छत्तीसगढ़

मैत्री बाग में वन्यजीव संरक्षण सप्ताह का समापन, संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर

रायपुर। सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के उद्यानिकी एवं नगर सेवाएं विभाग द्वारा मैत्री बाग चिड़ियाघर में आयोजित वन्यजीव संरक्षण सप्ताह-2026 का समापन 11 अक्टूबर को मोमबत्ती लॉन में हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व, रायपुर के मुख्य वन संरक्षक एवं क्षेत्रीय निदेशक श्री गुरुनाथन एन. तथा विशेष अतिथि के रूप में भिलाई इस्पात संयंत्र के कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री पवन कुमार उपस्थित रहे।

उप महाप्रबंधक (उद्यान एवं नगर सेवाएं) श्री विक्रांत शरण के नेतृत्व में 2 से 8 अक्टूबर तक आयोजित सप्ताह के दौरान 2 अक्टूबर को चित्रकला और 7 एवं 8 अक्टूबर को भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। ‘एक सफर मैत्री बाग का’ पहल के तहत 9 एवं 10 अक्टूबर को स्कूली बच्चों को चिड़ियाघर का निःशुल्क भ्रमण कराया गया।

समारोह की शुरुआत स्कूली बच्चों के स्वागत गीत से हुई। अतिथियों ने चित्रकला प्रदर्शनी का अवलोकन किया। विभागाध्यक्ष एवं महाप्रबंधक प्रभारी (नगर प्रशासन एवं निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व) श्री ए.बी. श्रीनिवास ने स्वागत भाषण के साथ विभाग की वार्षिक गतिविधियों की जानकारी दी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पवन कुमार ने कहा कि वन्यजीवों और पर्यावरण का संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने नागरिकों और बच्चों से मैत्री बाग का भ्रमण कर पक्षियों एवं अन्य वन्यजीवों का अवलोकन करने और प्रकृति से जुड़ने का आग्रह किया।

मुख्य अतिथि गुरुनाथन एन. ने सप्ताह की थीम ‘कनेक्टिंग हैबिटेट्स – थ्राइविंग वाइल्डलाइफ’ का उल्लेख करते हुए वन्यजीवों के प्राकृतिक आवासों के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बच्चों और अभिभावकों से इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के बजाय प्रकृति एवं वन्यजीवों के बीच अधिक समय बिताने की अपील की।

समारोह में चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण में योगदान के लिए बालू राम वर्मा, जागेश्वर राव, युवराज देशमुख और सर्वधर्म सेवा संस्था के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। भाषण प्रतियोगिता के विजेता आयुष्मान शर्मा ने अपना विजयी भाषण भी प्रस्तुत किया।

सांस्कृतिक कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी एवं राजस्थानी नृत्य और कथक की प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। प्रतियोगिताओं के निर्णायक शत्रुघ्न स्वर्णकार, मोहन बराल, अपर्णा बनर्जी एवं मीता रॉय तथा उद्घोषक सुप्रियो सेन को भी सम्मानित किया गया। अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट किए गए।