दिव्य महाराष्ट्र मंडल

राउरकेला ने अनिकेत को देखकर कहा- अद्भुत...कल्‍पनीय

0-महाराष्‍ट्र मंडल के शशि वरवंडकर निर्देशित हिंदी नाटक ‘मैं अनिकेत हूं’ का ओडिशा में हुआ सातवां धमाकेदार मंचन 

रायपुर। अदालत के कटघरे में खड़े जले हुए चेहरे वाले, अपने वजूद को तलाशते अनिकेत शर्मा की दर्दभरी आवाज सभागृह में गूंजती है- ‘य्ओर  ऑनर, मेरा एक सवाल है.. मैं कौन हूं और अपने आप को क्या समझूं। मैं शशिकांत जाधव तो हो ही नहीं सकता... क्योंकि मेरी बुद्धि, मेरा विवेक मुझसे कह रहे हैं कि ‘तुम शशिकांत जाधव नहीं हो। कौन मरा, कौन जिंदा है... इस बात का फैसला कौन करेगा। मैं या ये दुनिया...? करीब 80 मिनट का नाटक सभागृह के सन्‍नाटे के बीच रंगप्रेमी दर्शकों के बीच एक सवाल छोड़कर खत्‍म होता है कि कटघरे में खड़ा यह व्‍यक्ति आखिर है कौन... शशिकांत जाधव या सच में अनिकेत शर्मा।
बात हो रही है सेल सभागृह राउरकेला की, जहां हाल ही में महाराष्‍ट्र मंडल रायपुर का सुप्रसिद्ध नाटक ‘मैं अनिकेत हूं’ के मंचन किया गया, जिसे देखने के लिए 500 सीट वाला अत्‍याधुनिक सभागृह पूरी तरह भरा हुआ था। रोटरी क्‍लब राउरकेला रॉयल और रोटरी क्‍लब राउरकेला क्‍वींस के इस आयोजन की पूरे शहर में खासी चर्चा रही। नाटक का प्रयोग होते ही वहां दर्शकों में महाराष्‍ट्र मंडल के कलाकारों से मिलने और फोटो खींचने की मानो होड़ शुरू हो गई। वहीं रोटरी के दोनों क्‍लबों के पदाधिकारियों ने भी टीम अनिकेत के साथ समूह फोटो खिंचवाया। 
 
‘मैं अनिकेत हूं’ के सफलतम सातवें मंचन में एक बार फि‍र निर्देशक और अनिकेत के केंद्रीय पात्र को जीवंत करने वाले शशि वरवंडकर ने सब को अपनी अभिनय शैली से बांधे रखा। नाटक के हर फ्रेम में भारद्वाज वकील की भूमिका में चेतन दंडवते और जज के किरदार में दिलीप लांबे ने उनका भरपूर साथ दिया। अनिकेत की पत्नी मीनाक्षी शर्मा की तेज तर्रार भूमिका में वरिष्ठ अभिनेत्री डॉ. अनुराधा दुबे की गवाही में भी नाट्य दर्शक उलझकर रह गए। प्रकाश खांडेकर, रंजन मोड़क, रविंद्र ठेंगड़ी, भारती पलसोदकर, डॉ. प्रीता लाल, समीर टल्लू, डॉ. अभया जोगलेकर, श्याम सुंदर खंगन और डॉ. शुचिता देशमुख ने अपनी- अपनी गवाही से सभी का ध्‍यान खींचा। विनोद राखुंडे और पंकज सराफ भी मंच पर छाए रहे। पर्दे के पीछे अजय पोतदार, प्रवीण क्षीरसागर, प्रकाश गुरव की भागीदारी सटीक रही। 
 

समूचे कार्यक्रम के अध्यक्ष, रोटेरियन अजय अग्रवाल ने इस मौके पर डीजीई रोटेरियन आलम सिंह रूपरा और पीडीजी रोटेरियन मनजीत सिंह अरोरा को इस यादगार शाम और नाटक ‘मैं अनिकेत हूं’ के बेमिसाल आयोजन के लिए बधाई दी। साथ ही उन्‍होंने अपनी गरिमामय उपस्थिति दर्ज कराकर रायपुर से आए कलाकारों व आयोजकों को समान रूप से प्रोत्साहित किया, इसके लिए भी आभार जताया। अजय अग्रवाल ने महाराष्ट्र मंडल रायपुर को भी ‘मैं अनिकेत हूं’ के सुंदर व सार्थक नाट्य प्रदर्शन के लिए हार्दिक धन्यवाद दिया। उन्‍होंने कहा कि यह संध्या वास्तव में भाईचारे, संस्कृति और सामुदायिक सेवा की भावना से परिपूर्ण थी। जिसने इसे इससे जुड़े सभी लोगों के लिए एक गौरवपूर्ण और यादगार अवसर बना दिया।
 
भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड के सीनियर सेल्‍स ऑफिसर दीपक राय ने ‘मैं अनिकेत हूं’ को देखकर कहा कि नाटक देखने का यह उनका पहला और अद्भुत अनुभव रहा। हाईटेक मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के सीईओ सुशांत आचार्य ने भी नाटक का न केवल आनंद लिया बल्कि मेडिकल साइंस से जुड़े इस नाटक के क्‍लाइमैक्‍स से खासे प्रभावित भी हुए। रोटरी क्‍लब राउरकेला क्‍वींस के रोटेरियंस के बीच अनिकेत के क्‍लाइमैक्‍स को लेकर काफी देकर चर्चा चलती रही कि अनिकेत को किस नाम से जाना जाए अथवा वो आखिर है कौन???