छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना राउंड-3 की तैयारी शुरू

जगदलपुर : छत्तीसगढ़ में युवाओं को रोजगारपरक कौशल और औद्योगिक अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई भारत सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के सफल संचालन हेतु प्रशासनिक स्तर पर तैयारियाँ शुरू हो गई हैं। राज्य शासन के निर्देशानुसार कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने योजना के सुचारू क्रियान्वयन हेतु निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने जिले के सभी संबंधित विभागों को नियत अवधि में वार्षिक कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने का निर्देश दिए हैं।  

       राज्य शासन के द्वारा जारी आदेश के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु इस योजना को धरातल पर क्रियान्वयन करने हेतु प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना जिला निगरानी समिति प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। कलेक्टर इस समिति के पदेन अध्यक्ष होंगे, जबकि एडिशनल कलेक्टर या संयुक्त कलेक्टर को सदस्य सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कलेक्टर द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार जिला स्तर पर प्रभावी मॉनिटरिंग और दैनिक समीक्षा के लिए प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना पोर्टल पर लॉगिन आईडी का निर्माण तुरंत किया जाना है। इसके लिए अधिकृत अधिकारियों का पूरा नाम, पदनाम, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी तुरंत विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं ताकि डेटा ट्रैकिंग और मॉनिटरिंग निर्बाध रूप से की जा सके। इस योजना के माध्यम से जिले के 18-25 आयु वर्ग के युवाओं को लक्षित किया जा रहा है, जिसमें पुरुष और महिला जनसंख्या का एक बड़ा हिस्सा शामिल है। बस्तर जिले के कुल सात विकास खंड में फैले गैर-इंजीनियरिंग कॉलेज, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग कॉलेज और विश्वविद्यालय इस अभियान का हिस्सा बनेंगे ताकि युवाओं तक इस योजना की पहुँच बनाई जा सके।  
     
       
कलेक्टर आकाश छिकारा द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी, शासकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों और इंजीनियरिंग कॉलेज व आईटीआई के प्रमुखों को आपस में समन्वय कर पहल किए जाने कहा गया है। योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, स्कूल शिक्षा और उद्योग विभाग मिलकर कैम्पस ड्राइव, रोड शो और सामुदायिक कार्यक्रमों का आयोजन करेंगे। इसके अतिरिक्त महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से युवतियों की भागीदारी सुनिश्चित करने और आदिवासी विकास विभाग के माध्यम से अनुसूचित जाति, जनजाति व अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं को छात्रावासों के माध्यम से जोड़ने की विशेष योजना तैयार की जा रही है।