छत्तीसगढ़

बैंक खाता परिवर्तन प्रक्रिया का डिजिटलीकरण, बीएसपी में ‘मेकर-चेकर’ प्रणाली लागू

रायपुर। भिलाई इस्पात संयंत्र में बैंक खाता परिवर्तन की ऑफलाइन प्रक्रिया को पूर्णतः सुरक्षित एवं पारदर्शी डिजिटल व्यवस्था में परिवर्तित करते हुए नई ‘मेकर-चेकर’ प्रणाली का शुभारंभ किया गया। इस पहल से वेतन भुगतान प्रणाली को अधिक विश्वसनीय, त्रुटिरहित और जवाबदेह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

भिलाई इस्पात संयंत्र के इस्पात भवन स्थित वित्त एवं लेखा सभागार में आयोजित कार्यक्रम में कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा) प्रवीण निगम तथा कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) पवन कुमार ने संयुक्त रूप से ‘मेकर-चेकर प्रोविजन फॉर बैंक अकाउंट चेंज’ प्रणाली का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक (वित्त एवं लेखा) प्रमोद कुमार चोखानी सहित संयंत्र के महाप्रबंधक एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

नई व्यवस्था के तहत कम्प्यूटरीकृत वेतन भुगतान प्रणाली (सीपीआरएस) तथा भिलाई इस्पात संयंत्र-सैप प्रणाली में बैंक खाते से संबंधित किसी भी परिवर्तन को अब बहु-स्तरीय सत्यापन एवं अनुमोदन प्रक्रिया के माध्यम से निष्पादित किया जाएगा। इससे डेटा की शुद्धता सुनिश्चित होने के साथ-साथ वित्तीय लेनदेन की सुरक्षा और प्रणाली की पारदर्शिता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों को नई प्रणाली के संचालन, इसके सुरक्षा प्रावधानों तथा डिजिटल सत्यापन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने इसे मानव संसाधन एवं वित्तीय प्रबंधन प्रणालियों में बेहतर नियंत्रण स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

इस नई डिजिटल व्यवस्था से कर्मचारियों को बैंक खाता परिवर्तन संबंधी अनुरोधों के त्वरित, सुरक्षित एवं व्यवस्थित निष्पादन का लाभ मिलेगा। साथ ही मैनुअल प्रक्रिया में संभावित त्रुटियों और अनियमितताओं पर भी प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित हो सकेगा।उल्लेखनीय है कि इस प्रणाली के सफल क्रियान्वयन में मानव संसाधन विभाग, नियंत्रण एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग तथा वित्त एवं लेखा विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से इस डिजिटल पहल को प्रभावी रूप से लागू किया गया है।