छत्तीसगढ़

'मेरा गांव मेरा गौरव' के तहत रायपुर में विज्ञान आधारित पोषक तत्व प्रबंधन पर जागरूकता अभियान

रायपुर। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान (ICAR-NIBSM), रायपुर द्वारा आज तिल्दा ब्लॉक के बिठिया गांव में 'विज्ञान आधारित पोषक तत्व प्रबंधन (उर्वरकों का संतुलित उपयोग) अपनाने' पर राष्ट्रीय जागरूकता अभियान के तहत एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

'मेरा गांव मेरा गौरव' पहल और अनुसूचित जाति उप-योजना के अंतर्गत आयोजित यह कार्यक्रम, देश भर में टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की अनुमोदित कार्य योजना के अनुरूप है। सचिव, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग एवं महानिदेशक (भा.कृ.अनु.प.) द्वारा अनुमोदित इस राष्ट्रीय अभियान की निगरानी सीधे कैबिनेट सचिवालय, भारत सरकार द्वारा की जा रही है, ताकि जमीनी स्तर पर वैज्ञानिक खेती की तकनीकों का प्रभावी प्रसार सुनिश्चित किया जा सके।

तकनीकी सत्रों के दौरान, संस्थान की वैज्ञानिक डॉ. श्रावणी सान्याल और प्रधान वैज्ञानिक एवं टीम लीडर डॉ. के.सी. शर्मा ने किसान समुदाय को उर्वरकों के विवेकपूर्ण उपयोग के महत्व के बारे में जागरूक किया। विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि पोषक तत्वों का संतुलित उपयोग न केवल फसल उत्पादकता बढ़ाने के लिए बल्कि मिट्टी के दीर्घकालिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए भी अनिवार्य है। कार्यक्रम में रासायनिक निर्भरता को कम करने और स्थानीय खेती के पारिस्थितिक पदचिह्न (ecological footprint) को सुधारने के लिए डिज़ाइन किए गए विभिन्न पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों और टिकाऊ पोषक तत्व प्रबंधन प्रथाओं पर प्रकाश डाला गया। 

इस कार्यक्रम में स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी देखी गई, जिसमें कुल 40 किसान शामिल हुए। इनमें 18 महिला किसानों की उपस्थिति कृषि विस्तार के प्रति एक समावेशी दृष्टिकोण को दर्शाती है। बिठिया गांव के सरपंच दुष्यंत साहू ने भी कार्यक्रम में शिरकत की और उपस्थित किसानों से अपनी आजीविका सुधारने के लिए इन विज्ञान आधारित हस्तक्षेपों को अपनाने का आग्रह किया। ऐसी 'MGMG' पहलों के माध्यम से, भाकृअनुप-एनआईबीएसएम वैज्ञानिक दृष्टिकोण और टिकाऊ संसाधन प्रबंधन के जरिए भारतीय कृषि को बदलने के राष्ट्रीय मिशन में निरंतर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।