आदिवासी रीति-रिवाज से हुई 6 लोगों की घर वापसी, इलाज के नाम पर किया था धर्म परिवर्तन
ग्राम सरपंच हीरासिंग ने बताया कि गांव के लोग अपनी परंपरा और संस्कृति को सहेजने के लिए एकजुट हैं। उन्होंने कहा, “हम सब मिलकर अपनी परंपरा को आगे बढ़ाना चाहते हैं, इसलिए सभी की सहमति से यह घर वापसी कराई गई।” घर वापसी कार्यक्रम के दौरान आदिवासी समाज की परंपरा के अनुसार सभी सदस्यों पर जल छिड़काव कर नारियल भेंट कर उनका स्वागत किया गया। पहले परिवार में सतवन शोरी और उनकी पत्नी बिनीता शोरी शामिल हैं, जिन्होंने करीब तीन साल पहले धर्म परिवर्तन किया था। दूसरे परिवार में संजय, उनकी माता सुखबती, बहन कैशिल्या और भाई गोविंद शामिल हैं, जिन्होंने लगभग एक वर्ष पहले धर्म परिवर्तन किया था और अब मूल धर्म में लौटे हैं। फिलहाल गांव में स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण है और ग्रामीण सामाजिक सद्भाव एवं एकता के साथ आगे बढ़ने की बात कह रहे हैं।