छत्तीसगढ़

150 एकड़ अवैध प्लाटिंग पर बड़ी कार्रवाई, बुलडोजर से ढहाए गए निर्माण

राजनांदगांव। जिले में अवैध कॉलोनाइजरों और बिना अनुमति की जा रही प्लाटिंग के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर जितेंद्र यादव के निर्देश पर ग्राम बघेरा और झुराडबरी क्षेत्र में करीब 150 एकड़ भूमि पर हो रही अवैध प्लाटिंग और निर्माण को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया। इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया। कार्रवाई अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) गौतम पाटिल और तहसीलदार प्यारेलाल नाग के नेतृत्व में की गई। प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी और बुलडोजर की मदद से अवैध रूप से बने बाउंड्रीवॉल, मुख्य गेट, तार फेंसिंग, सड़क निर्माण, अवैध रिसॉर्ट और मैरिज हॉल को हटाया। कई स्थानों पर बनाई जा रही कॉलोनियों की सड़कों को भी खोदकर जमीन को मूल स्वरूप में लाया गया। प्रशासनिक जांच में सामने आया कि ग्राम बघेरा में पंकज जैन, रूक्मणी, नेहा महाजन, प्रमोद चौधरी, शालिनी साहू और हिमांशु कुमार की भूमि पर अवैध निर्माण किए जा रहे थे। वहीं ग्राम झुराडबरी (सुरडबरी) क्षेत्र में सीमा मौर्य, नेहा महाजन, राघवेंद्र सिंह और चंद्रशेखर की जमीन पर भी बिना अनुमति प्लाटिंग और निर्माण कार्य चल रहा था।

इसके अलावा लगभग 40 अन्य खसरा नंबरों पर भी अवैध प्लाटिंग और निर्माण की पुष्टि हुई, जिन्हें मौके पर हटाया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बिना सक्षम अनुमति के किसी भी प्रकार की कॉलोनी विकसित करना नियमों का उल्लंघन है और ऐसी गतिविधियों पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। जिला प्रशासन ने इस मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई की है। तहसीलदार ने हल्का नंबर-18 के पटवारी धनसिंग कोमरे को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जांच में यह पाया गया कि पिछले दो से तीन वर्षों से क्षेत्र में अवैध निर्माण हो रहे थे, लेकिन इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को नहीं दी गई।

इसके साथ ही संबंधित राजस्व निरीक्षक (आरआई) को भी नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन ने दोनों अधिकारियों से दो दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि अवैध प्लाटिंग और भूमि कब्जे पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी ताकि जिले में अवैध कॉलोनी विकास पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।