‘सहयोग’ ने मनाया नवरात्रि और दशहरा मिलन... रोचक जानकारियों की साझा
रायपुर। चौबे कालोनी रायपुर स्थित जेष्ठ नागरिक मंच ‘सहयोग’ द्वारा अक्टूबर माह की मासिक बैठक नवरात्रि और दशहरा मिलन के रुप में मनाया। बैठक में 50 से अधिक सदस्यों ने हिस्सा लिया। बैठक में वरिष्ठजनों ने कई रोचक और पैराणिक कथाएं साझा की।
बैठक की शुरुआत में गणेश स्तोत्र एवं दुर्गा स्तोत्र के पाठ के साथ किया गया। तत्पश्चात दिव्या पात्रीकर ने दुर्गा के नौ रूपों का नवरात्रि में महत्व एवं वर्णन किया। जिसमें देवी के रूपों के पहनावा एवं अस्त्र- शस्त्रों का विस्तृत जानकारी सभी को दी गई। उन्होंने बताया कि मैसूर के पास महिषासुर का वध होने के पहले कारण वहां का नाम महिसुर पड़ा। समय के साथ यह मैसूर नाम से जाना जाने लगा।

समिति की अध्यक्ष अपर्णा कालेले ने दशहरा पर्व का महत्व समझाते हुए उसके नामकरण के बारे में इतिहास को समझाया। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम द्वारा रावण पर विजय प्राप्त करने के कारण इसका नाम विजयादशमी रखा गया एवं दुर्गा देवी ने दसों दिशाओं में राक्षसों का वध करके सब धरती को राक्षसों से मुक्त किया एवं शांति का संदेश दिया। इसलिए उसे दश -हरा कहा जाता था। जो बाद में दशहरा कहा गया।
अपर्णा काळेले ने शमी वृक्ष पर जानकारी देते हुए कहा कि प्रभु राम के द्वारा एक ब्राह्मण की हत्या होने से उन पर जो पाप आया था। उस पाप के शमन के लिए प्रभु राम ने शंकर जी की आराधना की तब शंकरजी ने उन्हें नीलकंठ पक्षी के रूप में दर्शन दिए। इसलिए नीलकंठ पक्षी का भी दशहरे के दिन महत्व समझाया गया।
अंत में तंबोला का नया रूप में आयोजन किया गया। वहीं सभी ने महाराष्ट्र मंडल द्वारा बनाए स्वादिष्ट व्यंजनों का स्वाद लिया। अध्यक्ष ने अगले माह दीपावली के उपरांत दिवाली मिलन के लिए अतिशीघ्र तिथि घोषित कर सभी सदस्यों को आमंत्रित करने की बात कहीं। श्रद्धा मरघडे ने मंच संचालन किया।