बिलासपुर। बिलासपुर पहुंचे सांसद और अभिनेता रवि किशन ने छत्तीसगढ़ी सिनेमा, राजनीति और युवाओं को लेकर कई अहम बयान दिए। उन्होंने छत्तीसगढ़ की संस्कृति और यहां के लोगों की तारीफ करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़िया, सबसे बढ़िया। रवि किशन ने छत्तीसगढ़ी फिल्मों में काम करने की इच्छा भी जाहिर की। वहीं, दिल्ली की रामलीला में भगवान राम की भूमिका निभाने को लेकर उत्साह जताते हुए उन्होंने इसे बड़ी जिम्मेदारी बताया। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर भी उन्होंने खुलकर अपनी बात रखी और 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत का दावा किया।
छत्तीसगढ़ पहुंचे सांसद-अभिनेता रवि किशन ने छत्तीसगढ़ी सिनेमा की संभावनाओं की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़िया, सबसे बढ़िया और अगर मौका मिला तो वे छत्तीसगढ़ी फिल्म में जरूर काम करेंगे। रवि किशन के मुताबिक, क्षेत्रीय सिनेमा में आगे बढ़ने की काफी संभावनाएं हैं। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले मीम्स को लेकर भी उन्होंने अपने खास अंदाज में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, नींबू फेंका तो शरबत बना लिया। उनके इस बयान को मुश्किल परिस्थितियों को भी अवसर में बदलने के संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं, नई पीढ़ी यानी Gen Z को उन्होंने देश का भविष्य बताया और युवाओं की अहमियत पर जोर दिया।
अभिनय से जुड़े सवालों पर रवि किशन ने दिल्ली की रामलीला में भगवान राम की भूमिका निभाने को लेकर अपनी भावनाएं साझा कीं। उन्होंने कहा कि इस किरदार को निभाने के लिए वे उत्साहित हैं, लेकिन मन में डर भी है, क्योंकि भगवान राम की भूमिका निभाना केवल अभिनय नहीं, बल्कि बड़ी जिम्मेदारी है। इस किरदार के साथ लोगों की आस्था और भावनाएं जुड़ी हुई हैं। ऐसे में इस भूमिका को निभाना उनके लिए खास अनुभव होगा। रवि किशन ने इस दौरान अपने फिल्मी अनुभवों और सार्वजनिक जीवन से जुड़े पहलुओं पर भी अपनी बात रखी।
राजनीतिक मुद्दों पर रवि किशन ने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को लेकर कहा कि अगर चुनौती दी है तो सामने आकर मुकाबला करें। यूपी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर उन्होंने भाजपा की जीत और समाजवादी पार्टी की हार का दावा किया। साथ ही उन्होंने योगी सरकार के कामकाज की तारीफ भी की। वहीं, नाना पाटेकर के निधन की खबर पर दुख जताते हुए रवि किशन ने जीवन के बारे में कहा कि इंसान के हाथ में सिर्फ कर्म करना है। बिलासपुर में दिए गए उनके इन बयानों में जहां छत्तीसगढ़ी सिनेमा को लेकर उत्साह नजर आया, वहीं राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर भी उनका बेबाक अंदाज देखने को मिला।