महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों के लिए बड़ा निर्देश, घर पहुंचकर होगा ई-KYC
2026-11-02 10:26 AM
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अम्बिकापुर : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और महिला एवं बाल विकास विभाग की अन्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर अजीत वसंत ने महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक समय पर पहुंचना चाहिए। विशेष रूप से महतारी वंदन योजना के अंतर्गत शेष हितग्राहियों का ई-केवाईसी जल्द पूरा करने और जरूरतमंद लाभार्थियों के घर जाकर प्रक्रिया पूर्ण कराने को कहा गया है। कलेक्टर अजीत वसंत की अध्यक्षता में शनिवार को आयोजित समीक्षा बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति, आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली, बच्चों के पोषण स्तर, जन्म प्रमाण पत्र, आधार अपडेट और रिक्त पदों पर भर्ती सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। कलेक्टर ने अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने और पात्र लोगों को लाभ दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
बीमार और बुजुर्गों को मिलेगी घर पर सुविधा
बैठक में महतारी वंदन योजना को लेकर विशेष निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि जिन हितग्राहियों का ई-केवाईसी अभी तक पूरा नहीं हुआ है, उनकी प्रक्रिया तत्काल पूर्ण कराई जाए। बुजुर्ग, मानसिक रूप से अस्वस्थ, बीमार और चलने-फिरने में असमर्थ हितग्राहियों को ई-केवाईसी कराने के लिए परेशान न होना पड़े। ऐसे लोगों के घर पहुंचकर ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कराई जाए, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न रहे। महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान कुपोषण की समस्या पर भी विशेष ध्यान दिया गया। कलेक्टर ने अधिकारियों को कुपोषण की दर में सुधार लाने के लिए सभी संभावित प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कुपोषण से बाहर आए बच्चों की प्रगति का तुलनात्मक मूल्यांकन करने को कहा, ताकि बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर में आए बदलाव की जानकारी मिल सके।
पोषण पुनर्वास केंद्रों में भर्ती बच्चों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने चिन्हांकित कुपोषित बच्चों को तत्काल पोषण पुनर्वास केंद्र यानी एनआरसी में भर्ती कराने के निर्देश दिए, जिससे उन्हें बेहतर पोषण और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। बैठक में जन्म प्रमाण पत्र निर्माण की प्रगति की समीक्षा करते हुए मैनपाट विकासखंड के सभी सचिवों को लंबित जन्म प्रमाण पत्र जल्द जारी करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही बच्चों के आधार अपडेट और आधार वर्गीकरण का कार्य एक सप्ताह के भीतर पूरा करने को कहा गया। कलेक्टर ने बच्चों के आधार कार्ड और आभा आईडी बनाने के कार्य में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।
कुपोषण से लेकर भर्ती तक दिए निर्देश
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने को कहा। जिन आंगनबाड़ी केंद्रों में अभी तक एक भी पंजीयन नहीं हुआ है, वहां तत्काल पंजीयन प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा सुकन्या समृद्धि योजना और नोनी सुरक्षा योजना के तहत पात्र बालिकाओं का पंजीयन सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं के रिक्त पदों पर भर्ती को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने सभी रिक्त पदों पर पारदर्शिता के साथ भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि दावा-आपत्ति की अंतिम तिथि तक प्राप्त दस्तावेजों को मान्य किया जाए, ताकि भर्ती प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी हो सके।
कलेक्टर ने पोषण ट्रैकर की मासिक रिपोर्ट में सुधार लाने और सभी आवश्यक प्रविष्टियां निर्धारित समय-सीमा में पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने परियोजना और सेक्टर स्तर पर स्वास्थ्य विभाग के साथ नियमित समन्वय बैठक आयोजित करने को भी कहा। इससे बच्चों और महिलाओं से जुड़ी स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं के संचालन में बेहतर तालमेल स्थापित किया जा सकेगा। इसके साथ ही सभी अधिकारियों को आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने और निरीक्षण प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि योजनाओं की वास्तविक प्रगति का आकलन करने और समस्याओं का समय पर समाधान करने के लिए नियमित निगरानी आवश्यक है।
बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी रोमा श्रीवास्तव, जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास जे.आर. प्रधान, नवा बिहान के संरक्षण अधिकारी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी, जिला मिशन समन्वयक, आईपीई ग्लोबल के जिला सपोर्ट मैनेजर सहित विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।