बिलासपुर। गणेश उत्सव एवं दुर्गाेत्सव के दौरान शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक बड़ी संख्या में पूजा पंडाल स्थापित किए जाते हैं। पंडालों में आकर्षक विद्युत सजावट, लाइटिंग, साउंड सिस्टम एवं विभिन्न विद्युत उपकरणों का उपयोग किया जाता है। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति को देखते हुए विद्युत सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूषन कपंनी लिमिटेड बिलासपुर ने आयोजन समितियों, पंडाल संचालकों एवं आम नागरिकों से अपील की है कि उत्सव के दौरान विद्युत सुरक्षा संबंधी सभी आवश्यक सावधानियों का अनिवार्य रूप से पालन करें।
विद्युत विभाग ने कहा है कि विद्युत सुरक्षा में छोटी सी लापरवाही भी जान-माल के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। इसलिए पंडाल लगाने से पहले स्थान का चयन, विद्युत लाइनों से दूरी, अस्थायी विद्युत कनेक्शन, वायरिंग, अर्थिंग तथा विद्युत उपकरणों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।
विद्युत लाइनों के नीचे न लगाएं पंडाल
पंडाल का निर्माण विद्युत लाइनों, पोल एवं अन्य विद्युत उपकरणों से पर्याप्त सुरक्षित दूरी रखते हुए किया जाए। विद्युत तारों के नीचे अथवा उनके बहुत नजदीक पंडाल, झंडे, बैनर, पोस्टर, होर्डिंग या विज्ञापन सामग्री न लगाएं। पंडाल की ऊंचाई एवं संरचना ऐसी हो कि किसी भी परिस्थिति में उसका कोई हिस्सा विद्युत तारों के संपर्क में न आए। विशेष रूप से बड़े आकार के पंडाल, लोहे के पाइप, धातु के ढांचे एवं सजावटी सामग्री को विद्युत लाइनों से दूर रखा जाए, क्योंकि इनके विद्युत तारों के संपर्क में आने पर करंट प्रवाहित होने का खतरा रहता है।
सुरक्षित वायरिंग एवं अधिकृत कनेक्शन का करें उपयोग
पंडाल में विद्युत सजावट एवं अन्य उपकरणों के लिए विद्युत कनेक्शन निर्धारित नियमों के अनुसार ही लिया जाए। अस्थायी कनेक्शन के लिए अधिकृत एवं प्रशिक्षित विद्युत कर्मी से ही वायरिंग का कार्य कराया जाए। कटे-फटे, खुले, जले हुए या क्षतिग्रस्त तारों का उपयोग न करें।
ओवरलोडिंग से रहें सावधान
पंडालों में सजावट के लिए बड़ी संख्या में लाइट, झालर, पंखे, साउंड सिस्टम एवं अन्य विद्युत उपकरण लगाए जाते हैं। ऐसे में एक ही लाइन या सॉकेट पर आवश्यकता से अधिक विद्युत उपकरण न चलाएं। ओवरलोडिंग से तार गर्म होने, शॉर्ट सर्किट एवं आग लगने की संभावना बढ़ सकती है।
बारिश के दौरान अतिरिक्त सावधानी जरूरी
गणेश उत्सव एवं दुर्गाेत्सव के दौरान बारिश की संभावना बनी रहती है। बारिश या नमी के कारण विद्युत दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए विद्युत तार, प्लग, सॉकेट, एक्सटेंशन बोर्ड एवं अन्य उपकरणों को पानी से सुरक्षित रखें। गीले हाथों से विद्युत उपकरणों को न छुएं और पानी में डूबे या भीगे हुए विद्युत उपकरणों का उपयोग न करें।
इस संबंध में बिलासपुर रीजन के कार्यपालक निदेषक श्री ए.के.अम्बस्थ ने सभी गणेश उत्सव एवं दुर्गाेत्सव समितियों से अपील की है कि पंडाल निर्माण एवं विद्युत सजावट में सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दें। आयोजन से पहले पूरी विद्युत व्यवस्था की जांच कराएं और किसी भी प्रकार की असुरक्षित वायरिंग या विद्युत कनेक्शन को तत्काल ठीक कराएं। सावधानी, जागरूकता और सुरक्षा के नियमों का पालन ही विद्युत दुर्घटनाओं से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। सुरक्षित विद्युत व्यवस्था के साथ गणेश उत्सव एवं दुर्गाेत्सव मनाएं तथा स्वयं के साथ-साथ श्रद्धालुओं एवं आसपास के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।