कौशल्या को भावपूर्ण विदाई दी गई।

माता कौशल्या संग तीजा तिहार कार्यक्रम के सह संयोजक डॉ. पुरुषोत्तम चंद्राकर ने बताया कि माता कौशल्या की मायके चंदखुरी आने के उत्साह को लेकर साल भर बड़ी प्रतीक्षा रहती है। वहीं प्रतीक्षा तीजा पर्व के संपन्न होने के पश्चात पूर्ण हो जाती है। माता कौशल्या संग तीजा तिहार का यह उत्सव अयोध्या से मिट्टी लाने से प्रारंभ होकर मूर्ति निर्माण एवं उसकी प्रतिष्ठा के साथ-साथ तीजा पर्व के विधिवत नेक के साथ बड़ी उत्साह के साथ पर्व काल व्यतीत होता है। लेकिन परंपरा के अनुसार मायके आने वाली माता एवं बहनों को तीजा पर्व के बाद अपनी ससुराल लौटना ही होता है। इसी अनुक्रम में चंदखुरी के ग्राम वासी सहित बड़ी संख्या में पधारे हुए लोगों के माता को विदाई। 

उन्होंने बताया कि विदाई के पूर्व माता की मूर्ति को पंथी नृत्य एवं रावत नाचा के साथ ग्राम भ्रमण कराते हुए तालाब में विसर्जित किया गया। इस कार्यक्रम के सूत्रधार राकेश तिवारी ने आयोजन में सम्मिलित होने वाले लोगों को धन्यवाद देते हुए आगामी वर्ष में इस समारोह को और भव्य रूप में आयोजित करने की बात कही।  आज विदाई के शोभायात्रा में माता कौशल्या संग तीजा तिहार के सह संयोजक डॉ पुरुषोत्तम चंद्राकर,  हेमलाल पटेल, मनीष लदेर, नरेंद्र यादव मोहन साहू , प्रभा यादव , तनु यादव, दिनेश जांगड़े, दयालु राम यादव, घासिया राम वर्मा, धनीराम सहित बड़े संख्या में ग्रामवासी शामिल थे।