“सरकुलर इकोनामी कोई विकल्प नहीं, बल्कि एक अनिवार्यता है: तोखन साहू”
डेस्क। एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सतत विकास को नई दिशा देने वाले ऐतिहासिक क्षण में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने जयपुर में आयोजित 12वें क्षेत्रीय 3R एवं परिपत्र अर्थव्यवस्था मंच में भाग लिया। यह मंच एक वैश्विक प्लेटफार्म के रूप में विभिन्न देशों को एक साथ लाने और स्वच्छ, हरित और संसाधन-कुशल भविष्य की दिशा में सहयोग करने का अवसर प्रदान कर रहा है।
कार्यक्रम के दौरान साहू ने जापान के पर्यावरण मंत्रालय में वैश्विक पर्यावरण मामलों के उपमंत्री श्री युताका मात्सुजावा के साथ भारत-जापान द्विपक्षीय संवाद में भाग लिया। इस संवाद में 3R (रिड्यूस, रीयूज, रीसायकल), संसाधन दक्षता और परिपत्र अर्थव्यवस्था में भारत-जापान सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की गई, जिससे सतत विकास के लिए ठोस साझेदारियों की नींव रखी जा सके।
इस मंच की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि “जयपुर घोषणा पत्र” का अंगीकरण रहा, जो 2025 से 2034 तक सतत अपशिष्ट प्रबंधन और परिपत्र अर्थव्यवस्था पहलों को दिशा देने वाला एक दूरदर्शी दस्तावेज है। जयपुर घोषणा पत्र विभिन्न अपशिष्ट प्रबंधन प्रक्रियाओं, संसाधन दक्षता, सतत सामग्री उपभोग, अनौपचारिक क्षेत्रों, लैंगिक मुद्दों एवं श्रम अधिकारों पर ध्यान केंद्रित करता है। यह निधीयन तंत्र, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, अनुसंधान एवं विकास और बहुपक्षीय सहयोग के माध्यम से इन उद्देश्यों को साकार करने के लिए मार्गदर्शन भी प्रदान करता है।
भारत ने इस मंच में एक वैश्विक गठबंधन C-3 (Cities Coalition for Circularity) के रूप में एक सहयोगात्मक ज्ञान मंच भी प्रस्तुत किया, जो नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत और शोधकर्ताओं को एक साथ लाकर सतत समाधानों की दिशा में सहयोग को बढ़ावा देगा।
अपने दौरे के दौरान साहू ने इंडिया पवेलियन का भी अवलोकन किया, जहां भारत की 3R और परिपत्र अर्थव्यवस्था अपनाने की दिशा में क्रांतिकारी पहलों और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया। अपशिष्ट से ऊर्जा उत्पादन, स्मार्ट शहरी समाधान और अन्य सतत नवाचारों के माध्यम से भारत के नेतृत्व को उजागर किया गया।
मंच के समापन सत्र में साहू ने सभी देशों, उद्योगों और नागरिकों से स्थिरता को एक विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्यता के रूप में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा,