कमरीद में छत्तीसगढ़ी रंग में रंगा देवउठनी पर्व — गौरा-गौरी महोत्सव में उमड़ा जनसैलाब
2025-11-02 09:05 AM
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जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ की धरती पर आज हर ओर लोक परंपराओं की सुगंध बिखरी हुई है… राज्य स्थापना दिवस और देवउठनी पर्व के इस शुभ अवसर पर पूरा प्रदेश छत्तीसगढ़ी रंग में सराबोर है। और जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ जनपद के ग्राम पंचायत कमरीद में इस परंपरा का नजारा देखने लायक रहा जहाँ पूरे गाँव ने मिलकर गौरा-गौरी महोत्सव को बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया।
देवउठनी के दिन भगवान विष्णु के जागने के साथ ही छत्तीसगढ़ के घर-घर में गौरा-गौरी पूजा का सिलसिला शुरू होता है। कमरीद में भी सुबह से ही महिलाएं पारंपरिक परिधानों में सजी-धजी नजर आईं। ढोलक की थाप और पारंपरिक गीतों के बीच गौरा-गौरी की पूजा-अर्चना की गई। जहां ग्रामीणों ने गाँव की गलियों को फूलों और रंगोली से सजाया। युवाओं ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों पर छत्तीसगढ़ी लोक धुनों की प्रस्तुति दी
बच्चे और बुजुर्ग सभी इस लोक पर्व में शामिल होकर परंपरा का हिस्सा बने। ग्राम पंचायत कमरीद के सरपंच घासीराम चौहान ने बताया कि हर साल की तरह इस साल भी हम सबने मिलकर गौरा-गौरी का त्योहार मनाया… ये हमारे गाँव की परंपरा है, और इससे हमारे समाज में एकता और प्रेम बना रहता है। पूजा के बाद सामूहिक प्रसाद वितरण हुआ, और फिर शुरू हुआ पारंपरिक नृत्य और गीत-संगीत का दौर। कमरीद गाँव की गलियों में आज भक्ति और उल्लास का अनोखा संगम देखने को मिला।
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस और देवउठनी पर्व दोनों ने आज कमरीद गाँव को एक साथ जोड़ दिया। जहाँ एक ओर राज्य अपनी 25वीं वर्षगांठ मना रहा है, वहीं दूसरी ओर गाँव की मिट्टी में रची-बसी लोक परंपराएँ इस सांस्कृतिक धरोहर को और भी जीवंत बना रही हैं। देवउठनी पर्व की यह झलक सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की आत्मा की झलक है जो गाँव, संस्कृति और परंपरा को जोड़ती है।